जे0के0/सोनभद्र……..
__बेटे के गुम होने से मां बदहवास, खो चुकी है होश, खाना पीना भी छूटा
__नानी थाने का लगा रही चक्कर, अब तहसील दिवस में डीएम- एसपी से मिलकर लगाई गुहार

Sonbhadra । जनपद सोनभद्र में नाती की खोजबीन के लिए नानी 5 महीने से पुलिस से मदद मांग रही लेकिन कोई महिला का सुनने वाला नहीं, बेटे के वियोग में मां बदहवास हो गई है, अपना होश खो चुकी है, खाना पीना भी छूट गया है, नानी अपने 18 वर्षीय नाती के लिए पुलिस से गुहार लगा रही है लेकिन उसकी मदद करने वाला कोई नहीं है। आज तहसील दिवस में महिला ने डीएम एसपी को पत्र देकर अपने नाती की खोजबीन करने के लिए मदद मांगी है।
ओबरा तहसील परिसर में रो रही यह महिला विश्वमती निवासी खैरटिया थाना ओबरा की रहने वाली है इनका कहना है कि इनका नाती जिसकी उम्र 18 वर्ष है, वह 5 महीने पहले गायब हो गया है, इन्होंने कई बार ओबरा थाने में एप्लीकेशन देकर अपने नाती की तलाश करने के लिए गुहार लगाई है, लेकिन 5 महीने बीत गए पुलिस ने उनका सहयोग नहीं किया।
पांच महीने का वक्त गुजरने के बाद इनके नाती से परिवार की कोई बातचीत नहीं हुई, आज फिर यह महिला तहसील दिवस में डीएम एसपी को पत्र देकर अपने नाती की खोजबीन के लिए सहयोग मांग रही है, इस महिला की फरियाद सुनकर आने जाने वाला हर कोई एक टक देख रहा है।

दरअसल महिला विश्वमति का कहना है कि इनके नाती को ओबरा थना क्षेत्र के फफराकुंड निवासी शिव कुमार और हरिओम ने बाहर काम दिलाने के बहाने ले गए, लेकिन आजतक जितेंद्र यादव (नाती) पता नहीं चला, जबकि ले जाने वाले दोनों शिव कुमार और हरिओम अपने क्षेत्र में घूम रहे हैं, महिला ने पुलिस को भी बताया लेकिन कोई सहयोग नहीं मिला । महिला विश्वमती का कहना है कि उनकी बेटी कलावती अपना होश हो चुकी है वह बदहवास हो गई है, उसको होश नहीं रहता है, और खाना पीना भी छोड़ दी है, क्योंकि जीने का सहारा यही इकलौता लड़का ही है, जिसका कुछ भी पता नहीं है, वह किस हाल में है, वह जिंदा भी है कि नहीं।
महिला की दुख भरी कहानी सुनकर तहसील में हर कोई मदद करना चाह रहा था लेकिन पुलिस ने कोई मदद नहीं किया, आपको बता दें कि पुलिस की कार्य प्रणाली की बात करें तो क्षेत्र में हल्का दरोगा और बीट सिपाही भी तैनात होते हैं, उनके लिए यह कोई बड़ी बात नहीं थी, डिजिटल जमाने में फोन घन घनाने मात्र से ही काम हो सकता है और सारी चीजे साफ हो जाती है, लेकिन किसी ने यह जिम्मेदारी नहीं समझी और महिला 5 महीने से ठोकर खाने को मजबूर है, थाने से लकररें एसपी आफिस तक वह पत्र देकर गुहार लगा चुकी है।
