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Sonu Sood visits Nepal: नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने कई परिवारों से घर, सामान और अपनों को छीन लिया है. त्रिशूली नदी की तबाही के बीच मासूम बच्चे डर और बेबसी में हैं. ऐसे मुश्किल वक्त में बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद राहत सामग्री लेकर प्रभावित इलाकों में पहुंचे और पीड़ितों का हौसला बढ़ाया. उन्होंने बच्चों को गले लगाकर भरोसा दिलाया कि वे अकेले नहीं हैं.सोनू ने नेपाल के लोगों के लिए घर दोबारा बसाने और उम्मीद लौटाने में हरसंभव मदद का भरोसा दिया.
नई दिल्ली. नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने न जाने कितने परिवारों से उनका घर, सामान और अपनों की यादें तक छीन लीं. जिन बच्चों की दुनिया कल तक खिलौनों और स्कूल की किताबों से भरी थी, आज उनके सामने सिर्फ मलबा और तबाही है. किसी का खिलौना पानी में बह गया, किसी की छत उजड़ गई और कई मासूम खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं. मां हो तो पिता का पता नहीं और दोनों हैं तो बच्चों का अता-पता नहीं. तबाही के बाद हर कोई अपनों की तलाश में हैं. रो-रोकर आंखे पत्थरा गई हैं. इस दर्दनाक मंजर के बीच बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने फिर जरूरतमंदों का हाथ थामा है. जो लोगों के लिए इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक छोटी-सी किरण बन गए. फोटो साभार-@sonu_sood/Instagram
26 अगस्त वो खौफनाक तारीख, जिसको नेपाल शायद ही कभी भूल पाएगा. सब कुछ ठीक चल रहा था. लोग काम-धंधे पर निकले थे. बच्चे स्कूल में पढ़ रहे थे. लेकिन त्रिशूली नदी का शांत और निर्मल जल ने रौद्र रूप धारण किया, उसने सब कुछ लील लिया. पानी का उफान अपने साथ केवल मिट्टी और पत्थर नहीं लाया, बल्कि वह अनगिनत हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां, दशकों की मेहनत से बनाए गए आशियाने और मासूमों का बचपन भी बहा ले गया. हर तरफ चीख-पुकार और बेबसी. फोटो साभार-@sonu_sood/Instagram
कुदरत के इस कहर ने नेपाल को अंदर तक झकझोर कर रख दिया. ऐसा लग रहा था मानो अब सब खत्म हो गया है और जिंदगी इस सदमे से कभी नहीं उबर पाएगी. लेकिन कहते हैं ना, जब इंसानियत पर घोर संकट आता है, तो कोई न कोई फरिश्ता उम्मीद की किरण बनकर जरूर आता है. उस घने अंधेरे के बीच एक ऐसा ही मसीहा वहां पहुंचे बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद. फोटो साभार-@sonu_sood/Instagram
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कैमरे की चकाचौंध और मुंबई की आरामदेह जिंदगी से दूर, सोनू सूद खुद ट्रकों में राहत सामग्री भरकर सीधे नेपाल के उन उजड़े हुए इलाकों में पहुंच गए. कीचड़ से सनी और टूटी हुई सड़कों पर चलते हुए जब सोनू त्रिशूली बाजार के उस तबाही वाले इलाके में पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनका दिल पसीज गया. तस्वीरों के साथ उन्होंने वहां के मंजर को बयां किया. फोटो साभार-@sonu_sood/Instagram
सोनू सूद ने नेपाल से कई तस्वीरों को शेयर किया है. उन्होंने लिखा- ‘लोगों ने अपने घर, परिवार और बचपन तक खो दिए हैं, लेकिन अब मिलकर उन्हें एक नई शुरुआत देने में मदद करनी होगी. उनका संदेश साफ था- नेपाल अकेला नहीं है’. फोटो साभार-@sonu_sood/Instagram
त्रिशूली नदी के पास खड़े होकर सोनू सूद ने उस दर्द को करीब से महसूस किया, जिसे शायद तस्वीरों या खबरों के जरिए पूरी तरह समझ पाना मुश्किल है. उन्होंने दूसरा पोस्ट शेयर कर लिखा- आज मैं त्रिशूली नदी के किनारे खड़ा हूं, जहां बाढ़ अपने पीछे ऐसी तबाही छोड़ गई है, जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल है-टूटे हुए घर, बिखरे हुए परिवार और हमेशा के लिए बदल गई जिंदगियां. नेपाल अकेला नहीं है. मैं यहां के लोगों के साथ खड़ा हूं और मैं हर मुमकिन कोशिश करूंगा कि फिर से उम्मीदें जागें, घर दोबारा बनें और ये परिवार फिर से जीना शुरू करें.’ फोटो साभार-@sonu_sood/Instagram
सोनू सूद की पोस्ट देखने के बाद फैंस उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं. लोग उन्हें रियल हीरो कह रहे हैं. एक यूजर ने लिखा- हमारा हीरो, आप पर गर्व है. एक नेपाल के यूजर ने लिखा- नेपाल के मुश्किल वक्त में उसके साथ खड़े होने के लिए आपका दिल से शुक्रिया.आपकी इस दरियादिली ने लाखों लोगों के दिलों को छुआ है. आपने सिर्फ मदद का हाथ नहीं बढ़ाया, बल्कि उस वक्त लोगों को उम्मीद दी, जब उन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी. शायद हम कभी आपका एहसान पूरी तरह नहीं चुका पाएंगे, लेकिन इतना जरूर कहना चाहेंगे कि नेपाल आपकी इस दया और इंसानियत को हमेशा याद रखेगा. फोटो साभार-@sonu_sood/Instagram
आपको बता दें कि कोरोना महामारी के दौरान रातों-रात लाखों बेबस मजदूरों को उनके घर पहुंचाने वाले इस ‘रियल लाइफ हीरो’ ने एक बार फिर साबित कर दिया कि इंसानियत की कोई सरहद नहीं होती. भारत से नेपाल तक का यह सफर सिर्फ खाने के पैकेट या कंबल पहुंचाने का नहीं था, बल्कि यह एक संदेश था कि दर्द चाहे किसी का भी हो, उसे बांटने वाले हाथ हमेशा आगे आएंगे. फोटो साभार-@sonu_sood/Instagram
