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Kota News: कोटा के शशांक सैनी ने श्रीगंगानगर में आयोजित SGFI की 70वीं राज्य स्तरीय कराटे प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीतकर शहर का नाम रोशन किया. साल 2019 से कराटे का अभ्यास कर रहे शशांक रोजाना 4 घंटे मेहनत करते हैं. अब उनका लक्ष्य नेशनल ट्रायल में गोल्ड मेडल जीतना और भविष्य में एशियन गेम्स में देश के लिए पदक हासिल करना है.
कोटा. श्रीगंगानगर में आयोजित स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) की 70वीं राज्य स्तरीय कराटे प्रतियोगिता में कोटा के शशांक सैनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया. प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीतकर शशांक ने कोटा का नाम रोशन किया है. अब उनकी नजर आगामी राष्ट्रीय स्तर की ट्रायल प्रतियोगिता पर है, जहां वे गोल्ड मेडल जीतकर राजस्थान का मान बढ़ाना चाहते हैं.
शशांक सैनी साल 2019 से लगातार कराटे और मार्शल आर्ट्स का अभ्यास कर रहे हैं, पिछले कई सालों से वे खेल की बारीकियां सीखने और अपने को बेहतर बनाने में जुटे हैं. पढ़ाई के दबाव के लिहाज से खेल के लिए समय निकालना उनके लिए चुनौती बनी हुई है, लेकिन शशांक ने इसे कभी अपनी मेहनत के आड़े नहीं आने दिया. वे पढ़ाई और प्रैक्टिस के बीच बैलेंस बनाकर अपने गोल की ओर बढ़ रहे हैं. शशांक रोजाना करीब 4 घंटे प्रैक्टिस करते हैं, उनकी दिनचर्या में सुबह रनिंग और फिटनेस ट्रेनिंग के साथ शाम को मैट पर कराटे की तकनीकों का अभ्यास जुड़ा है. नियमित अभ्यास के जरिए वे अपनी शारीरिक क्षमता, फुर्ती और तकनीक को बेहतर बनाने पर ध्यान देते हैं.
माता-पिता और कोच को दिया सफलता का श्रेय
शशांक का कहना है कि पढ़ाई और खेल दोनों को साथ लेकर चलना थोड़ा मुश्किल जरूर होता है, लेकिन लक्ष्य हासिल करने के लिए मेहनत जरूरी है. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और कोच को दिया. शशांक के अनुसार, उनके माता-पिता ने हमेशा खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया और कभी अभ्यास करने से नहीं रोका. वहीं, उनके कोच बड़े भाई की तरह मार्गदर्शन करते हैं और गलतियों को सुधारकर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए मोटिवेट करते हैं. शशांक का सपना राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में पदक जीतना है. राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल करने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और अब वे नेशनल ट्रायल प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने की तैयारी में जुटे हैं.
जिला स्तर पर दो बार जीत चुके हैं गोल्ड
शशांक सैनी इससे पहले भी कई कराटे प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित कर चुके हैं. वे SGFI की जिला स्तरीय कराटे चैंपियनशिप में दो बार स्वर्ण पदक जीत चुके हैं. इसके अलावा 11वीं आबू चैलेंज कप कराटे चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल हासिल किया है. कराटे इंडिया ऑर्गनाइजेशन (KIO) की जिला चैंपियनशिप में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीता है. लगातार मिल रही सफलताओं के बीच राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में रजत पदक उनकी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है. अब शशांक की कोशिश राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाकर गोल्ड मेडल जीतने की है. शशांक का कहना है कि वह नेशनल ही नहीं एशियन गेम्स में भी मेडल लाकर देश का नाम रोशन करना चाहते हैं.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…

