लखनऊः उत्तर प्रदेश में हर रोज नए एक्सप्रेसवे और हाईवे का निर्माण हो रहा है. पूरे सूबे में सड़कों का जाल बिछा हुआ है. साथ ही सरकार अभी और कई प्रोजेक्ट पर काम कर रही है. इसी कड़ी में ग्रेटर नोएडा से बलिया तक 8 लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे बनाने की प्लानिंग की जा रही है. प्रस्तावित एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 1047 किलोमीटर होगी, जिसके निर्माण में 30 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे. यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के 17 जिलों से होकर गुजरेगा. ऐसे में केवल यूपी ही नहीं बल्कि बलिया से सटे बिहार के कई जिलों को इसका लाभ मिलेगा.
किन जिलों से होकर गुजरेगा यह एक्सप्रेसवे
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी की प्रेस रिलीज के मुताबिक यह एक्सप्रेसवे गौतमबुद्ध नगर से शुरू होकर बुलंदशहर, अलीगढ़, फर्रुखाबाद, हरदोई, प्रयागराज, वाराणसी और गाजीपुर सहित सूबे के 17 जिले से गुजरकर बलिया तक पहुंचेगा. हालांकि अभी यह एक्सप्रेसवे प्रस्तावित है.
कहां से शुरू होगा यह एक्सप्रेसवे
ग्रेटर नोएडा से लेकर बलिया तक जाने वाले इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत ग्रेटर नोएडा के सिरसी गांव से होगा. इसके बाद बुलंदशहर, अलीगढ़, बदायूं, कांशीराम नगर (कासगंज), फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज, संत रविदास नगर, मिर्जापुर, वाराणसी और गाजीपुर होते हुए बलिया तक पहुंचेगा. बलिया के फेफना के पास मौजूद स्टेट हाईवे-34 से इसे जोड़ने की प्लानिंग है.
| Major Bridges | 39 |
|---|---|
| Minor Bridges | 199 |
| Culverts | 1248 |
| Bridge over Ganga | 04 |
| Rail Over Bridges (ROBs) | 27 |
| Interchanges | 25 |
| Flyover | 23 |
| Under passes | Vehicular- 187, Pedestrian – 244 |
तीन लिंक एक्सप्रेसवे भी होंगे तैयार
इस प्रोजेक्ट में मेन एक्सप्रेसवे के अलावा तीन लिंग एक्सप्रेसवे बनाने की भी तैयारी है. पहला लिंक एक्सप्रेसवे फर्रुखाबाद के लिए प्रस्तावित है, जिसकी लंबाई 19.215 किलोमीटर होगी. दूसरा लिंक लखनऊ के लिए हैं, इसकी लंबाई 90.22 किलोमीटर है. तीसरा लिंक मिर्जापुर के लिए प्रस्तावित है, जिसकी लंबाई करीब 13.551 किलोमीटर है. इन तीनों लिंक एक्सप्रेसवे की लंबाई 123 किलोमीटर है.
एक्सप्रेसवे पर बनेंगे 39 बड़े पुल
प्राप्त जानकारी के मुताबिक एक एक्सप्रेसवे पर कुल 39 बड़े ब्रिज और 199 छोटे ब्रिज बनाए जाएंगे. इसके अलावा गंगा नदी पर चार पुल बनाने की प्लानिंग है. रेलवे क्रॉसिंग पर 27 रेल ओवरब्रिज, वाहनों की आवाजाही के लिए 187 अंडरपास और पैदल यात्रियों के लिए 244 अंडरपास प्रस्तावित है.
एक्सप्रेसवे के लिए 1949 गांव अधिसूचित, हजारों हेक्टेयर जमीन की जरूरत
परियोजना के लिए बड़े पैमाने पर जमीन की जरूरत का आंकलन किया गया है. मुख्य एक्सप्रेसवे और तीन लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए लगभग 15,120 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित करने का प्रस्ताव है. इसके अलावा अलग-अलग स्थानों पर लैंड पार्सल विकसित करने के लिए 11,254 हेक्टेयर जमीन की जरूरत बताई गई है.

