• Contact US
  • Privacy Policy
Sonebhadra Live
  • Home
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
No Result
View All Result
  • Home
  • सोनभद्र
  • सिंगरौली
  • उत्तर प्रदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • राष्ट्रीय
  • वायरल वीडियो
No Result
View All Result
Sonebhadra Live
No Result
View All Result

विदेशी पार्टियों में गाना गाती थीं सिंगर, राजकपूर ने बॉलीवुड में दिया मौका, राजेंद्र कुमार की फिल्म से हुईं फेमस

Admin by Admin
October 24, 2026
in मनोरंजन
0
विदेशी पार्टियों में गाना गाती थीं सिंगर, राजकपूर ने बॉलीवुड में दिया मौका, राजेंद्र कुमार की फिल्म से हुईं फेमस


Last Updated:October 24, 2026, 11:50 IST

शारदा राजन अयंगर ईरान की राजधानी तेहरान में भारतीय समुदाय की पार्टियों में गाना गाती थीं. राज कपूर उनकी आवाज से पहली बार में बहुत इम्प्रेस हुए थे. फिल्ममेकर राज कपूर ने शारदा राजन को भारत आकर बॉलीवुड में किस्मत आजमाने का मौका दिया. सिंगर को राजेंद्र कुमार-वैजयंतीमाला 1966 में आई फिल्म ‘सूरज’ से बॉलीवुड में मौका मिला था.

विदेशी पार्टियों में गाना गाती थीं सिंगर, राजकपूर ने बॉलीवुड में दिया मौकाZoom

शारदा रंजन को राज कपूर ने बॉलीवुड में मौका दिया था.

नई दिल्ली.  भारतीय संगीत जगत में अपनी मीठी और जादुई आवाज से पहचान बनाने वाली प्लेबैक सिंगर शारदा राजन अयंगर को लोग आज भी सिर्फ ‘शारदा’ के नाम से याद करते हैं. 1960 और 70 के दशक में अपनी अलग आवाज और गायकी के अंदाज से उन्होंने बॉलीवुड में खास मुकाम बनाया. दिलचस्प बात यह है कि उनका फिल्मी सफर मुंबई के किसी स्टूडियो से नहीं, बल्कि ईरान की राजधानी तेहरान में भारतीय समुदाय की पार्टियों में गाने से शुरू हुआ था.

25 अक्टूबर 1933 को तमिलनाडु के कुंभकोणम में जन्मीं शारदा को बचपन से संगीत का शौक था. वह हिंदी गानों को तमिल में लिखकर गुनगुनाया करती थीं. बाद में उनका परिवार तेहरान चला गया, जहां भारतीय समुदाय के कार्यक्रमों में उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलने लगा. शारदा की जिंदगी में बड़ा मोड़ तब आया, जब तेहरान में फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर श्रीचंद आहूजा ने राज कपूर के सम्मान में एक पार्टी आयोजित की.

पार्टी में गाना गाती थीं शारदा

इस पार्टी में शारदा ने भी गाना गाया. उनकी आवाज ने राज कपूर को इतना प्रभावित किया कि उन्होंने शारदा को मुंबई आने का न्योता दे दिया. मुंबई पहुंचने के बाद राज कपूर ने उनकी मुलाकात मशहूर संगीतकार जोड़ी शंकर-जयकिशन के शंकर से करवाई. शारदा ने उस्ताद जगन्नाथ प्रसाद और मुकेश से भी संगीत की बारीकियां सीखीं.

राजेंद्र कुमार-वैजयंतीमाला की फिल्म से किया था डेब्यू

साल 1966 में फिल्म ‘सूरज’ से शारदा को बॉलीवुड में बड़ा मौका मिला. फिल्म का उनका गाया गाना ‘तितली उड़ी, उड़ जो चली’ जबरदस्त हिट साबित हुआ और शारदा रातों-रात लोकप्रिय हो गईं. इसके बाद उन्होंने ‘गुमनाम’, ‘शतरंज’ और ‘अराउंड द वर्ल्ड’ जैसी फिल्मों के लिए भी अपनी आवाज दी. अपने करियर में उन्होंने मोहम्मद रफी, किशोर कुमार, मुकेश, आशा भोसले और के.जे. येसुदास जैसे दिग्गज गायकों के साथ काम किया. वहीं वैजयंतीमाला, साधना, हेमा मालिनी, रेखा, शर्मिला टैगोर और मुमताज जैसी अभिनेत्रियों के लिए भी उन्होंने प्लेबैक किया.

फिल्मफेयर से हुई नई शुरुआत

‘तितली उड़ी’ से जुड़ा फिल्मफेयर का किस्सा भी बेहद दिलचस्प है. उस दौर में पुरुष और महिला गायकों के लिए अलग-अलग प्लेबैक श्रेणियां नहीं थीं. बताया जाता है कि ‘तितली उड़ी’ और मोहम्मद रफी के ‘बहारों फूल बरसाओ’ को बराबर वोट मिले थे. मुख्य पुरस्कार रफी को मिला, जबकि शारदा को विशेष सम्मान दिया गया. इसके बाद फिल्मफेयर में पुरुष और महिला प्लेबैक सिंगर्स के लिए अलग-अलग श्रेणियां बनाई गईं. शारदा लगातार चार वर्षों तक नॉमिनेट भी हुईं.

About the Author

authorimg

Pranjul SinghSub-Editor

From the precision of chemistry labs to the vibrant chaos of a newsroom, my journey has been about finding the perfect formula for a great story. A graduate in Chemistry Honours from the historic Scottish Churc…

और पढ़ें

Location :

New Delhi,Delhi

First Published :

October 24, 2026, 11:50 IST





Source link

Views: 20
Download Sonebhadra Live App
Previous Post

मेरठ लकड़ी के बल्ले ही नहीं प्लास्टिक बैट में भी बनाई पहचान, 60 से 700 रुपये तक है कीमत, प्रैक्टिस के लिए होता है इस्तेमाल

Next Post

सहारनपुर की साजिया दो साल से बना रही हैं नेचुरल तरीके से साबुन, एलोवरेा, नीम, मुल्तानी मिट्टी का करती हैं इस्तेमाल, स्किन की टैनिंग होती है दूर

Next Post
सहारनपुर की साजिया दो साल से बना रही हैं नेचुरल तरीके से साबुन, एलोवरेा, नीम, मुल्तानी मिट्टी का करती हैं इस्तेमाल, स्किन की टैनिंग होती है दूर

सहारनपुर की साजिया दो साल से बना रही हैं नेचुरल तरीके से साबुन, एलोवरेा, नीम, मुल्तानी मिट्टी का करती हैं इस्तेमाल, स्किन की टैनिंग होती है दूर

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Contact US
  • Privacy Policy

© 2026 Sonebhadra Live News - Design by Cliker Studio.

error: Content is protected !!
No Result
View All Result
  • Contact US
  • Privacy Policy

© 2026 Sonebhadra Live News - Design by Cliker Studio.

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement