Akhilesh Yadav on MLC Election: उत्तर प्रदेश (यूपी) में 23 अक्टूबर, शुक्रबार को एमएलसी का चुनाव होने वाला है. इसे लेकर सियासी पारा गरम है. समाजवादी पार्टी (सपा) चीफ अखिलेश यादव ने 22 अक्टूबर, गुरुवार को कुछ अधिकारियों को धमकी दे डाली. वे सपा नेता सोनू कनौजिया के पिता श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि जिन अधिकारियों खिलाफ जो सबूत मिलेंगे, उनको जेल भेजा जाएगा. उन्होंने साथ ही चुनाव आयोग से निष्पक्ष रहने की अपील की.
अखिलेश यादव ने कहा, ‘ध्यान रहे कि किसी भी तरह की हेराफेरी नहीं हो. वोट चोरी नहीं हो पाए. अधिकारी पार्टी वर्कर न बने, नहीं तो जेल जाने को भी तैयारी रहे. शिक्षा विभाग में लूट हुई है. पैसे लेकर ट्रांसफर-पोस्टिंग में खेल हुआ है. बीएसए और डीआईओएस नहीं बच सकते हैं.’ उन्होंने भाजपा पर भी हमला किया. बोले कि बिना धांधली और हेराफेरी के भाजपा कोई भी चुनाव नहीं जीत सकती है. डीआईओएस और बीएसए फोन से शिक्षकों को धमका रहे है. शिक्षक-स्नातक निर्वाचन में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को बेइमानी और डराने-धमकाने का काम दिया जा रहा है.
वोटर लिस्ट भाजपा के मंत्रियों के पास
अखिलेश ने कहा कि एमएलसी चुनाव की वोटर लिस्ट किसी के पास नहीं है. लेकिन भाजपा के मंत्रियों के पास है. वह कैसे पहुंची? किसी कम्पनी को हायर किया होगा. तभी मंत्री के वायस से कॉलिंग हो रही है. यह बिना डाटा हासिल किए नहीं हो सकता है. अखिलेश ने अपने कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की हिदायत देते हुए कहा कि वे इस तरह की हर वॉयस कॉलिंग और गड़बड़ी के सबूतों को रिकॉर्ड कर सुरक्षित रखें. हमारे पास अयोध्या, फैजाबाद के चुनावों की रिकॉर्डिंग है.
एलडीए विभाग है करप्शन का अड्डा
अखिलेश ने एलडीए विभाग पर बोला कि यह तो करप्शन का अड्डा है. ये पैसा इकट्ठा करता है. इसे भाजपा के लोगों ने भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया है. भाजपा सरकार सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने में लगी हुई है. कई बड़े अधिकारियों के चेहरे जांच के दौरान बेनकाब होंगे. उन्होंने कहा कि भेदभाव करने वाला सनातनी नहीं हो सकता है.
केवल समाजवादी पार्टी ही दिल सकती है हक
अखिलेश ने कहा कि आरक्षण, हक और सम्मान केवल समाजवादी पार्टी ही दे सकती है. एसआईआर को लेकर जो दावे थे उसके बावजूद एक व्यक्ति के 4 वोट निकलना, 10 वोट निकलना क्या है? जिस गणना पर करोड़ों रुपये खर्च हुए और कई बीएलओ की जान गई, उस पर निर्वाचन आयोग इसे ‘छोटी-मोटी गलती’ बता रहा है, जबकि यह बहुत बड़ी और गंभीर चूक है. सबसे बड़ी उपलब्धि पीडीए प्रहरी की यह है कि इलेक्शन कमीशन ने अपनी गणना में गलतियां स्वीकार कर रहा है.
मैदान में अखिलेश के धुरंधर
अखिलेश यादव ने स्नातक क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार लखनऊ से कांति सिंह, इलाहाबाद, झांसी खण्ड से डॉ. मान सिंह, वाराणसी, मिर्जापुर खंड से आशुतोष सिन्हा तथा मेरठ, सहारनपुर से प्रमेन्द्र सिंह तथा आगरा, अलीगढ़ खण्ड से शशांक यादव है. शिक्षक क्षेत्र से उम्मीदवार आगरा-अलीगढ़ खंड से डॉ. आकाश अग्रवाल, लखनऊ खंड से सुशील पटेल, गोरखपुर-फैजाबाद से डॉ. संजयन त्रिपाठी, बरेली मुरादाबाद से हाजी मोहम्मद दानिश अख्तर, वाराणसी-मिर्जापुर से लाल बिहारी यादव तथा मेरठ-गाजियाबाद खंड से नितिन तोमर प्रत्याशी है. (उज्जवल सिंह द्वारा तैयार की गई)

