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रिटायरमेंट के बाद नियमित आमदनी के लिए पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) एक निवेश विकल्प है. इस योजना में पात्र वरिष्ठ नागरिक अधिकतम 30 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं और हर तीन महीने में ब्याज प्राप्त कर सकते हैं. जानिए SCSS की पात्रता, ब्याज दर, निवेश की सीमा और पोस्ट ऑफिस की अन्य बचत योजनाओं के बारे में.
बरेली: रिटायरमेंट के बाद नियमित आमदनी बनाए रखना वरिष्ठ नागरिकों के सामने बड़ी चुनौती होती है. ऐसे में डाकघर की सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) बुजुर्गों के लिए सुरक्षित निवेश का एक विकल्प है. भारत सरकार की इस योजना में पात्र नागरिक निवेश करके हर तीन महीने में ब्याज प्राप्त कर सकते हैं. खास बात यह है कि इसमें पांच साल की निवेश अवधि निर्धारित है, जिसे नियमों के अनुसार आगे भी बढ़ाया जा सकता है.
60 साल की उम्र में खुलवा सकते हैं SCSS खाता
इस योजना की जानकारी देने के लिए बरेली हेड पोस्ट ऑफिस के सीनियर पोस्ट मास्टर अरुण कुमार से बातचीत की गई. उन्होंने बताया कि सामान्य तौर पर 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिक इस योजना में खाता खुलवा सकते हैं. वहीं, निर्धारित शर्तों के तहत 55 से 60 वर्ष की आयु के कुछ सेवानिवृत्त कर्मचारी भी इसका लाभ ले सकते हैं. सेवानिवृत्त रक्षा कर्मियों के लिए भी विशेष पात्रता नियम हैं.
SCSS में मिल रहा 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज
अरुण कुमार के मुताबिक, SCSS में फिलहाल 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज दर निर्धारित है. हालांकि, ब्याज दर सरकार द्वारा समय-समय पर संशोधित की जा सकती है. इस योजना में न्यूनतम एक हजार रुपये और अधिकतम 30 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है. ब्याज का भुगतान हर तीन महीने में किया जाता है, जिससे रिटायरमेंट के बाद नियमित खर्चों को पूरा करने में मदद मिल सकती है. इसमें ब्याज की गणना और भुगतान के नियमों को समझना जरूरी है, क्योंकि ब्याज स्वतः चक्रवृद्धि के रूप में नहीं जुड़ता.
पति-पत्नी भी खुलवा सकते हैं संयुक्त खाता
इसके अलावा, पति-पत्नी संयुक्त खाता भी खुलवा सकते हैं. खाताधारक की मृत्यु होने पर जीवनसाथी के अधिकार और खाते के संचालन से जुड़े प्रावधान लागू होते हैं.
पोस्ट ऑफिस की MIS और अटल पेंशन योजना भी विकल्प
वरिष्ठ नागरिकों के अलावा अन्य आयु वर्ग के लोगों के लिए भी डाकघर में निवेश और पेंशन से जुड़ी योजनाएं उपलब्ध हैं. पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम में पात्र निवेशकों को हर महीने ब्याज मिलता है. वहीं, अटल पेंशन योजना में पात्र लोगों को 60 वर्ष की आयु के बाद चुने गए विकल्प के अनुसार एक हजार से पांच हजार रुपये तक मासिक पेंशन मिल सकती है. नेशनल पेंशन सिस्टम भी लंबी अवधि में रिटायरमेंट के लिए फंड तैयार करने का विकल्प है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…

