लखनऊ: शिवा शर्मा की मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है. इस केस में तलाश की जा रही श्रद्धा दुबे को नागपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है. श्रद्धा के साथ उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश को भी पुलिस की पकड़ में आ गए हैं. यूपी एसटीएफ और लखनऊ पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन कर इन तीनों को पकड़ा है. बीते 11 दिनों से आरोपियों की तलाश की जा रही थी. अब सवाल उठा है कि लखनऊ से किस रास्ते से श्रद्धा नागपुर कैसे पहुंची थी.
अब तक मिली जानकारी के मुताबिक श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और ड्राइवर 18 अक्टूबर को लखनऊ से कानपुर, कानपुर से फतेहपुर, फतेहपुर से सतना और सतना से नागपुर पहुंची थी. इस बीच UP78 TT 4862 एर्टिगा से लखनऊ से कानपुर और आगे का सफर तय किया था. लखनऊ में मीडिया को बाईट देकर कानपुर पहुंची. श्रद्धा ने किसी लोकल के जरिए नागपुर में फ्लैट लिया था.
इस दौरान उनके नेपाल भागने की आशंका भी जताई जा रही थी. लेकिन जिस मामले में नेपाल तक फरार होने की चर्चाएं थीं, उसमें गिरफ्तारी महाराष्ट्र के नागपुर से हुई. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर पुलिस को आरोपियों की लोकेशन का पता कैसे चला?
आगरा के होटल से नागपुर तक पहुंची तलाश
मिली जानकारी के मुताबिक, 17 तारीख को श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश ने आगरा के ओम पैलेस होटल में चेक-इन किया था. होटल के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आने की बात कही गई. बताया जा रहा है कि 18 तारीख की सुबह करीब 6:30 बजे तीनों होटल से चेक-आउट कर नागपुर के लिए रवाना हुए थे.
जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया गया कि आगरा में उनकी मौजूदगी के बाद पुलिस ने उनकी गतिविधियों को ट्रेस किया. इसके बाद उत्तर प्रदेश एसटीएफ और लखनऊ पुलिस की टीम नागपुर तक पहुंची और संयुक्त कार्रवाई में तीनों को गिरफ्तार कर लिया. हालांकि, आरोपियों की लोकेशन का पता लगाने, उनकी गतिविधियों पर नजर रखने और गिरफ्तारी की पूरी रणनीति को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है.
नेपाल भागने की आशंका के बीच महाराष्ट्र में मिली लोकेशन
शिवा शर्मा की मौत के बाद श्रद्धा दुबे और उसके साथियों की तलाश तेज की गई थी. इस दौरान उनके नेपाल भागने की अटकलें भी सामने आईं. लखनऊ पुलिस की टीमें अलग-अलग संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही थीं. रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को नेपाल जाने वाले संभावित रास्तों के बारे में भी जानकारी मिली थी, लेकिन आरोपियों का पता नहीं चल पा रहा था. इस बीच श्रद्धा दुबे के मीडिया में सामने आने और इंटरव्यू देने के बाद मामला और चर्चा में आ गया. फिर उत्तर प्रदेश एसटीएफ की भूमिका बढ़ी और संयुक्त ऑपरेशन के बाद नागपुर से गिरफ्तारी की खबर सामने आई.
टीम में बदलाव के बाद 24 घंटे में कार्रवाई
इस मामले में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे थे. रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपियों को तलाशने में देरी को लेकर तीन अधिकारियों को हटाया गया था. इसके बाद टीम में बदलाव हुआ और कथित तौर पर 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी की कार्रवाई हो गई.
अब आगे क्या होगा?
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को नागपुर से लखनऊ लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी. इसके बाद पुलिस उनसे पूछताछ कर सकती है. जांच का अहम पहलू यह होगा कि शिवा शर्मा की मौत से पहले और बाद में क्या घटनाक्रम हुआ था, मौके पर कौन मौजूद था और आरोपों के समर्थन में कौन-से साक्ष्य उपलब्ध हैं.
शिवा शर्मा की मां लगातार इंसाफ की मांग कर रही थीं. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर भी मामले में कार्रवाई की गुहार लगाई थी. ऐसे में तीनों की गिरफ्तारी को जांच की दिशा में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है. हालांकि, मामले की पूरी तस्वीर पूछताछ, साक्ष्यों और पुलिस की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी.

