Last Updated:
उत्तर प्रदेश का मिर्जापुर जिला अपनी खास पहचान वाले उत्पादों के लिए जाना जाता है. यहां की हस्तनिर्मित कालीन और पीतल के बर्तनों से लेकर मिर्च, ड्रैगन फ्रूट और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के बनाए LED बल्ब तक की मांग है. इनमें से कुछ उत्पाद विदेशों तक पहुंच रहे हैं, जबकि कई स्थानीय किसानों और महिलाओं के लिए रोजगार और कमाई का जरिया बने हुए हैं. जानिए मिर्जापुर के इन पांच खास उत्पादों की कहानी.
मिर्जापुर : उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के यह पांच उत्पाद जो बेहद ही खास है. इनकी डिमांड न सिर्फ देश में है, बल्कि कुछ प्रोडक्ट की डिमांड विदेश में भी है. मिर्जापुर जिले की कालीन, पीतल के बर्तन, मिर्च, ड्रैगन फूड और समूह की महिलाओं के द्वारा बनाए गए एलईडी बल्ब की डिमांड खूब है. यह पांच उत्पाद ऐसे हैं, जिससे यहां के लोगों की जबरदस्त आमदनी हो रही है.
मिर्जापुर जिले की कालीन के उत्पाद की डिमांड विदेश में सबसे ज्यादा है. यहां पर सैकड़ों सालों से हस्तनिर्मित कालीन बनाई जा रही है, जिसे अमेरिका, रशिया, ब्रिटेन व दुबई सहित अन्य देशों में भेजा जा रहा है. आज भी कालीन की डिमांड सबसे ज्यादा है. मिर्जापुर जिले के कालीन की अलग ही पहचान है. समय बदला लेकिन कालीन की डिमांड अभी भी कम नहीं हुई.
मिर्जापुर के पीतल के बर्तन प्राचीन काल से यहां की परंपराओं को जीवित रखे हुआ है. पुराने समय से यहां पीतल के बर्तन तैयार किया जा रहे हैं, जिन्हें नेपाल सहित अन्य जगहों पर भेजा जाता है. देश के अलग-अलग प्रांतों में यहां के बने हुए पीतल के बर्तनों के खूब डिमांड है. हालांकि, अब पीतल के बर्तनों की उपयोगिता कम हुई, लेकिन अभी भी यह कारोबार जीवित है और कई लोगों को रोजगार दे कर रखा है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
मिर्जापुर जिले में किसानों के द्वारा उगाई जा रही मिर्च व शिमला मिर्च की डिमांड गल्फ देशों में है. गल्फ देश में मिर्जापुर जिले की मिर्च को भेजा जा रहा है. एपीडा के माध्यम से यहां के किसान खूब पैसे कमा रहे हैं. मिर्जापुर में मिर्च की सबसे ज्यादा खेती होती है यहां की मिर्च की डिमांड न सिर्फ विदेश में बल्कि देश में भी है, जहां अलग-अलग जगह पर मिर्च भेजे जाते हैं.
मिर्जापुर जिले में ड्रैगन फ्रूट की खेती होती है. ड्रैगन फ्रूट यहां का प्रसिद्ध फल बन गया है. प्रदेश में सबसे ज्यादा ड्रैगन फूड की खेती मिर्जापुर जिले में होती है. यही वजह है कि यहां पर ड्रैगन फ्रूट की डिमांड खूब है. प्रदेश और देश के अलग-अलग हिस्सों में यहां के ड्रैगन फूड भेजे जाते हैं. यह किसानों के आमदनी में दो गुनी हो गई है.
मिर्जापुर में विन्ध्य स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा एलईडी बल्ब बनाया जा रहा है. एलईडी बल्ब बेचकर महिलाएं खूब पैसे कमा रही है. इन बल्ब की डिमांड मिर्जापुर में है. बल्कि, इन्हें प्रदेश स्तर पर भी सप्लाई किया जाता है. समूह की महिलाएं स्वयं इसे बनाती हैं और खुद ही मार्केटिंग करके इसकी बिक्री करती है. पहले तो कम बिक्री होता था, लेकिन अब इसके खूब डिमांड है.

