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उत्तर प्रदेश के संभल जिले के संभल विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी दो फाड़ में नजर आने लगी है. एक तरफ जहां सात बार के विधायक इकबाल महमूद दावा ठोंक रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ संभल सांसद जियाउर्र रहमान बर्क ने अपने पिता को चुनाव लड़ाने का ऐलान कर दिया है.
संभल सांसद ने अपनी ही पार्टी के विधायक इकबाल महमूद को दी चेतावनी.
संभलः 2027 के विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले यूपी की चर्चित संभल विधानसभा सीट पर सपा में धड़ेबंदी शुरु हो गई है. सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने सात बार के सपा विधायक इकबाल महमूद को दरकिनार कर अपने पिता को चुनाव लड़ाने का ऐलान किया है. संभल सीट पर सांसद के पिता ममलूकुर्रहमान बर्क द्वारा सपा से विधानसभा का टिकट मांगने पर सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि इसमें गलत क्या है? यदि अखिलेश यादव उनके पिता को टिकट देते देते हैं तो वे अपने पिता को पूरी ताकत से चुनाव लड़ाएंगे.
पिता को चुनाव लड़वाएंगे संभल सांसद
सांसद ने कहा कि उनके पिता सभी की मदद करते हैं. लगातार के सात बार के सपा विधायक इकबाल महमूद को टिकट की जगह सांसद ने अपने पिता के टिकट मांगने की हिमायत की है. वहीं टिकट मिलने पर उन्हें चुनाव लड़ाने का भी ऐलान किया है. चुनाव से पहले सपा सांसद और विधायक के बीच शुरु हुई धड़ेबंदी का सपा को कितना फायदा और नुकसान जाता है ये तो बाद में पता लगेगा. मगर पश्चिम यूपी की ये मुस्लिम बहुल सीट, कितनी महत्वपूर्ण है, जिसका ओवैसी के बयान से अनुमान लगाया जा सकता है.
ओवैसी के चैलेंज पर सपा सांसद का पलटवार
ओवैसी ने संभल सीट पर सीएम योगी आदित्यनाथ को हराने का चेलेंज किया है. सपा के धड़ों और एआईएमआईएम चीफ के सीएम को चैलेंज से इस सीट का महत्व समझा जा सकता है. वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ को संभल में हराने के ओवैसी के चेलेंज पर संभल के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कई दिन बाद चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने कहा कि संभल से लड़ने के ओवैसी के चेलेंज का क्या मतलब है? वे योगीजी को हैदराबाद में हराने को कहें.
‘अगर बीजेपी को हराना चाहते हैं ओवैसी तो…’
इसके अलावा उन्होंने कहा कि संभल में संभल की जनता तय करेगी कि किसे वोट देना है. सपा सांसद ने मुसलमानों की सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशी न खड़े करने की ओवैसी को नसीहत दी है. सपा सांसद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुसलमानों के पास सबसे बड़ा विकल्प समाजवादी पार्टी है. ओवैसी यदि बीजेपी को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं तो उन सीटों पर प्रत्याशी खड़े करें, जहां से बीजेपी जीती है.
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Prashant Rai is a digital journalist with over 9 years of experience in Hindi journalism, specializing in politics, crime, hyper-local reporting, and viral news. He currently serves as Chief Sub Editor at News1…

