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Vijayadashami Remedy : विजयदशमी के दिन एक तरह भगवान राम ने रावण का वध कर अधर्म का अंत किया था. दूसरी ओर, मां दुर्गा ने महिषासुर का संहार कर धर्म और शक्ति की स्थापना की. यही वजह है कि विजयदशमी के दिन देशभर में शस्त्र पूजन जरूर किया जाता है. लोकल 18 से अयोध्या के ज्योतिषी पंडित कल्कि राम बताते हैं कि शस्त्र पूजन से शक्ति, साहस और आत्मविश्वास मिलता है. अगर आप लंबे समय से किसी विवाद में उलझे हुए हैं या मुकदमे में सफलता नहीं मिल रही तो भी विजयदशमी के दिन कुछ उपाय करने से बात बन सकती है. मां दुर्गा की उपासना से विपरीत परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है.
अयोध्या. सनातन धर्म में विजयदशमी का विशेष महत्व है. यह पर्व अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है. इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर अधर्म का अंत किया था. दूसरी तरफ, मां दुर्गा ने महिषासुर का संहार कर धर्म और शक्ति की स्थापना की थी. यही वजह है कि विजयदशमी के दिन देशभर में शस्त्र पूजन और विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से जीवन की बाधाओं को दूर करने और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है. लोकल 18 से अयोध्या के ज्योतिषी पंडित कल्कि राम बताते हैं कि विजयदशमी केवल त्योहार नहीं बल्कि जीवन में सकारात्मकता, साहस और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला पर्व है. इस दिन घरों में रखे शस्त्रों की पूजा करने का विधान है. मान्यता है कि शस्त्र पूजन से शक्ति, साहस और आत्मविश्वास मिलता है.
भगवती की आराधना
पंडित कल्कि राम के अनुसार अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से किसी विवाद में उलझा हुआ है, उसका मामला अदालत में अटका है या उसे अपने पक्ष में न्याय मिलने में कठिनाई हो रही है, तो विजयदशमी के दिन मां भगवती की आराधना कर सकता है. इस दिन मां दुर्गा की उपासना से व्यक्ति को विपरीत परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है.
पंडित कल्कि राम बताते हैं कि विजयदशमी के दिन मध्याह्न के अभिजीत मुहूर्त में मां भगवती के अष्टभुजा स्वरूप का चित्र सामने रखकर पूजा-अर्चना करें. इसके बाद माता के हाथों में धारण किए गए शस्त्रों का प्रतीकात्मक तिलक करें और मां के श्रीचरणों में शीश झुकाकर अपनी मनोकामना व्यक्त करें.
इस महामंत्र का करें जाप
ज्योतिष पंडित कल्कि राम के मुताबिक, पूजा के दौरान मां भगवती के इस विशेष मंत्र का एक माला जाप करने की धार्मिक परंपरा बताई गई है, मंत्र है- “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे, ॐ ग्लौं हुं क्लीं जूं सः ज्वल ज्वाला ज्वाला प्रज्वल प्रज्वल ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ज्वल हं सं लं क्षं फट् स्वाहा.“ मंत्र जाप पूरा करने के बाद सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करें. इसके पश्चात दोबारा इसी महामंत्र की एक माला का जाप करें. इस तरह पूजा संपन्न कर मां भगवती से अपने जीवन की परेशानियों को दूर करने और सही मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रार्थना करें. पंडित कल्कि राम के अनुसार, श्रद्धा और विश्वास के साथ किए गए इस उपाय से व्यक्ति को मानसिक बल और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की प्रेरणा मिलती है. आने वाले दस दिनों में अनुकूल परिणाम की कामना के साथ यह साधना की जाती है.
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प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…

