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Premanand Maharaj Health Update: संत प्रेमानंद महाराज की खराब किडनी और डायलेसिस को लेकर बड़ी खबर है. बृज के संतों का दावा है कि महाराज की किडनी खराब नहीं है बल्कि उसका आकार छोटा है. आइए जानते हैं विस्तार से पूरा मामला क्या है.
प्रेमानंद महाराज.
मथुरा: संत प्रेमानंद महाराज पिछले कुछ दिनों से अपने शिष्य रसिक दुलारी की संदिग्ध मौत को लेकर चर्चाओं में हैं. वहीं, अब उनके स्वास्थ्य को लेकर मथुरा के ही संतों ने ही सवाल खड़े कर दिए हैं. बृज के संतों का कहना है कि संत प्रेमानंद की किडनी खराब नहीं है बल्कि उसका आकार छोटा है. संतों ने महाराज की किडनी से संबंधित मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है, ताकि उनके स्वास्थ्य को लेकर फैल रही चर्चाओं की वास्तविकता स्पष्ट हो सके.
बृज के संतों ने संत प्रेमानंद की किडनी और डायलिसिस को लेकर कई बड़े-बड़े दावे किए हैं. उनका कहना है कि महाराज की खराब किडनी और डायलिसिस को लेकर जो बात कही जाती है उसकी सच्चाई कुछ और ही है. संतों का कहना है कि संत प्रेमानंद महाराज की किडनी का आकार छोटा है. उनका दावा है कि आकार छोटा होने से किडनी काम करना बंद नहीं करती है.
किडनी और डायलिसिस पर उठे गंभीर सवाल
प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य को लेकर देश ही नहीं विदेश तक के भक्तों में चिंता बनी रहती है. ऐसे में मथुरा के कुछ संतों की मांग है कि उन्हें अब तक महाराज के डायलिसिस कराए जाने की कोई सटीक जानकारी नहीं मिली है. उनका कहना है कि बिना क्लियर मेडिकल आधार के किसी संत के स्वास्थ्य को लेकर इतने गंभीर दावे करना श्रद्धालुओं के बीच भ्रम और चिंता की वजह बन सकती है.
बृज के संतों ने सेवकों की भूमिका पर भी सवाल उठाए है
ब्रज के संतों ने प्रेमानंद महाराज के कुछ सेवकों को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं. आरोप है कि महाराज के सेवक उनके स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारियों को लेकर पारदर्शिता नहीं बरतते है. इस वजह से गलफहमियां भी बढ़ रही हैं. उनका कहना है कि महाराज जैसे प्रतिष्ठित संत के स्वास्थ्य से जुड़ा विषय अत्यंत संवेदनशील है. ऐसे में उनके आसपास रहने वाले लोगों की जिम्मेदारी है कि वे श्रद्धालुओं को सटीक और अधिकृत जानकारी दें. यदि किसी विषय पर जानकारी सार्वजनिक करना संभव नहीं है, तो अपुष्ट दावों को फैलने से रोकने के लिए स्थिति साफ करनी चाहिए.
पीआर कंपनियों और बिल्डर समूहों को लेकर आरोप
इस विवाद में कुछ संतों ने पीआर कंपनियों और बिल्डर समूहों की भूमिका को लेकर भी आशंका जताई है. उनका आरोप है कि महाराज की किडनी और डायलिसिस को लेकर कथित तौर पर भ्रामक प्रचार किया जा रहा है. संतों का कहना है कि इस पूरे मामले में वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जाना चाहिए, जिससे किसी व्यक्ति या समूह के बारे में बिना प्रमाण के धारणा न बने और श्रद्धालुओं के बीच अनावश्यक भ्रम की स्थिति पैदा न हो.
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Abhijeet Chauhan is a Sub-Editor in the editorial team of News18 Hindi Digital, part of the Network18 Group. He has been associated with News18 for nearly four years, having joined the organization through camp…

