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उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में स्थित नई हनुमानगढ़ मंदिर करीब 50 साल पुराना है और श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है. मंदिर के पुजारी तुलसीदास महाराज के अनुसार, इसकी स्थापना महाराज हेमराज ने कराई थी. यहां हर मंगलवार और शनिवार को बड़ी संख्या में भक्त भगवान हनुमान के दर्शन और पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं. मान्यता है कि सच्चे मन से पूजा करने पर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में स्थित करीब 50 साल पुराना हनुमान मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है. यह मंदिर नई हनुमानगढ़ के नाम से प्रसिद्ध है. यहां प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान हनुमान के दर्शन करने पहुंचते हैं. मंदिर के पुजारी तुलसीदास महाराज के अनुसार, यहां आने वाले भक्तों की भगवान हनुमान के प्रति गहरी आस्था है. मान्यता है कि मंगलवार को मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
महाराज हेमराज ने कराई थी मंदिर की स्थापना
मंदिर के पुजारी तुलसीदास महाराज के मुताबिक, इस मंदिर की स्थापना करीब 50 वर्ष पहले महाराज हेमराज ने कराई थी. समय के साथ यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया. यहां आसपास के क्षेत्रों से भी भक्त भगवान हनुमान के दर्शन करने आते हैं. श्रद्धालु मंदिर में पूजा-अर्चना कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं.
मंगलवार और शनिवार को उमड़ती है भीड़
तुलसीदास महाराज बताते हैं कि नई हनुमानगढ़ मंदिर में प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. इन दोनों दिनों में भक्त भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना करते हैं और प्रसाद चढ़ाकर उनका आशीर्वाद लेते हैं. श्रद्धालुओं की मान्यता और आस्था के कारण इन दिनों मंदिर में विशेष चहल-पहल रहती है. भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा-पाठ करते हैं और भगवान हनुमान से परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करते हैं.
दर्शन करने से मनोकामना पूरी होने की मान्यता
मंदिर के पुजारी तुलसीदास महाराज के अनुसार, नई हनुमानगढ़ मंदिर की विशेष मान्यता है कि जो श्रद्धालु प्रत्येक मंगलवार को यहां आकर भगवान हनुमान के दर्शन करते हैं, उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इसी विश्वास के साथ भक्त नियमित रूप से मंदिर पहुंचते हैं. श्रद्धालु भगवान हनुमान से सुख-शांति, समृद्धि और जीवन की परेशानियों से मुक्ति की कामना करते हैं.
श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है मंदिर
करीब पांच दशक पुराना यह मंदिर स्थानीय लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है. यहां आने वाले श्रद्धालु भगवान हनुमान के दर्शन कर पूजा-अर्चना करते हैं. मंगलवार और शनिवार को भक्तों की अधिक संख्या में मौजूदगी मंदिर के धार्मिक महत्व को दर्शाती है. पुजारी तुलसीदास महाराज के अनुसार, भक्त पूरी श्रद्धा के साथ यहां आते हैं और भगवान हनुमान का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. यही वजह है कि नई हनुमानगढ़ मंदिर क्षेत्र में आस्था के प्रमुख स्थानों में गिना जाता है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…

