ग्रेटर नोएडा: सफलता उन्हीं को मिलती है, जो मुश्किल परिस्थितियों में भी अपने सपनों का साथ नहीं छोड़ते. कुछ ऐसी ही कहानी है सपना नागर की, जिन्होंने कभी टीचिंग के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखा था, लेकिन परिस्थितियों ने उन्हें बिजनेस की राह पर ला खड़ा किया. परिवार की असहमति, लगातार असफलताओं और कोरोना काल की चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने हुनर और आत्मविश्वास के दम पर Pretty Me Boutique की शुरुआत की. आज उनका कारोबार दो दुकानों तक पहुंच चुका है और उनके साथ करीब 13 से 14 लोगों की टीम काम कर रही है.
टीचिंग की तैयारी से शुरू हुआ बिजनेस का सफर
सपना नागर ने बीकॉम ऑनर्स से ग्रेजुएशन करने के बाद एमकॉम की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद उन्होंने टीचिंग के क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी की. उन्होंने सीटेट भी क्लियर किया और बीएड की दिशा में आगे बढ़ीं. सपना ने सरकारी नौकरी के लिए परीक्षाएं भी दीं, लेकिन एक-दो नंबर से चयन होने से रह गया. इसके बाद उनके करियर की दिशा बदलने लगी. हालांकि, फैशन और कपड़ों के डिजाइनिंग से जुड़े काम में उनकी रुचि पहले से ही थी. इसी रुचि ने उन्हें अपना कारोबार शुरू करने के लिए प्रेरित किया.
सपना नहीं बताया कि वह वर्ष 2014 से ही बिजनेस शुरू करने की कोशिश कर रही थीं. इस दौरान कई बार उन्हें असफलता मिली. कभी दुकान के लिए सही जगह नहीं मिल पाई तो कभी कारोबार शुरू करने के बाद उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं मिले. इन परेशानियों के बावजूद उन्होंने प्रयास करना नहीं छोड़ा.
कोरोना काल में लिया जोखिम भरा फैसला
उन्होंने बताया कि वह वर्ष 2019 में Pretty Me Boutique की शुरुआत की. ग्रेटर नोएडा के परी चौक के पास एनआरआई सिटी मॉल में उन्हें दुकान खोलने का अवसर मिला. जगह उनके घर के नजदीक भी थी, इसलिए उन्होंने इसे अपने सपने को पूरा करने का सही मौका माना. उस समय कोरोना महामारी का दौर था और कारोबार शुरू करना आसान नहीं था. परिवार के लोगों ने भी उन्हें इस समय बिजनेस शुरू करने से मना किया. उन्हें आशंका थी कि मुश्किल हालात में दुकान चलाना परेशानी भरा साबित हो सकता है.
बताया कि अपने फैसले और मेहनत पर भरोसा था. उन्होंने जोखिम उठाया और बुटीक की शुरुआत कर दी. उनका मानना था कि जब इस काम में उनकी रुचि है और वह मेहनत करने के लिए तैयार हैं, तो उन्हें अपने सपने को एक मौका जरूर देना चाहिए. शुरुआत में उनके पास केवल एक कारीगर था, जो कटिंग से लेकर सिलाई तक का काम संभालता था.
एक कारीगर से 14 लोगों की टीम तक का सफर
कहा कि मेहनत धीरे-धीरे रंग लाने लगी. ग्राहकों का सहयोग मिला और बुटीक के काम का विस्तार होने लगा. जिस कारोबार की शुरुआत एक कारीगर के साथ हुई थी, आज उसमें करीब 13 से 14 लोग काम कर रहे हैं. सपना के मुताबिक, अब उनके पास दो दुकानें हैं और कारोबार पहले की तुलना में काफी आगे बढ़ चुका है.
बुटीक में महिलाओं और बच्चों के लिए अलग-अलग तरह के कपड़े तैयार किए जाते हैं. यहां लेगिंग्स, बच्चों की ड्रेस, महिलाओं के पार्टी वियर गाउन, ब्राइडल लहंगे, ब्लाउज और अन्य डिजाइनर परिधान बनाए जाते हैं. कॉकटेल पार्टी और किटी पार्टी जैसे अवसरों के लिए भी ग्राहकों की पसंद के अनुसार ड्रेस तैयार की जाती हैं.
हैंड एंब्रॉयडरी से लेकर डिजाइनर ड्रेस तक काम
कहां की हमारे यहां कपड़ों की कटिंग और स्टिचिंग के साथ हैंड एंब्रॉयडरी तथा मशीन एंब्रॉयडरी का काम भी किया जाता है. ग्राहकों की जरूरत और पसंद को ध्यान में रखते हुए डिजाइनर कपड़े तैयार किए जाते हैं. सपना का प्रयास है कि एक ही जगह पर ग्राहकों को अलग-अलग अवसरों के लिए अपनी पसंद के परिधान तैयार करवाने की सुविधा मिल सके.
आत्मविश्वास ने दिखाई आगे बढ़ने की राह
सपना नागर का सफर इस बात की मिसाल है कि करियर की राह हमेशा पहले से तय नहीं होती. कभी सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाली सपना ने परिस्थितियों के बीच अपने शौक को कारोबार में बदला. कोरोना काल में बिजनेस शुरू करने का फैसला उनके लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उन्होंने दूसरों की आशंकाओं से ज्यादा अपने आत्मविश्वास पर भरोसा किया.
