शारदीय नवरात्रि में उत्तर प्रदेश भक्तिमय है. ज्यादातर हिंदुओं के घरों में मां दुर्गा के नौ रूपों की अराधना की जा रही है. ऐसे में समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन मुर्गा पार्टी करते देखे गए. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में इसकी खूब चर्चा है. खासकर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की हलचल के बीच नवरात्र में सपा सांसद का मुर्गा पार्टी करने पर तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं.
रामजी लाल सुमन का विवादों से पुराना नाता
पिछले साल रामजी लाल सुमन ने कहा था- ‘अगर तुम ये कहोगे कि हर मंदिर के नीचे एक मंदिर है, तो फिर हमें ये कहना पड़ेगा कि हर मंदिर के नीचे एक बौद्ध मठ है. गड़े मुर्दे मत उखाड़ो वरना भारी पड़ जाएगा.’
सपा के पीडीए फॉर्मले में बड़ा चेहरा हैं रामजी लाल सुमन
अखिलेश यादव ने जब से राजनीति में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का फॉर्मूला लेकर आए हैं तब से रामजी लाल सुमन का रुतबा पार्टी में बढ़ गया है. रामजी लाल सुमन दलित समाज से आते हैं. रामजी लाल सुमन का जन्म 25 जुलाई 1950 को उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के बहदोई गांव में हुआ था. रामजी लाल सुमन राज्य सभा में रहकर सपा के लिए राजनीति करते हैं. कुछ दिन पहले ही मुरादाबाद में पीडीए की जनसभा में माइक में गड़बड़ी आने पर रामजी लाल सुमन नाराज हो गए थे और मंच से बिना भाषण दिए उतर गए थे.
रामजी लाल सुमन ने अपनी उच्च शिक्षा आगरा कॉलेज से पूरी की और वहीं से छात्र राजनीति में सक्रिय हो गए. देश में इंदिरा गांधी के आपातकाल के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा था. जेल से छूटने के बाद 1977 में लोकसभा चुनाव में उन्होंने जनता पार्टी के टिकट पर फिरोजाबाद सीट से चुनाव लड़ा और मात्र 26 साल की उम्र में पहली बार संसद पहुंचे.
1991 में चंद्रशेखर सरकार के दौरान उन्हें केंद्र सरकार में श्रम कल्याण, महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. 1992 में समाजवादी पार्टी के गठन के बाद वे मुलायम सिंह यादव के करीबी बन गए. इसके बाद वे 1999 और 2004 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर फिर से फिरोजाबाद लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे.
वे लंबे समय से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी निभा रहे हैं. पार्टी में उनकी गिनती अखिलेश यादव के सबसे भरोसेमंद और करीबी नेताओं में होती है. वर्ष 2024 में समाजवादी पार्टी ने उन्हें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद बनाकर संसद भेजा.

