गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के विकासखंड मनकापुर में पशुपालन किसानों की आमदनी का अच्छा जरिया बन रहा है. यहां के पशुपालक राजेश कुमार वर्मा के पास एचएफ (होल्स्टीन फ्रिजियन) नस्ल की गाय है, जो पिछले ब्यांत में प्रतिदिन करीब 30 लीटर दूध देती थी. राजेश अपनी गाय के खानपान और देखभाल का विशेष ध्यान रखते हैं. आइए जानते हैं कि वह गाय को क्या खिलाते हैं और उसकी देखभाल कैसे करते हैं.
हरे चारे के साथ देते हैं भूसा
लोकल 18 से बातचीत के दौरान राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि उनकी डेयरी में एचएफ नस्ल की गाय है. वह गाय को चरी, नेपियर घास और बरसीम जैसे हरे चारे के साथ भूसा भी देते हैं. हरे चारे से गाय को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं, जबकि संतुलित आहार दूध उत्पादन और गाय की सेहत बनाए रखने में मदद करता है.
सुबह-शाम देते हैं 4 से 5 किलो दाना
राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि वह गाय को सुबह और शाम मिलाकर करीब 4 से 5 किलो दाना देते हैं. इसके साथ गाय को मिनरल मिक्सचर और साफ पानी भी उपलब्ध कराते हैं. उन्होंने बताया कि गाय के दूध देने के दौरान उसके आहार में बदलाव करना जरूरी होता है. दूध उत्पादन के अनुसार दाने की मात्रा बढ़ाई जाती है. हालांकि, दाने की सही मात्रा गाय के वजन, दूध उत्पादन और पूरे आहार को ध्यान में रखकर तय करनी चाहिए.
हर तीन महीने में देते हैं पेट के कीड़ों की दवा
राजेश ने बताया कि गाय को स्वस्थ रखने के लिए वह नियमित देखभाल करते हैं. उनके अनुसार, वह हर तीन महीने में पेट के कीड़ों की दवा देते हैं. हालांकि, पशु को दवा देने का सही समय पशु चिकित्सक की सलाह और जांच के आधार पर तय करना चाहिए. साफ पानी, संतुलित आहार और समय पर स्वास्थ्य जांच से गाय को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है.
गर्मी में करनी पड़ती है विशेष देखभाल
राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि गोंडा में गर्मी के मौसम में एचएफ नस्ल की गाय को परेशानी हो सकती है. ऐसे में वह गाय को गर्मी से बचाने के लिए पंखे और पानी के फुहारों की व्यवस्था करते हैं. सर्दियों में उनके अनुभव के अनुसार गाय को अपेक्षाकृत कम परेशानी होती है. गर्मी के दौरान गाय को छायादार जगह, पर्याप्त साफ पानी और ठंडा वातावरण देना जरूरी है.
86 हजार रुपये में खरीदी थी गाय
राजेश ने बताया कि उन्होंने यह गाय करीब 86 हजार रुपये में खरीदी थी. पिछले ब्यांत में गाय ने प्रतिदिन लगभग 30 लीटर दूध दिया था. फिलहाल गाय आठ महीने की गर्भवती है. राजेश को उम्मीद है कि अगले ब्यांत में दूध उत्पादन बढ़कर 35 से 40 लीटर प्रतिदिन तक पहुंच सकता है. हालांकि, वास्तविक दूध उत्पादन गाय की सेहत, आहार और ब्यांत के अनुसार अलग-अलग हो सकता है.
संतुलित आहार से बढ़ सकता है दूध उत्पादन
पशुपालन में अच्छी नस्ल के साथ संतुलित आहार, साफ पानी और समय पर देखभाल की अहम भूमिका होती है. किसानों को गाय की जरूरत के अनुसार हरा चारा, सूखा चारा, दाना और खनिज मिश्रण देना चाहिए. गर्मी के मौसम में विशेष सावधानी बरतने से गाय को स्वस्थ रखने और दूध उत्पादन बनाए रखने में मदद मिल सकती है.

