इटावा: बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे को अंतिम स्वरूप को मंजूरी मिल गई है. इस पूरी परियोजना का सबसे मुख्य केंद्र इटावा का कुदरैल गांव होगा. जहां प्रदेश का एक बेहद आधुनिक और विशाल एक्सप्रेसवे कट (इंटरचेंज) बनाया जा रहा है. यह कट कोई सामान्य मोड़ या छोटा रास्ता नहीं होगा, बल्कि इसे एक भव्य ‘ट्रम्पेट जंक्शन’ (लूप इंटरचेंज) के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे पश्चिमी यूपी और बुंदेलखंड के बीच बेहतरीन कनेक्टिविटी बनाएगा.
तीन महा-एक्सप्रेसवे का संगम: इस कट के जरिए स्थानीय लोग एक तरफ गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़कर सीधे मेरठ/उत्तराखंड सीमा की ओर जा सकेंगे, तो दूसरी तरफ आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से दिल्ली और लखनऊ की राह आसान हो जाएगी. साथ ही चित्रकूट की रास्ता बहुत सरल होगी. कुदरैल में बनने वाला यह मेगा कट पश्चिमी, मध्य उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के विकास की नई लाइफलाइन बनने जा रहा है, जो आने वाले समय में इस पूरे क्षेत्र की भौगोलिक और आर्थिक तस्वीर को पूरी तरह बदल देगा. इटावा के जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने बताया कि विकास की रफ्तार के तहत आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था और इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि इन मार्गो से गुजरने वालों को फायदा हो सके.
सिग्नल फ्री होगा जंक्शन
इस पूरी परियोजना में यूपीडा ने कुदरैल में बनने वाले कट को सबसे प्रमुखता दी है. इस स्थान पर बनने वाला जंक्शन पूरी तरह से ‘सिग्नल-फ्री’ होगा. कुदरैल में लगभग 4 से 6 लेन के कनेक्टिंग लूप (घुमावदार कट) और फ्लाईओवर्स बनाए जाएंगे. इसका फायदा यह होगा कि 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आने वाले वाहनों को दूसरे एक्सप्रेसवे पर जाने के लिए न तो रुकना पड़ेगा और न ही मुख्य हाईवे के ट्रैफिक को काटना पड़ेगा.
बुंदेलखंड से दिल्ली-लखनऊ बिना भटके पहुंचे
इस जंक्शन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि बुंदेलखंड से दिल्ली या लखनऊ जाने वाले वाहन बिना किसी भ्रम या जाम के अपनी-अपनी दिशा के लूप में मुड़ जाएंगे. रात के समय इस पूरे कट पर अत्याधुनिक दूधिया लाइटें और इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के बड़े साइनबोर्ड लगाए जाएंगे, जिससे भविष्य का कुदरैल एक बेहद आधुनिक हाईवे टाउनशिप जैसा नजर आएगा.
इस विशाल जंक्शन को बनाने के लिए आसपास के गांवों की लगेगी 120 हेक्टेयर जमीन
कुदरैल में बनने वाले इस विशाल इंटरचेंज और करीब 6 किलोमीटर लंबे लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए यूपिडा ने बड़ा खाका खींचा है. इस विशाल जंक्शन और लिंक रोड को आकार देने के लिए कुदरैल और उसके आसपास के गांवों की लगभग 100 से 120 हेक्टेयर जमीन का उपयोग किया जा रहा है. इस महा-परियोजना के निर्माण, फ्लाइओवर्स के ढांचे और जमीन मुआवजे को मिलाकर शासन लगभग 400 करोड़ से 500 करोड़ का भारी-भरकम बजट खर्च करने जा रहा है.
वाहन चालकों को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
कुदरैल में इस भव्य कट के चालू होते ही वाहन चालकों को देश और प्रदेश के कई बड़े शहरों के बीच सीधी और सुरक्षित कनेक्टिविटी मिलेगी. दिल्ली-एनसीआर, नोएडा और आगरा, बुंदेलखंड की तरफ से आने वाले वाहन कुदरैल कट से सीधे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के दिल्ली वाले हिस्से पर चढ़ जाएंगे. कानपुर और लखनऊ, आगरा या दिल्ली की तरफ से आने वाले लोग इस जंक्शन का उपयोग कर सीधे लखनऊ की तरफ का रुख कर सकेंगे.
इन जिलों की होगी तरक्की, कट के पास बनेंगे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर
कुदरैल कट केवल एक सड़क का जोड़ नहीं है, बल्कि यह इटावा, मैनपुरी, औरैया, कन्नौज और जालौन के लिए तरक्की का नया गेटवे बनने जा रहा है. सरकार इस कट के आसपास ‘विशेष आर्थिक क्षेत्र’ और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने की योजना पर काम कर रही है. इस स्थान पर सड़क किनारे आधुनिक जनसुविधाएं जैसे बड़े लॉजिस्टिक्स पार्क, मालवाहक गाड़ियों के लिए वेयरहाउस, आधुनिक फ्यूल स्टेशन, होटल और ट्रॉमा सेंटर बनाए जाएंगे. इससे इटावा और आसपास के जिलों के किसानों के उत्पाद (जैसे आलू, डेयरी और अनाज) सीधे देश की बड़ी मंडियों तक पहुंचेंगे और स्थानीय युवाओं को रोजगार के हजारों नए अवसर मिलेंगे.
यूपी-एमपी के कई बड़े घार्मिक स्थलों पर जाने की दूरी होगी कम
कुदरैल में बनने वाले इस इंटरचेंज से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई बड़े तीर्थस्थलों के बीच की दूरी और समय बेहद कम हो जाएगी. चित्रकूट धाम और बागेश्वर धाम: दिल्ली और पश्चिमी यूपी से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कुदरैल कट के रास्ते चित्रकूट धाम और मध्य प्रदेश के बागेश्वर धाम व ओरछा जाना बेहद सुगम हो जाएगा. जिससे यात्रा का समय करीब 2 घंटे घट जाएगा.
अयोध्या और मथुरा-वृंदावन का जुड़ाव: बुंदेलखंड के जिलों से आने वाले श्रद्धालु कुदरैल कट के जरिए बेहद कम समय में एक तरफ सीधे मथुरा-वृंदावन और दूसरी तरफ सीधे देश की सांस्कृतिक राजधानी अयोध्या पहुंच सकेंगे.
कनेक्टिविटी मार्ग: एक्सप्रेसवे से नीचे उतरने वाला यह कट कुदरैल के पास ताखा मुख्य मार्ग पर आकर मिलेगा.
सर्विस रोड तक पहुंच: एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों को नीचे उतारने के लिए विशेष लूप (घुमावदार रैंप) बनाया जाएगा. वाहन इस रैंप के जरिए सुरक्षित रफ्तार में नीचे आकर एक्सप्रेसवे के समानांतर बनी सर्विस रोड पर पहुंचेंगे. सर्विस रोड से वाहन चालक सीधे ताखा तहसील, भरथना या इटावा मुख्यालय की ओर जा सकेंगे.

