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एशियन गेम्स: पिता को चार साल से कैंसर, दूध बेचकर घर चलाती हैं मां, दो साल के बैन के बावजूद परवीन हुड्डा ने जीता गोल्ड

Admin by Admin
October 3, 2026
in खेल
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एशियन गेम्स: पिता को चार साल से कैंसर, दूध बेचकर घर चलाती हैं मां, दो साल के बैन के बावजूद परवीन हुड्डा ने जीता गोल्ड


Last Updated:October 02, 2026, 16:09 IST

Parveen Hooda Asian Games Gold Medal: परवीन हुड्डा ने पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता चाइनीज ताइपे की नियेन चिन चेन को कड़े मुकाबले में 3-2 के विभाजित फैसले से हराकर एशियन गेम्स का अपना पहला स्वर्ण पदक जीता. परवीन का ये सफर बिलकुल भी आसान नहीं रहा. उनके पिता कैंसर के मरीज हैं और मां घर चलाने के लिए मजबूरी में भैंस का दूध बेचती हैं. वैसे खेल के दमपर परवीन को सरकारी नौकरी जरूर मिली. वह ITBP में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर जैसी छोटे से पद पर हैं.

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पिता को 4 साल से कैंसर, मां बेचती हैं दूध, बैन के बावजूद गोल्ड जीत गईं परवीनZoom

बॉक्सर परवीन हुड्डा ने एशियन गेम्स में पहला गोल्ड मेडल जीता

आईची-नागोया: हरियाणा के रोहतक जिले के रुड़की गांव में दिन में ही दिवाली मनाई जा रही है. मां मीठा चूरमा बना रहीं हैं. रिश्तेदार एक-दूसरे को बधाई दे रहे हैं. मौका ही इतना बड़ा है. गांव की 26 साल की बेटी परवीन हुड्डा ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है. महिलाओं की 65 किलो वेट कैटेगरी में चाइनीज ताइपे की मुक्केबाज को हराकर परवीन ने भारत को 13वां गोल्ड मेडल दिलाया है. परवीन हुड्डा पर वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) ने 22 महीने का बैन लगा दिया था. यह बैन 2024 में ‘वेयरअबाउट्स फेलियर’ (अपनी लोकेशन की जानकारी न दे पाने) के तीन मामलों के कारण लगा था.

गांव में नशे के चलते शुरू हुआ परवीन का करियर
परवीन की बॉक्सिंग में एंट्री की कहानी भी काफी दिलचस्प है. 11 साल की उम्र यानी 2011 में उन्होंने पहली बार ग्ल्वस पहने. कोच सुधीर ने परवीन उनकी काबिलियत परखी और लोकल ट्रायल्स में उतार दिया. परवीन उनकी एकेडमी में शामिल होने वाली शुरुआती खिलाड़ियों में से एक थीं और तब भी वह दूसरों से अलग और खास थीं. सुधीर ने हमारे साथ खास बातचीत में बताया:

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मैं तब रुड़की का सरपंच चुना गया था और गांव के युवाओं के लिए कुछ करना चाहता था. गांव में शराब और ड्रग्स का काफी चलन था, इसलिए मैं बच्चों को खेल की ओर लाना चाहता था. वह बहुत छोटी थी, इसलिए अक्सर उसे कोने में धकेल दिया जाता था, लेकिन फिर भी वह बहुत अनुशासित थी.

परवीन ने भी अपने कोच के भरोसे को सही साबित किया, जब अगले साल उन्होंने नेशनल सब-जूनियर चैंपियनशिप में लड़कियों के 32 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीता.

#WATCH | Rohtak, Haryana: Indian boxer Parveen Hooda clinched women’s 65 kg gold at the Aichi-Nagoya Asian Games 2026



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