Last Updated:
Saharanpur News: किसान परिवार से आने वाली प्राची चौधरी ने गांव से निकलकर यह साबित कर दिखाया कि गांव की बेटियां किसी से कम नहीं हैं. प्राची ने 2026 जापान में हुए एशियान गेम्स में ब्रोंज और गोल्ड मेडल जीतकर अपने विश्वास पर जीत हासिल की है.
Saharanpur: सहारनपुर के छोटे से गांव से निकलकर इंटरनेशनल लेवल पर देश का नाम रोशन करने वाली प्राची चौधरी ने एशियन गेम्स में तीनों मेडल जीतकर इतिहास रचने का काम किया. प्राची चौधरी ने 2026 जापान में हुए एशियान गेम्स में ब्रोंज और गोल्ड मेडल जीतकर अपने देश सहित अपने राज्य, शहर और अपने परिवार का नाम रोशन किया है. इससे पहले प्राची चौधरी 2023 में चीन में हुए एशियान गेम्स में रिले दौड़ में सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं.
प्राची चौधरी 10 साल की उम्र से गांव की कच्ची सड़कों पर नंगे पांव दौड़ लगाती थी. धीरे-धीरे उनकी इस दौड़ को घर के लोगों ने सहारा दिया. उस समय प्राची के परिवार की स्थिति ठीक भी रही थी. किसान परिवार से आने वाली प्राची चौधरी जिसने गांव से निकलकर यह साबित कर दिखाया कि गांव की बेटियां किसी से कम नहीं है और अगर गांव की बेटियों को आगे बढ़ने का मौका दिया जाए तो वह अपने परिवार सहित अपने देश का नाम रोशन कर सकती है.
पहले ही सिलवाने के लिए दे दी थी DSP की वर्दी
2023 में हुए एशियान गेम्स में सिल्वर मेडल जीतकर आने पर उनको वर्दी पहनने का मौका नहीं मिला था. जब उनको पता चला कि गोल्ड जीतने वाले खिलाड़ी को ही डीएसपी बनाया जाता है, तब उन्होंने मन में ठाना और इस बार एशियान गेम्स में जाने से पहले उन्हें अपने ऊपर पूरा विश्वास था कि इस बार वह गोल्ड जीतकर जरूर लाएंगी. इसलिए वह डीएसपी की वर्दी का नाप पहले ही देकर गई थीं. उनका कहना है कि उनका और उनके परिवार का सपना था कि वह डीएसपी बनें. अब उनका यह सपना साकार होता हुआ नजर आ रहा है.
कभी नंगे पांव, कच्ची सड़कों पर दौड़ती थी प्राची
प्राची चौधरी का आज सहारनपुर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया. गोल्ड मेडलिस्ट प्राची चौधरी ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि मुझे दो मेडल जीतकर बहुत अच्छा लग रहा है. पहले मैंने एक सिल्वर मेडल जीता था और इस बार मैंने ब्रोंज और गोल्ड भी जीत लिया है. अब एशियन गेम्स के तीनों मेडल मेरे पास हो गए हैं. पिछले एशियन गेम्स में मेरा सिल्वर मेडल आया था और मुझे डीएसपी बनने का मौका नहीं मिला था, क्योंकि उत्तर प्रदेश सरकार की पॉलिसी है कि जो गोल्ड जीतकर आएगा, उसे ही डीएसपी बनाया जाएगा.
मां को किया था वादा
इस बार एशियन गेम्स में जाने से पहले ही मुझे अपने आप पर पूरा विश्वास था कि इस बार में गोल्ड जरूर लेकर आऊंगी. इसलिए जाने से पहले ही मैं डीएसपी की वर्दी का नाप देकर के गई थी. मैं अपनी मां से कहकर गई थी कि मम्मी मैं इस बार आऊंगी तो डीएसपी बनकर ही आऊंगी. मेरे सहारनपुर आने पर मेरा बहुत अच्छा स्वागत किया गया. इस वक्त गांव और परिवार का माहौल बहुत अच्छा है, बहुत ज्यादा खुशी हो रही है. अब मैं एशियन गेम में मेडल जीतकर आ गई हूं, तो अब अगले साल वर्ल्ड चैंपियनशिप है, अब उसकी तैयारी शुरू हो जाएगी.
About the Author

आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…
और पढ़ें

