Last Updated:
UP Schools Winter Timing 2026: उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के टाइमटेबल में बदलाव कर दिया गया है. आज से यूपी के सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक संचालित होंगे. यह शेड्यूल 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगा.
UP Schools Winter Timing 2026: उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों का समय बदल दिया गया है (फोटो- एआई)
लखनऊ (UP Schools Winter Timing 2026). मौसम के बदलते मिजाज और सर्दियों की आहट के साथ ही उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूली बच्चों और शिक्षकों का शेड्यूल बदल दिया है. गर्मी के मौसम में सुबह जल्दी स्कूल पहुंचने की भागदौड़ खत्म हो चुकी है. आज से उत्तर प्रदेश के सभी परिषदीय विद्यालयों में विंटर टाइमिंग लागू कर दी गई है. ठंड के दिनों में सुबह के समय कोहरा और कड़ाके की ठंड परेशानी का सबब बनती है. इसे ध्यान में रखते हुए शासन स्तर पर नई टाइमिंग तय की जाती है.
गर्मियों में स्कूल सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित होते थे. बदलाव के बाद ये सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेंगे. यूपी बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत आने वाले सभी प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूलों को इस निर्देश का सख्ती से पालन करने को कहा गया है. विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे सही समय पर विद्यालय पहुंचें, जिससे उनकी सेहत पर ठंड का असर न पड़े. साथ ही स्कूलों में पढ़ाई का कुल समय और प्रशासनिक गतिविधियां भी नए ढांचे के हिसाब से चलती रहें.
यूपी के स्कूल कितने बजे खुलेंगे?
उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के लिए विंटर टाइमिंग आज से प्रभावी हो गई है. यह आगामी 31 मार्च तक यानी पूरे ठंड के सीजन के दौरान लागू रहेगी. इसके बाद 1 अप्रैल से फिर समर टाइमिंग (सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक) बहाल कर दी जाएगी. इस अवधि के दौरान सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि उनके अधीन आने वाले सभी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के स्कूल इसी तय समय का पालन करें.
प्रार्थना सभा, योगाभ्यास और लंच का नया समय
स्कूल पहुंचने के बाद दिन की शुरुआत बेहद पॉजिटिव और एनर्जेटिक तरीके से होगी. इस नए शेड्यूल के अनुसार, सुबह 9 बजे से 9:15 बजे तक यानी पहले 15 मिनट प्रार्थना सभा और योगाभ्यास के लिए तय किए गए हैं. इससे बच्चे शारीरिक और मानसिक रूप से पढ़ाई के लिए तैयार हो सकेंगे. इसके बाद नियमित क्लास का दौर शुरू होगा. दिनभर की पढ़ाई के बीच बच्चों के खानपान और आराम के लिए दोपहर 12 बजे से 12:30 बजे तक लंच ब्रेक रखा गया है. इसके बाद दोपहर 3 बजे तक पढ़ाई होगी और फिर छुट्टी होगी.
अभिभावकों और शिक्षकों के लिए यह बदलाव क्यों जरूरी है?
समय में हुए बदलाव का सीधा असर बच्चों के डेली रूटीन पर पड़ता है. सुबह 9 बजे स्कूल शुरू होने से बच्चों को कड़ाके की ठंड और कोहरे से थोड़ी राहत मिलेगी. लेकिन पेरेंट्स को अब अपनी सुबह की दिनचर्या भी उसी हिसाब से ढालनी होगी. शिक्षकों के लिए भी यह जरूरी है कि वे समय पर स्कूल पहुंचकर अनुशासन बनाए रखें. विभाग ने स्पष्ट किया है कि समय के अनुसार स्कूल का संचालन न होने पर संबंधित प्रशासन पर कार्रवाई की जा सकती है. इसलिए सभी जगह इसका सख्ती से पालन कराया जा रहा है.
About the Author

Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is kno…
और पढ़ें



