मथुरा: प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई चौंका देने वाले खुलासे हो रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर सिर से लेकर छाती और पसलियों तक कई गंभीर चोटों का जिक्र किया गया है. मृतक दीपक कुमार पुत्र छेटराम लोढ़ी, गुरु कृपा कुंज, थाना वृंदावन, जनपद मथुरा का निवासी बताया गया है. वह साधु के रूप में रह रहा था. 26 सितंबर 2026 को मथुरा स्थित पोस्टमार्टम हाउस में शव का पोस्टमार्टम कराया गया.
सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मौत का कारण अत्यधिक रक्तस्राव, हेमरेजिक शॉक बताया गया है. रिपोर्ट में इसे मृत्यु से पहले लगी चोटों से संबंधित बताया गया है. शरीर पर कई बाहरी और अंदरूनी चोटें दर्ज की गई हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक सिर पर करीब 14 टांकों वाला घाव मिला. सिर के ऑक्सिपिटल क्षेत्र में हेमेटोमा और खोपड़ी में हेयरलाइन फ्रैक्चर पाया गया. मस्तिष्क में भी हेमेटोमा का उल्लेख है. इसके अलावा निचले होंठ, ठुड्डी, टखने और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटें दर्ज की गई हैं. टखने की चोट के साथ अंदरूनी हड्डी में फ्रैक्चर भी पाया गया.
सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम में छाती के बाईं ओर पांचवीं से आठवीं पसली तक फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है. रिपोर्ट में बाएं फेफड़े के फटने का भी उल्लेख है. दोनों फेफड़ों में पीलापन और फेफड़ों के आसपास की गुहा में रक्त पाए जाने की बात दर्ज की गई है.
सूत्रों के मुताबिक पेट की गुहा में करीब 100 मिलीलीटर पानी जैसे द्रव की मौजूदगी का भी उल्लेख रिपोर्ट में है. लीवर पीला और पित्ताशय भरा हुआ पाया गया, जबकि हृदय के दोनों चैंबर खाली मिले. रिपोर्ट में रीढ़ की हड्डी की जांच नहीं किए जाने की बात भी दर्ज है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर के एक हिस्से के अलग होने की भी जानकारी दी गई है. शव की पहचान पुलिसकर्मी HC 632 जितेंद्र कुमार और मृतक के भाई मनीष पटेल द्वारा किए जाने की बात रिपोर्ट में दर्ज है. पोस्टमार्टम के समय मृत्यु को करीब एक दिन बीतने का अनुमान लगाया गया था.
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इस मामले में जीडी संख्या 049, दिनांक 25 सितंबर 2026 दर्ज है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई चोटों के बाद अब पुलिस के लिए इन चोटों की परिस्थितियों और मौत के घटनाक्रम की जांच महत्वपूर्ण हो गई है. हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट चोटों और मृत्यु के चिकित्सकीय निष्कर्ष दर्ज करती है. चोटें किन परिस्थितियों में लगीं, ये जांच का विषय है.

