Last Updated:
Who is Dilip Gavit CWG Gold medalist: इस सफलता के बावजूद दिलीप गावित आगे की चुनौतियों पर ध्यान लगाए हुए हैं और उनका अगला लक्ष्य लॉस एंजिलिस 2028 पैरालंपिक हैं. दिलीप ने जिस 100 मीटर टी47 स्पर्धा पैरा एथलेटिक्स की फर्राटा दौड़ में गोल्ड मेडल हासिल किया, उसमें एक हाथ में शारीरिक अक्षमता या उसके अभाव वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं, इससे शरीर के एक हिस्से की ताकत, गति या समन्वय प्रभावित होता है.
दिलीप गावित ने कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता
समय पर नहीं मिला इलाज तो काटना पड़ा हाथ
दिलीप के गोल्ड मेडल के पीछे संघर्ष, सीमित संसाधनों और उनके कोच की पैनी नजर की प्रेरक कहानी छिपी है. महाराष्ट्र के नासिक के पास तोरण डोंगरी नाम के आदिवासी गांव में पैदा हुए दिलीप अपने गरीब किसान मां-बाप की मदद करने खेत जाया करते थे, जब उनकी उम्र सिर्फ पांच साल थी, तब पेड़ से गिरने के बाद उनका हाथ बुरी तरह चोटिल हो गया. उनके माता-पिता उन्हें एक स्थानीय आयुर्वेदिक वैद्य के पास ले गए, जिसने बस पट्टी बांधकर उन्हें वापस भेज दिया, लेकिन घाव में इन्फेक्शन होने के बाद उनका हाथ काटना पड़ा.
दिलीप गावित ने जीता गोल्ड
आखिरी के 40 मीटर में दिलीप ने भरी रफ्तार
ऐतिहासिक जीत के बाद दिलीप ने स्वीकार किया कि उनकी शुरुआत अच्छी नहीं रही, 60 मीटर मार्क तक तो वह कहीं नजर ही नहीं आ रहे थे, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी की और नाटकीय अंदाज में फिनिश किया. फाइनल बारिश से भीगे ट्रैक पर हुआ, जिससे रनर्स को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. दिलीप ने कहा:
मेरी शुरुआत थोड़ी धीमी रही, लेकिन उसके बाद मैंने धीरे-धीरे गति पकड़ी और जीत हासिल करना शानदार रहा. मौसम अच्छा नहीं था और सही टाइमिंग हासिल करने में दिक्कत हुई. ऐसे मौसम में शरीर सुस्त हो जाता है और वार्म-अप करना भी मुश्किल होता है. अभी मैं नौकरी के बारे में नहीं सोच रहा हूं. मुझे भरोसा है कि सितंबर-अक्टूबर में जापान में होने वाले पैरा एशियाई खेलों और उसके बाद पैरालंपिक में मैं इससे भी बेहतर प्रदर्शन करूंगा.
🇮🇳 India dominates the podium! 🥇🥈
🚨 Dilip Mahadu Gavit storms to Commonwealth Games Gold in the Men’s 100m Para T47, clocking a Games Record of 10.71s. 🔥
🥈 Mohammed Basil Morssinganakath adds to the celebration with silver in 10.83s, sealing a historic Indian 1-2 finish in…






