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Who is Jay Meena: स्कूल मैचों में एक बॉल बॉय से शुरुआत कर 14 वर्ष की उम्र में इंटरनेशनल स्टेज तक पहुंचने वाले भारतीय सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी जय मीणा की कहानी प्रेरणादायक है. 2022 नेशनल गेम्स में गोल्ड और 2025 में नेशनल सिंगल्स चैंपियन बनने वाले मीणा ने 2024 वर्ल्ड सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में आध्या तिवारी के साथ मिक्सड डबल्स का ब्रॉन्ज जीता, जो भारत का पहला वर्ल्ड मेडल था. एशियन गेम्स में सॉफ्ट टेनिस में मेडल जीतने वाले मीणा पहले भारतीय बन गए हैं.
जय मीणा पहले स्कूल स्तर पर बॉल बॉय थे.
नई दिल्ली. एक मैदान, जहां दूर छिटकी गेंदों को उठाकर लाने वाले एक छोटे से बच्चे की आंखें सिर्फ बॉल पर नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के जज्बे और उनके शॉट्स पर टिकी होती थीं. कौन जानता था कि स्कूल के मैचों में बाउंड्री लाइन के बाहर खड़ा वही बॉल बॉय एक दिन भारतीय सॉफ्ट टेनिस के इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज कराएगा! यह कहानी है भारतीय सॉफ्ट टेनिस के उभरते हुए सितारे जय मीणा की, जिन्होंने अपनी लगन और अटूट मेहनत से एक साधारण शुरुआत को एक असाधारण मुकाम तक पहुंचाया.
बचपन के शुरुआती दिनों में जब बाकी बच्चे खेल को सिर्फ मनोरंजन का जरिया मानते थे, तब जय मीणा (Jay Meena) के लिए खेल जीवन की दिशा बन चुका था. स्कूल स्तर के मैचों में बॉल बॉय के रूप में मैदान में कदम रखने वाले मीणा के मन में खेल के प्रति एक अजीब सा आकर्षण था. हर गेंद को बटोरने के साथ उनका सपना और बड़ा होता गया. उन्होंने जल्दी ही अपने हाथों में रैकेट थामा और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.
डिस्ट्रिक्ट लेवल की स्पर्धाओं से शुरू हुआ यह सफर बहुत जल्द स्टेट और नेशनल लेवल की प्रतियोगिताओं तक पहुंच गया. उनकी खेल शैली में एक अलग ही तेजी और समझ थी, जिसने कोचों और चयनकर्ताओं का ध्यान खींच लिया. प्रतिभा इतनी बेमिसाल थी कि महज 14 साल की उम्र में, जब बच्चे अपने भविष्य के बारे में सोचना शुरू ही करते हैं, मीणा अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व कर रहे थे.
राष्ट्रीय मंच पर दबदबा
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव हासिल करने के बाद मीणा ने घरेलू सर्किट में अपना दबदबा कायम करना शुरू किया. वर्ष 2022 के राष्ट्रीय खेल उनके करियर का एक बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हुए. यहां उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया और यह साबित कर दिया कि वे देश के सबसे होनहार खिलाड़ियों में से एक हैं. इसके बाद उनकी मेहनत और निखरकर सामने आई 2025 में, जब उन्होंने नेशनल चैंपियनशिप में पुरुष सिंगल्स का खिताब अपने नाम किया. 2025 के नेशनल चैंपियन बनने के साथ ही उन्होंने यह साफ कर दिया कि भारतीय सॉफ्ट टेनिस में उनका दौर शुरू हो चुका है.
वैश्विक मंच पर रचा इतिहास
राष्ट्रीय स्तर पर सफलता के झंडे गाड़ने के बाद जय मीणा की नजरें वैश्विक इतिहास रचने पर थीं. 2024 का ‘वर्ल्ड सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप’ भारत के लिए एक यादगार पल लेकर आया. मीणा ने अपनी जोड़ीदार आध्या तिवारी के साथ मिलकर मिक्सड डबल्स में देश को ब्रॉन्ज मेडल दिलाया. यह सिर्फ एक कांस्य पदक नहीं था, बल्कि वर्ल्ड सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप के इतिहास में भारत का पहला मेडल था. इस ऐतिहासिक जीत ने भारतीय खेल जगत में सॉफ्ट टेनिस को एक नई पहचान दी और मीणा व आध्या की जोड़ी का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया.
एशियन गेम्स से एशियाई चैंपियनशिप तक का परचम
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का तिरंगा फहराने का मीणा का सिलसिला यहीं नहीं रुका. इससे पहले 2023 में आयोजित हुए हांगझोऊ एशियन गेम्स में उन्होंने अपने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर-फाइनल तक का सफर तय किया था. भले ही वहां वे पदक से चूक गए थे, लेकिन उस अनुभव ने उन्हें और मजबूत बना दिया. इस हार के बाद मिली सीख और उनकी कड़ी मेहनत की रंगत 2025 की ‘एशियन सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप’ में देखने को मिली. इस क्षेत्रीय प्रतियोगिता में मीणा ने सिंगल्स कैटेगरी में अपनी असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता. यह जीत इसलिए भी बेहद खास थी क्योंकि उन्होंने एक रीजनल रिकॉर्ड बनाया और इस स्तर पर सिंगल्स में पदक हासिल कर भारतीय सॉफ्ट टेनिस का मान बढ़ाया.
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कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…
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