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नई दिल्ली: भारत का एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने का इंतजार सोमवार को भी खत्म नहीं हो पाया, लेकिन निशानेबाजी रेंज पर उसने कुछ पदक और बटोरे जबकि मिश्रित मार्शल आर्ट्स (एमएमए) में देश का पहला पोडियम फिनिश इतिहास से ज्यादा दिल तोड़ने वाली कहानी बनकर रह गया. सुचिका तारियाल सुबह कराए गए वजन में सिंगापुर की हुई हून तेओ से सिर्फ 700 ग्राम अधिक वजन होने के कारण फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं.
सेमीफाइनल का यह मुकाबला बराबरी पर छूटा था लेकिन अधिक वजन होने के कारण भारतीय खिलाड़ी को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा जो एमएमए में भारत का पहला पदक है. भारतीय खिलाड़ी का थोड़ा अधिक वजन निर्णायक साबित हुआ क्योंकि तकनीकी नियमों के अनुसार मुकाबला ड्रॉ होने की स्थिति में कम वजन वाले खिलाड़ी को आगे बढ़ने का मौका मिलता है.
भारतीय एथलीटों ने अबतक जीते कुल 6 पदक
भारत के कुल पदकों की संख्या अब छह हो गई है, जिनमें चार रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं, जबकि स्वर्ण पदक का इंतजार जारी रहा. भारत ने निशानेबाजी में दो रजत और एक कांस्य सहित तीन पदक हासिल किए. युवा खिलाड़ी हिमांशु ढिल्लों और रुद्रांक्ष पाटिल ने रोमांचक शूटआउट में संयम बनाए रखते हुए क्रमशः व्यक्तिगत रजत और कांस्य पदक जीते. इससे पहले उन्होंने किशोर खिलाड़ी पार्थ माने के साथ मिलकर टीम रजत पदक हासिल किया था.
इन तीन पदकों के साथ भारत के निशानेबाजी में कुल पदकों की संख्या पांच हो गई है जिसमें चार रजत और एक कांस्य पदक शामिल है लेकिन वह फिर से स्वर्ण पदक से चूक गया क्योंकि चीन ने विश्व नंबर एक शेंग लिहाओ के शानदार प्रदर्शन के साथ एक बार फिर नया मानक स्थापित किया. शेंग, चांगहोंग झांग और सिहान मा ने 1899 अंक हासिल कर स्वर्ण पदक जीता और इस तरह से पिछले साल काहिरा में बनाए गए अपने ही विश्व रिकॉर्ड 1898.4 में सुधार किया.
बैटमिंट, हॉकी और टेबल टेनिस में भी मिली जीत
बैडमिंटन, हॉकी और टेबल टेनिस में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया. कबड्डी टीमों ने भी जीत के साथ शुरुआत की. महिला हॉकी टीम ने इंडोनेशिया पर 17-1 से शानदार जीत हासिल की, जिससे उनके आत्मविश्वास का पता चलता है. अगर भारतीय टीम स्वर्ण पदक जीत लेती है तो उसे 2028 के ओलंपिक खेलों के लिए टिकट भी मिल सकता है. बैडमिंटन में पुरुष टीम ने बांग्लादेश को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया, जिसमें लक्ष्य सेन, के श्रीकांत और आयुष शेट्टी ने एकल मैचों में आसान जीत हासिल की. मुक्केबाजी में भी इसी तरह की आत्मविश्वासपूर्ण शुरुआत देखने को मिली, जिसमें सुमित कुंदू (70 किलोग्राम) ने आसानी से जीत हासिल की.
टेबल टेनिस भारतीय खिलाड़ियों ने की दमदार वापसी
भारत की महिला और पुरुष टेबल टेनिस टीमें भी अपने-अपने पाकिस्तानी प्रतिद्वंद्वियों पर 3-0 की समान जीत के बाद क्वार्टर फाइनल में पहुंच गईं. महिला टीम ने एकतरफा मुकाबले में पाकिस्तान को 3-0 से हराकर लगातार तीसरी जीत के साथ ग्रुप एफ में शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि पुरुष टीम ने भी इसी अंतर से जीत दर्ज की.
कबड्डी में भारतीय महिला टीम ने किया कमाल
कबड्डी में गत चैंपियन भारतीय पुरुष टीम ने जापान को 49-24 से जबकि महिला टीम ने बांग्लादेश की चुनौती को 42-21 से ध्वस्त करते हुए जीत के साथ अपने अभियान का आगाज किया.
तैराकी और सॉफ्ट टेनिस में मिली निराशा
हालांकि तैराकी में भारत को निराशा ही हाथ लगी. एशियाई खेलों में 50 मीटर बैकस्ट्रोक के फाइनल में श्रीहरि नटराज 10वें स्थान पर रहे. दो बार के ओलंपियन नटराज ने फाइनल में 25.52 सेकंड का समय लेकर अंतिम स्थान हासिल किया, जो दिन में पहले हुई हीट में उनके 25.37 सेकंड के प्रयास से भी खराब था.
सॉफ्ट टेनिस में भी निराशा हाथ लगी, जब आध्या तिवारी और जय मीना को मिश्रित युगल स्पर्धा में फिलीपींस के क्रिस्टी सनोसा और शेरविन रे नुगिट से कड़े मुकाबले में 2-5 से हार का सामना करना पड़ा.
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