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UP EVM Viral Image: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सोशल मीडिया पर EVMs को लेकर एक सनसनीखेज दावा तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें कहा जा रहा है कि 5,000 EVMs और 12 इंजीनियरों की एक टीम कानपुर नगर पहुंची है. लोगों ने आरोप लगाया कि बीजेपी के इशारे पर मशीनों से छेड़छाड़ किया जा रहा है. इस पूरे राजनीतिक बवाल और वायरल अफवाहों का संज्ञान लेते हुए कानपुर के जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) ने आधिकारिक बयान जारी कर इन सभी दावों को सिरे से खारिज किया है.
कानपुर में ईवीएम के साथ क्या हो रहा है?
कानपुर: उत्तर प्रदेश में सियासी पारा जैसे-जैसे चढ़ रहा है, वैसे-वैसे चुनाव से जुड़ी अफवाहें भी सोशल मीडिया पर जोर पकड़ने लगी हैं. हाल ही में कानपुर में ईवीएम को लेकर भ्रामक दावा इंटरनेट पर फैल रहा है. इसमें कहा जा रहा है कि राज्य में होने वाले आगामी चुनावों के मद्देनजर 5,000 EVMs और 12 इंजीनियरों की विशेष टीम अचानक कानपुर पहुंच गई है. फुटेज आते ही विपक्षी दलों और सोशल मीडिया यूजर्स ने हंगामा खड़ा कर दिया और आरोप लगाना शुरू कर दिया कि सत्ताधारी दल (बीजेपी) के इशारे पर ईवीएम के साथ बड़ी साजिश या छेड़छाड़ की जा रही है. हालांकि, इस पर जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) ने बयान जारी की है.
मामले के तूल पकड़ने और सोशल मीडिया पर बढ़ते राजनीतिक तनाव को देखते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) ने तत्काल हस्तक्षेप किया और वायरल हो रही खबरों का सच सामने रखा. डीईओ ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर किया जा रहा यह दावा तथ्यात्मक रूप से पूरी तरह गलत, निराधार और भ्रामक है. कानपुर नगर में इस समय किसी भी बाहरी स्थान या अन्य जिले से कोई नई ईवीएम नहीं लाई गई है.
क्या है EVM की ‘फर्स्ट लेवल चेकिंग’ (FLC) का सच?
प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, कानपुर नगर में वर्तमान में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की ‘प्रथम स्तरीय जांच’ (First Level Checking – FLC) की प्रक्रिया चल रही है. यह रूटीन प्रक्रिया 17 सितंबर 2026 से ही सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों की प्रत्यक्ष उपस्थिति में विधिवत शुरू हुई है. चुनाव आयोग के नियमों के तहत होने वाली इस FLC प्रक्रिया का पहले ही व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा चुका है ताकि राजनीतिक दलों और आम जनता के मन में कोई संशय न रहे.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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