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Prayagraj Latest News: प्रयागराज के हंडिया में सपा नेता और पूर्व प्रधान पवन कुमार यादव की हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के अंदर बड़ा खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक, प्रधानी के विवाद और पुरानी रंजिश के चलते ग्राम प्रधान के पति विनोद कुमार यादव ने 5 लाख रुपये की सुपारी देकर पवन यादव की हत्या कराई थी.
गांव की प्रधानी को लेकर पवन यादव और प्रधान पति विनोद यादव के बीच विवाद चल रहा था
प्रयागराज: हंडिया में सपा नेता और पूर्व प्रधान पवन कुमार यादव की हत्या का पुलिस ने 24 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया है. पुलिस के मुताबिक, प्रधानी के विवाद और पुरानी रंजिश के चलते मौजूदा ग्राम प्रधान के पति विनोद कुमार यादव ने पवन यादव की हत्या के लिए 5 लाख रुपये की सुपारी दी थी. हत्या की साजिश में गांव के ही लल्ला उर्फ जितेंद्र यादव समेत चार लोग शामिल थे. पुलिस ने प्रधान पति विनोद कुमार यादव, बृजेश यादव, लल्ला उर्फ जितेंद्र यादव और निहाल अहमद को गिरफ्तार किया है.
मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे मुंगराव गांव निवासी पूर्व प्रधान और सपा के जिला सचिव पवन कुमार यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वारदात हंडिया इलाके में पिलर नंबर 52 के पास हुई थी. इसके बाद पवन यादव के भाई अशोक यादव ने हंडिया थाने में तीन अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था.
पुलिस जांच में सामने आया कि गांव की प्रधानी को लेकर पवन यादव और प्रधान पति विनोद यादव के बीच विवाद चल रहा था. विनोद यादव की पत्नी मौजूदा ग्राम प्रधान हैं. उन्हें संविदा पर ईसीसीई एजुकेटर बनाया गया था. पवन यादव ने इसका विरोध किया था, जिसके बाद उन्हें पद से हटना पड़ा. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में रंजिश बढ़ गई थी.
पुलिस के अनुसार, विनोद यादव ने पवन की हत्या के लिए लल्ला उर्फ जितेंद्र यादव से संपर्क किया और 5 लाख रुपये में हत्या की बात तय हुई. वारदात के समय निहाल अहमद बाइक चला रहा था, जबकि बृजेश यादव और लल्ला पीछे बैठे थे. पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल से रेकी के वीडियो और पैसों के लेन-देन से जुड़ी जानकारी भी बरामद की है.
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से दोपहर करीब डेढ़ बजे प्रधान पति विनोद यादव और बृजेश यादव को गिरफ्तार किया. उनकी निशानदेही पर जसवा नहर के पास लल्ला उर्फ जितेंद्र और निहाल अहमद को पकड़ने पहुंची पुलिस की उनसे मुठभेड़ हो गई. इसमें दोनों के पैर में गोली लगी. दोनों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया.
पुलिस के मुताबिक, लल्ला की भी पवन यादव से पुरानी रंजिश थी. साल 2022 में एक हत्या के मामले में लल्ला जेल गया था. उसे शक था कि पवन यादव की मुखबिरी के चलते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था. पुलिस के अनुसार, लल्ला के खिलाफ अलग-अलग थानों में 44 मुकदमे दर्ज हैं.
डीसीपी गंगानगर जोन कुलदीप सिंह गुनावत और एडीसीपी गंगानगर जोन पुष्कर वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया. खास बात यह है कि पवन यादव और आरोपी प्रधान पति विनोद यादव एक ही जाति और एक ही राजनीतिक दल से जुड़े बताए जा रहे हैं.
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अभिजीत चौहान, News18 Hindi के डिजिटल विंग में सब-एडिटर हैं. वर्तमान में अभिजीत उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और वायरल ख़बरें कवरेज कर रहे हैं. AAFT कॉलेज से पत्रकारिता की मास्…
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