इन दिनों देशभर में कई नए हाईवे और एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं. दिल्ली से मुंबई, अमृतसर और कटरा जैसे शहरों तक तेज कनेक्टिविटी के लिए एक्सप्रेसवे का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है. इसी कड़ी में NHAI एक और नए एक्सप्रेसवे पर काम कर रहा है. यह है बरेली-हल्द्वानी एक्सप्रेसवे. इसे उत्तर प्रदेश के बरेली से उत्तराखंड के हल्द्वानी तक बनाया जाएगा. इसकी लंबाई करीब 100 किलोमीटर होगी.
इस एक्सप्रेसवे के बनने से दिल्ली-NCR, लखनऊ, आगरा, प्रयागराज और मथुरा जैसे शहरों से उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों तक पहुंचना आसान हो जाएगा. इतना ही नहीं इस एक्सप्रेसवे के तैयार होने के बाद दिल्ली से नैनीताल का सफर करीब 3 से 4 घंटे में और लखनऊ से नैनीताल का सफर करीब 5 घंटे में पूरा होने की बात कही जा रही है.
100 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेसवे
NHAI की योजना के अनुसार, बरेली और हल्द्वानी के बीच करीब 100 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा. यह कंट्रोल्ड-एक्सेस एक्सप्रेसवे होगा. यानी इस रास्ते पर वाहनों को बार-बार सिग्नल और स्थानीय ट्रैफिक का सामना नहीं करना पड़ेगा.
यह नया रूट बहेड़ी, किच्छा, रुद्रपुर, लालकुआं और पंतनगर जैसे अधिक ट्रैफिक वाले इलाकों को बाईपास करेगा. इससे इन शहरों और कस्बों में लगने वाले जाम से बचने में मदद मिलेगी और सफर का समय भी कम हो सकता है.
हल्द्वानी तक पहुंचना होगा आसान
हल्द्वानी उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित है. हल्द्वानी के पास ही काठगोदाम है, जिसे कुमाऊं का प्रवेश द्वार माना जाता है. यहीं से नैनीताल, रानीखेत, कैंची धाम और बागेश्वर जैसे पहाड़ी और पर्यटन क्षेत्रों के लिए रास्ते निकलते हैं.
ऐसे में बरेली से हल्द्वानी तक तेज कनेक्टिविटी बनने से पहाड़ों की ओर जाने वाले लोगों को भी फायदा हो सकता है. खासकर नैनीताल और कुमाऊं के दूसरे इलाकों तक पहुंचना पहले के मुकाबले आसान हो सकता है.
दिल्ली और लखनऊ से नैनीताल का सफर होगा कम
एक्सप्रेसवे बनने के बाद दिल्ली-NCR से नैनीताल जाने में लगने वाला समय कम होने की उम्मीद है. अभी दिल्ली-NCR से नैनीताल पहुंचने में करीब 7 से 8 घंटे लगते हैं. एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह सफर करीब 3 से 4 घंटे में पूरा होने की बात कही जा रही है.
वहीं, लखनऊ से नैनीताल जाने में फिलहाल करीब 8 घंटे का समय लगता है. नए एक्सप्रेसवे के बनने के बाद यह सफर करीब 5 घंटे में पूरा हो सकता है. इससे उत्तर प्रदेश के कई शहरों से उत्तराखंड जाने वाले लोगों के लिए भी कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है.

