यूपी चुनाव को देखते हुए लखनऊ पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने कार्यकर्ताओं से बातचीत की और पार्टी की कमजोरियों के बारे में जाना। बारी-बारी से सबसे फीडबैक लिया गया।
UP Assembly Election 2027: यूपी में अगले साल होने वाला विधानसभा चुनाव कैसे जीता जाए, क्या रणनीति हो, हमारा सकारात्मक पहलू क्या है, कमजोरी कहां-कहां पर है, किन चीजों को ठीक करने की जरूरत है। इसको लेकर भाजपा ने मंथन शुरू कर दिया है। शनिवार को भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने शनिवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों से बात की। सबसे बारी-बारी से फीडबैक लिया। किसी ने विपक्ष के एजेंडे पर चर्चा की तो किसी ने थाने-तहसीलों में सुनवाई का मुद्दा उठाया। अधिकांश ने विकास और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर ही चुनावी नेरेटिव केंद्रित रखने का सुझाव दिया।
यूपी दौरे के दूसरे दिन राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने दो सत्रों में लंबी बैठकें कीं। करीब ढाई दर्जन पार्टी नेताओं की बैठक में उन्होंने सबसे विधानसभा चुनाव को लेकर फीडबैक लिया। सामाजिक और राजनीतिक समीकरण पर चर्चा की। पूछा कि अब चुनाव नजदीक आ रहा है तो माहौल बनाने के लिए क्या-क्या किया जाए। इस पर हर विधानसभा में सम्मेलन, बूथ अध्यक्ष सम्मेलन, पूर्व दायित्व वाले कार्यकर्ताओं को काम पर लगाने के साथ ही सोशल मीडिया और मीडिया में प्रभावी ढंग से नेरेटिव बनाने सहित अन्य कई सुझाव दिए।
बोले, थाना-तहसील में हो सुनवाई, विपक्ष के झूठ की हो काट
उन्होंने एक-एक करके पहले भाजपा और सरकार के सकारात्मक और फिर कमजोर पहलू बताने को कहा। कुछ लोगों ने कहा कि कानून व्यवस्था बेहतर हुई है, जो योगी सरकार का मजबूत पक्ष है। किसी ने सड़कें और एक्सप्रेस-वे के निर्माण से आवागमन की सुविधा बढ़ने तो किसी ने बिजली व्यवस्था में सुधार की चर्चा की। अधिकांश ने कहा कि सरकार में बड़े पैमाने पर विकास कार्य हुए हैं। वहीं कमजोरी की चर्चा करते हुए थाना और तहसील स्तर पर सुनवाई न होने की बात कही। यूजीसी के असर की भी बात कही। वहीं विपक्ष द्वारा संविधान, आरक्षण, रोजगार, युवाओं आदि के मुद्दों को लेकर झूठा नेरेटिव बनाए जाने की बातें भी कई नेताओं ने रखीं। यह भी कहा कि विपक्ष चुनाव को जाति की ओर ले जाना चाहता है। इन सब चीजों पर और काम करने की जरूरत है। इस बैठक में चार पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, स्वतंत्रदेव सिंह, सूर्यप्रताप शाही और रमापति राम त्रिपाठी, सभी प्रदेश महामंत्री, मीडिया और सोशल मीडिया विभाग के प्रतिनिधि, कई पूर्व पदाधिकारी शामिल थे।
20 अक्तूबर के बाद होगी प्रदेश कार्यसमिति
दूसरी बैठक प्रदेश महामंत्रियों के साथ की। इसमें सेवा संकल्प अभियान के साथ ही पदाधिकारियों के प्रवास को लेकर चर्चा की। प्रदेश कार्यसमिति की बड़ी बैठक आयोजित करने की बात कही। इसके 20 अक्तूबर के बाद आयोजित होने की संभावना है। इसमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राजनाथ सिंह शामिल हो सकते हैं। चुनाव के लिए अभी से काम के बंटवारे और विभागों के गठन के साथ ही मोर्चा-प्रकोष्ठों के गठन का काम जल्द पूरा किए जाने पर चर्चा की। राष्ट्रीय महामंत्री संगठन ने इस फीडबैक के आधार पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने और जल्द बड़ी बैठक करने की बात कही। इन बैठकों में यूपी प्रभारी विनोद तावड़े, सह प्रभारी जगदीश भाई पटेल और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह मौजूद रहे। शाम को बीएल संतोष व धर्मपाल सिंह कानपुर रवाना हो गए।

