कानपुर में 21 साल की युवती ने अपने बर्थडे से एक दिन पहले आत्महत्या कर ली। उसका आज जन्मदिन था। गुरुवार की रात वह अपने पिता के पास बैठी थी और उसने पिता से पूछा भी कि पापा इस बार अपनी लाडली को क्या गिफ्ट दोगे?
UP News: यूपी के कानपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां एक 21 साल की युवती ने अपने बर्थडे से एक दिन पहले फांसी लगाकर जान दे दी। मृतका का शनिवार को जन्मदिन है। गुरुवार की रात वह अपने पिता के पास बैठी थी और उसने पिता से पूछा भी कि पापा इस बार अपनी लाडली को क्या गिफ्ट दोगे? शुक्रवार को पोस्टमार्टम हाउस में पिता बेटी के वाक्य को याद कर फूट फूटकर रो रहे थे। पिता का कहना था कि वह किसी अच्छे गिफ्ट के बारे में सोच पाते इतना मौका बेटी ने नहीं दिया। सुबह जब वो बेटी के कमरे में गए तो उसका शव लटक रहा था। पुलिस आत्महत्या का कारण पता नहीं कर सकी है।
ये मामला गुजैनी के वरुण बिहार का है। यहां रहने वाले प्रेम कुमार प्राइवेट कर्मी हैं। परिवार में पत्नी राधा, दो बेटे आयुष और संजय के अलावा 21 वर्षीय इकलौती बेटी कृपा कुमारी थी। पिता के मुताबिक 12 सितंबर को कृपा का जन्मदिन है। भतीजे मयंक का भी उसी दिन जन्मदिन होने पर दोनों एक साथ केक काटते थे। गुरुवार रात हंसते-मुस्कराते बेटी आई और दुलारते हुए बोली कि पापा इस बार अपनी लाडली को जन्मदिन पर क्या गिफ्ट दोगे। इस पर पिता ने कहा जो चाहिए बता दो, तुम्हारे साथ मयंक को भी गिफ्ट देना है। इसके बाद हंसी खुशी परिवार सो गया।
देर रात कृपा उठकर घर के ऊपर बने कमरे में चली गई, जहां उसने दुपट्टे के सहारे पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी। शुक्रवार सुबह बेटी के बेड पर न होने पर परिवारीजन आवाज लगाते हुए ऊपर कमरे में पहुंचे। दरवाजा खटखटाने पर जब कोई जवाब नहीं मिला तो परिजनों ने किसी तरह दरवाजा तोड़ा। कमरे में कृपा के शव को फंदे से लटकता देख मां राधा, पिता और भाई की चीखें निकल गईं।
परिवार का मोहल्ले में आना-जाना नहीं
इंस्पेक्टर गुजैनी राजन शर्मा ने बताया कि आत्महत्या का कारण स्पष्ट न होने पर पुलिस ने मोहल्ले में बातचीत की। जिस पर पता चला कि परिवार मोहल्ले में कहीं आता जाता नहीं था। वह अपने घर पर ही रहते थे और गेट हमेशा लॉक रहता था। इतना ही नहीं मृतका मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करती थी। इंस्पेक्टर के मुताबिक फॉरेंसिक टीम ने जांच की है। रिपोर्ट आने के साथ ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिजनों के मुताबिक, कृपा ने किसी तरह बोर्ड के एग्जाम पास किए थे। पिता प्रेम कुमार के मुताबिक वो कामदगिरी स्कूल में 11 वीं क्लास में थी। तभी उसने साफ कहा था कि पढ़ाई में मन नहीं लगता। जिसके बाद से वो घर पर ही रहती थी।

