सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद ने कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सहारनपुर को संभल बनाने की साजिश की गई थी। माना जा रहा है कि उनका इशारा संभल की तरह हिंसा पर था।
सहारनपुर में कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर सांसद इमरान मसूद ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए बड़ा राजनीतिक आरोप लगाया है। सांसद ने आरोप लगाया कि सहारनपुर को भी संभल बनाने की कोशिश थी, लेकिन यहां लोगों ने आपसी सौहार्द बनाए रखा। उन्होंने कहा कि सहारनपुर में नफरत नहीं फैली और हिंदू-मुस्लिम के बीच भाईचारा कायम है। उन्होंने प्रशासन पर रिकॉर्ड और दस्तावेजों को दरकिनार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कागजों में दर्ज तथ्यों को छिपाया नहीं जा सकता।
दरअसल दो साल पहले संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा फैल गई थी। इसमें चार लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे। इस दौरान पुलिस और पब्लिक के साथ झड़प में जबरदस्त पथराव और गोलीबारी हुई थी। पुलिस ने दंगा भड़काने वालों पर ही गोली चलाने का भी आरोप लगाया था। दर्जनों लोगों को गिरफ्तार कर जेलों में डाला गया था।
कुआं मिलने से मस्जिद का दावा और मजबूत
इमरान मसूद ने कहा कि परिसर में कुआं मिलने के बाद उनका दावा और मजबूत हुआ है। सांसद ने कहा कि सरकारी रिकॉर्ड और दस्तावेजों में मस्जिद दर्ज है, ऐसे में पुराने साक्ष्यों और अभिलेखों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इमरान मसूद ने कहा कि पुराने समय में मस्जिदों और धार्मिक स्थलों के आसपास रेहट और कुएं हुआ करते थे। वजू के लिए कुएं से पानी निकाले जाने की व्यवस्था भी रहती थी। उनके मुताबिक, परिसर में कुएं का मिलना इसी पुराने ढांचे से जुड़े दावे को मजबूती देता है।
यूट्यूबर हुदा जरीवाला हुईं रिहा, दिल्ली रवाना
वहीं, मस्जिद ध्वस्तीकरण के विरोध के दौरान हंगामा और मुख्यमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार महिला यूट्यूबर हुदा जरीवाला को अदालत से राहत मिल गई है। बुधवार को मामले की सुनवाई के बाद सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने उन्हें जमानत दे दी। जमानत के बाद हुदा दिल्ली के लिए रवाना हो गईं।
पुलिस के मुताबिक, हुदा जरीवाला को एक दिन पहले थाना कुतुबशेर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन पर सर्किट हाउस में हंगामा करने और मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया गया। बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने हुदा जरीवाला को जमानत दे दी।
इसके बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। मस्जिद को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहा था। हुदा जरीवाला की गिरफ्तारी और अब जमानत मिलने के बाद मामले ने एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज कर दी है।
पांचवें दिन भी बंद रहे कलेक्ट्रेट के गेट
सहारनपुर में कलंक्ट्रेट स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद परिसर की सुरक्षा व्यवस्था लगातार चाक-चौबंद रखी जा रही है। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के पांचवें दिन भी कलेक्ट्रेट के चारों गेट आम लोगों के लिए नहीं खोले गए। सभी गेटों के बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती रही। कलेक्ट्रेट में आने वाले लोगों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पांच सितंबर को कलेक्ट्रेट स्थित मस्जिद पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई थी। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट से लेकर मस्जिद स्थल तक जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया है। काम से आने वाले लोगों को जांच के बाद ही परिसर में प्रवेश दिया जा रहा है। मस्जिद स्थल की सुरक्षा के लिए नवीन सभागार के पास बैरिकेडिंग की गई है। बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में अनावश्यक आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित है।
आगे केवल उन्हीं लोगों को जाने की अनुमति दी जा रही है, जिन्हें कोषागार या निर्वाचन कार्यालय में काम है। परिसर में सीसीटीवी कैमरों से भी लगातार निगरानी की जा रही है। एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से कलेक्ट्रेट के गेट और परिसर में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। पुलिसकर्मी आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं।
मस्जिद के मलबे को लेकर भी अफवाह
एक अन्य मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। उप निरीक्षक राजकुमार गौतम के अनुसार सात सितंबर को एक्स पर ‘पूजा माथुर’ नाम के हैंडल से की गई एक पोस्ट पुलिस के संज्ञान में आई। पुलिस के मुताबिक पोस्ट में दावा किया गया कि करीब 120 वर्ष पुरानी कलेक्ट्रेट मस्जिद को बुलडोजर से गिराए जाने के साथ तमाम धार्मिक वस्तुएं, किताबें और इमाम के कपड़े भी मलबे के साथ ट्रक में भरकर फेंक दिए गए। पुलिस ने प्रथम दृष्टया पोस्ट को आपत्तिजनक मानते हुए संबंधित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
इसी तरह यूट्यूब चैनल की एंकर पूजा माथुर के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। उप निरीक्षक सत्येंद्र कुमार शर्मा के मुताबिक यूट्यूब पर ‘रेड चिली लाइव’ नाम के चैनल से प्रसारित एक वीडियो के शीर्षक से लेकर कंटेंट तक को पुलिस ने आपत्तिजनक मानते हुए मुकदमा दर्ज किया है।
सोशल मीडिया पर फैलाया जहर, 3 पर केस
मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की पोस्ट और वीडियो प्रसारित किए जाने से पुलिस-प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। पुलिस की साइबर टीम की निगरानी के दौरान सामने आए इन मामलों में शहर कोतवाली और जनकपुरी थाने में तीन लोगों के खिलाफ अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस अब संबंधित पोस्ट और वीडियो के स्रोत, उनकी सत्यता और उन्हें प्रसारित करने वालों की भूमिका की जांच कर रही है।
साइबर निगरानी के दौरान एक्स पर एक पोस्ट पुलिस के सामने आई। पुलिस के अनुसार, सांसद चंद्रशेखर आजाद ने इस पर आपत्ति जताते हुए एक पोस्ट की थी, इसे री-पोस्ट करते हुए एक व्यक्ति ने सहारनपुर के प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारियों के साथ आरएसएस को भी निशाना बनाने और उनके खिलाफ जानलेवा हमला करने की अपील की थी।
पोस्ट करने वाले की पहचान और उसके पीछे की मंशा की भी जांच की जा रही है। उधर, जनकपुरी थाने में साइबर टीम प्रभारी उप निरीक्षक सतीश कुमार की ओर से दी गई तहरीर के अनुसार, साइबर पेट्रोलिंग के दौरान फेसबुक पर ‘राजा भाई’ नाम के पेज से प्रसारित एक आपत्तिजनक वीडियो पुलिस के संज्ञान में आया। पुलिस ने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
