यह मामला गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र के मोहद्दीपुर स्थित गर्ल्स हॉस्टल का है। मंगलवार की देर रात हॉस्टल के बाथरूम में मोबाइल पकड़ा गया। एक छात्रा ने इसे देखा तो अन्य छात्राओं को इसकी जानकारी दी। महिला वार्डेन ने सफाई दी कि डस्टबिन होने के बावजूद कुछ लड़कियां सेनेटरी पैड इधर-उधर फेंक देती हैं।

गर्ल्स हॉस्टल के बाथरूम में मोबाइल कैमरा और सेनेटरी पैड की जासूसी, वार्डेन ने दी अजीब सफाई
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के एक गर्ल्स हॉस्टल में मोबाइल कैमरा छिपाकर वीडियो रिकॉर्डिंग किए जाने का मामला सामने आया है। टिनशेड में फंसाकर रखे गए इस मोबाइल पर रात में टॉयलेट गई एक छात्रा की नजर पड़ी तो वह सन्न रह गई। छात्रा ने अन्य छात्राओं को इस बारे में बताया। छात्राओं ने मोबाइल को चेक किया तो उसमें कुछ वीडियो मिले। इसके बाद उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। हंगामे के बाद हॉस्टल की महिला वार्डेन ने अजीबोगरीब सफाई दी। वार्डेन ने मोबाइल कैमरा लगाए जाने की बात स्वीकार की लेकिन उन्होंने कहा कि इसे किसी गलत इरादे से नहीं बल्कि इस वजह से लगाया गया था कि सेनेटरी पैड इधर-उधर फेंकने वाली लड़कियों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
महिला वार्डेन ने कहा कि बाथरूम में डस्टबिन होने के बावजूद कुछ लड़कियां सेनेटरी पैड इधर-उधर फेंक देती हैं। इससे गंदगी होती है। कौन लड़कियां ऐसा कर रही हैं, यही पता लगाने के लिए उन्होंने मोबाइल कैमरा लगाए जाने की सफाई दी।
टॉयलेट की ओर था कैमरा
यह मामला गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र के मोहद्दीपुर स्थित गर्ल्स हॉस्टल का है। मंगलवार की देर रात हॉस्टल के बाथरूम में यह मोबाइल पकड़ा गया। एक छात्रा ने इसे देखा तो अन्य छात्राओं को इसकी जानकारी दी। मोबाइल चेक करने और हंगामा शुरू होने के बाद डॉयल-112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद पीआरवी के साथ कैंट थाने की पुलिस हॉस्टल पहुंची। छात्राओं का आरोप है कि मोबाइल का कैमरा टॉयलेट की ओर था और उसे रिकॉर्डिंग मोड में रखा गया था। मोबाइल में कई छात्राओं के वीडियो मिलने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने मोबाइल कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
20 कमरों में रहती हैं 26 छात्राएं
जानकारी के मुताबिक, हॉस्टल में 20 कमरों में 26 छात्राएं रहती हैं। यहां शहर के विभिन्न कॉलेजों में पढ़ने वाली और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाली छात्राएं रहती हैं। एक छात्रा दो दिन पहले ही हॉस्टल आई है। आठ सितंबर की रात वह बाथरूम गई तो टिन शेड में फंसा मोबाइल दिखाई दिया। उसने मोबाइल का वीडियो बनाकर अन्य छात्राओं को इसकी जानकारी दी। मोबाइल चेक करने पर उसमें बाथरूम के अंदर के कुछ वीडियो मिले। इसके बाद छात्राओं ने हंगामा शुरू कर दिया और पुलिस को सूचना दी। रात करीब 12 बजे पहुंची पुलिस ने मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया।
पुलिस ने डिलीट कराए वीडियो
छात्राओं का आरोप है कि उसमें पांच-छह लड़कियों के बाथरूम के वीडियो थे। पुलिस ने मोबाइल में मौजूद कुछ वीडियो डिलीट कराए। कुछ वीडियो छात्राओं के मोबाइल में भी पहुंच गए थे। पुलिस के मुताबिक उन्हें भी डिलीट कराया गया। हालांकि कुछ वीडियो वायरल होने की बात सामने आई है। छात्राओं ने घटना की जानकारी अपने परिजनों को भी दी। पूछताछ में महिला वार्डेन ने पुलिस को बताया कि बाथरूम में सेनेटरी पैड रखने के लिए डस्टबिन रखा गया है। इसके बावजूद कुछ छात्राएं पैड इधर-उधर फेंक देती थीं, जिससे गंदगी होती थी। इसी का पता लगाने के लिए रात करीब 10 बजे मोबाइल को रिकॉर्डिंग मोड में रखकर बाथरूम में लगाया गया था। वार्डेन ने गलत मंशा से रिकॉर्डिंग करने से इनकार किया है। पुलिस के अनुसार, महिला किराये के मकान में कई सालों से हॉस्टल चला रही है। कैंट थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि मोबाइल कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। तहरीर मिलने पर जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

