• Home
  • Privacy Policy
Sonebhadra Live
No Result
View All Result
No Result
View All Result
Sonebhadra Live
No Result
View All Result

शक समधी पर, सजा भतीजे को; मायावती के ऐलान से आकाश को जमीन पर पटकने का खेल सुलझा, Uttar-pradesh Hindi News

Admin by Admin
September 9, 2026
in उत्तर प्रदेश
0
शक समधी पर, सजा भतीजे को; मायावती के ऐलान से आकाश को जमीन पर पटकने का खेल सुलझा, Uttar-pradesh Hindi News


मायावती ने बुधवार को ऐक्स पर पोस्ट कर आकाश को वापस पद पाने का रास्ता बता दिया है। ससुर को घर बिठाओ तो पद मिलेगा। मायावती के इस ऐलान  से आकाश आनंद  को जमीन पर पटकने का खेल सुलझा।

बसपा में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने बुधवार को पहली बार परिवार में भीतरखाने चल रही कलह स्वीकारी तो पार्टी में मचे घमासान की कड़ियां भी खुलना शुरू हो गई हैं। शक समधी पर है और सजा भतीजे आकाश को मिली। मायावती ने आकाश को वापस पद पाने का रास्ता बता दिया है। ससुर को घर बिठाओ तो भाव और पद मिलेगा। मायावती ने बुधवार को अपने एक्स अकाउंट पर साफ कर दिया है कि उनके बड़े भतीजे आकाश आनंद को अब पार्टी में तभी कोई जिम्मेदारी मिलेगी, जब उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ राजनीति से सन्यास ले लेंगे। मायावती उन्हें बीते दिनों पद से हटा चुकी हैं। तब यह भी साफ कहा था कि अब पद पाने के सारे रास्ते बंद हो चुके हैं।

मायावती ने लिखा कि विधानसभा चुनाव से पहले जब विरोधी पार्टियों तथा जातिवादी तत्वों से बहुजन समाज, बसपा और बहुजन मूवमेंट को आरक्षण से लेकर अन्य चुनौतियों का सामना करना है, तब खासकर दलित समाज के लोगों को निजी या पारिवारिक स्वार्थ में ऐसा कोई भी कार्य नहीं करना चाहिये, जो पार्टी की राह में बाधा उत्पन्न करे। बसपा सुप्रीमो मायावती ने साफ किया कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इन बातों का खास ध्यान रखते हुए भूले-भटके लोगों को उनके अचार-व्यवहार को ध्यान में रखकर पार्टी में शामिल कर रहा है।

अशोक सिद्धार्थ को सुधरने के एक नहीं कई अवसर दिए

साथ ही जो लोग इस राह में थोड़ी रुकावट भी बनने की कोशिश कर रहे हैं, उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जा रही है। इसका चर्चित उदाहरण बसपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य अशोक सिद्धार्थ हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने अशोक सिद्धार्थ को सुधरने के एक नहीं कई अवसर दिए पर उन्होंने पार्टी के मिशन से अधिक अपने निजी व पारिवारिक स्वार्थ और महत्वकांक्षा महत्व दिया।

आकाश से पद छीने जाने की वजह भी साफ कर दी

मायावती ने इसके साथ ही तीन सितंबर को राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में आकाश आनंद से राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर का पद छीने जाने की वजह भी साफ कर दी। उन्होंने लिखा कि अशोक सिद्धार्थ ने जो किया उसका खामियाजा खुद के साथ-साथ उनके दामाद आकाश आनंद को भी भुगतना पड़ा है। उन्होंने अपने निजी स्वार्थ में आकाश आनंद और बसपा मूवमेंट की कभी परवाह नहीं की, जबकि उन्हें दूसरों से कहीं अधिक बढ़-चढ़कर त्याग-तपस्या व कुर्बानी की मिसाल पार्टी व सामाज के लोगों को देनी चाहिए थी।

मायावती ने रखी शर्त

मायावती ने यह भी कहा कि अशोक सिद्धार्थ के पास परिवार और अपने दामाद आकाश के भविष्य को ध्यान में रखकर अभी भी मौका है कि वे अपनी महत्वकांक्षा को त्याग कर राजनीति से पूरी तरह से सन्यास ले लें। ऐसी स्थिति में आकाश का फ्री होकर पार्टी में काम करना संभव होगा और तभी फिर पार्टी उनको उनकी ज़िम्मेदारियां वापस देने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। जिससे वे पार्टी में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें, ऐसी पार्टी में आम राय है।



Source link

Previous Post

Mohammad Ashfaq: चीते की तरह भागे अशफाक, दूसरे नंबर पर फिनिश, विश्व U-20 चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में एंट्री

Next Post

आत्मघाती हमला था लाल किला ब्लास्ट; डॉ. उमर ने खुद को कैसे उड़ाया? NIA के बड़े खुलासे, Ncr Hindi News

Next Post
आत्मघाती हमला था लाल किला ब्लास्ट; डॉ. उमर ने खुद को कैसे उड़ाया? NIA के बड़े खुलासे, Ncr Hindi News

आत्मघाती हमला था लाल किला ब्लास्ट; डॉ. उमर ने खुद को कैसे उड़ाया? NIA के बड़े खुलासे, Ncr Hindi News

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Home
  • Privacy Policy

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.

No Result
View All Result
  • Home
  • Privacy Policy

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.