नई दिल्ली. किस्मत जब साथ हो तो रिजेक्ट किया हुआ आइडिया भी इतिहास रच सकता है. एक ऐसी ही फिल्म थी, जिसे बनाने के लिए मेकर को अपना घर तक गिरवी रखना पड़ा. मुश्किलें इतनी थीं कि फिल्म के लीड रोल की हीरोइन भी शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले बदल गई. लेकिन रिलीज के बाद जो हुआ, उसने हर किसी को हैरान कर दिया. फिल्म की कहानी से लेकर गाने और नए चेहरे तक, सबकुछ दर्शकों के दिल में उतर गया. बॉक्स ऑफिस पर नोटों की बारिश हुई और अवॉर्ड्स की ऐसी झड़ी लगी कि उसका नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया. यही वह फिल्म थी, जिसने साल 2000 में एक नए सितारे को रातोंरात लाखों दिलों की धड़कन बना दिया. क्या आप जान पाए?
बात कर रहे हैं 14 जनवरी 2000 को रिलीज हुई ‘कहो ना प्यार है’ की. इस फिल्म को बनाने की जिम्मेदारी राकेश रोशन ने संभाली थी. वह न सिर्फ इसके डायरेक्टर और प्रोड्यूसर थे, बल्कि फिल्म के लिए उन्हें अपने बेटे को लॉन्च करने का बड़ा जोखिम भी उठाना पड़ा. करीब दो साल की मेहनत और तमाम मुश्किलों के बाद फिल्म तैयार हुई.
उस वक्त किसी को अंदाजा नहीं था कि एक नए लड़के को लॉन्च करने वाली यह फिल्म बॉलीवुड की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल हो जाएगी. लेकिन फिल्म रिलीज हुई और इसने बजट से 8 गुना कमाई की था.
एक ही फिल्म ने बना दिया नया सुपरस्टार
फिल्म में ऋतिक रोशन ने डबल रोल निभाया था, जबकि अमीषा पटेल उनके साथ लीड एक्ट्रेस थीं. दलीप ताहिल, मोहनीश बहल और अनुपम खेर जैसे कलाकारों ने भी अहम किरदार निभाए. अनुपम खेर का ‘सरजी’ वाला अंदाज दर्शकों को खासा पसंद आया. लेकिन फिल्म की सबसे बड़ी उपलब्धि उसका नया चेहरा था. ऋतिक रोशन की स्क्रीन प्रेजेंस, डांस, एक्शन और रोमांटिक अंदाज ने युवाओं को दीवाना बना दिया. वह फिल्म रिलीज होते ही ऐसे स्टार बन गए, जिसकी कल्पना शायद खुद मेकर्स ने भी नहीं की होगी.
10 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 80 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह एक सुपर ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी. ‘कहो ना प्यार है’ 2000 में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी.
अवॉर्ड्स की लग गई थी लाइन
ऋतिक रोशन ने इसी फिल्म के लिए एक ही साल में फिल्मफेयर का बेस्ट एक्टर और बेस्ट डेब्यू मेल अवॉर्ड अपने नाम किया. एक ही साल में दोनों पुरस्कार जीतने वाले वह पहले एक्टर बने. फिल्म ने कुल 9 फिल्मफेयर अवॉर्ड जीते और तमाम दूसरे पुरस्कारों को मिलाकर 92 अवॉर्ड अपने नाम किए. इसकी वजह से फिल्म का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज हुआ.
रिजेक्ट हुई धुनों पर भरोसा और बना म्यूजिक इतिहास
फिल्म की सफलता में इसके संगीत का सबसे बड़ा हाथ था. राजेश रोशन ने इसका म्यूजिक तैयार किया था, जबकि गीतों को इब्राहिम अश्क, सावन कुमार और विजय अकेला ने शब्द दिए. फिल्म के लगभग हर गाने ने अपनी अलग पहचान बनाई. ‘एक पल का जीना’, ‘ना तुम जानो ना हम’ समेत इसके सभी गाने उस दौर में जबरदस्त हिट हुए. दिलचस्प बात यह है कि इन धुनों की कहानी भी कम फिल्मी नहीं थी. कहा जाता है कि जिन ट्यून को दूसरे प्रोड्यूसर्स ने पसंद नहीं किया था, उन्हीं पर राजेश रोशन ने गाने तैयार किए. राकेश रोशन को वे धुनें पसंद आईं और उन्होंने उन्हें अपनी फिल्म के लिए चुन लिया. यही रिजेक्टेड ट्यून बाद में फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बन गईं. फिल्म के म्यूजिक ने भी अवॉर्ड्स में खूब धूम मचाई. बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर, बेस्ट लिरिसिस्ट, बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर और बेस्ट कोरियोग्राफर जैसे कई बड़े पुरस्कार फिल्म की झोली में आए. राजेश रोशन को बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर का सम्मान मिला. इससे पहले वह 1975 में ‘जूली’ के लिए यह अवॉर्ड जीत चुके थे.
लकी अली को मिला बड़ा मौका
इस फिल्म ने एक और यादगार काम किया. महमूद के बेटे लकी अली को बतौर प्लेबैक सिंगर मौका मिला. उन्होंने ‘एक पल का जीना’ और ‘ना तुम जानो ना हम’ जैसे गाने अपनी आवाज दी. खासकर ‘एक पल का जीना’ का डांस स्टेप आज भी बॉलीवुड के सबसे पहचानने योग्य डांस मूव्स में गिना जाता है.
जीतेंद्र के नाम भी जुड़ी थी कहानी
फिल्म की कहानी का क्रेडिट जीतेंद्र को दिया गया था, हालांकि स्क्रीन पर उनके असली नाम रवि कपूर का इस्तेमाल हुआ. राकेश रोशन ने फिल्म के डायरेक्शन और प्रोडक्शन की कमान खुद संभाली. रोमांस, एक्शन, थ्रिल और म्यूजिक से सजी ‘कहो ना प्यार है’ सिर्फ एक सफल फिल्म नहीं बनी, बल्कि इसने एक नए एक्टर को सुपरस्टार बनाने के साथ-साथ बॉक्स ऑफिस और अवॉर्ड्स के कई रिकॉर्ड भी अपने नाम किए. यही वजह है कि 2000 की यह फिल्म आज भी बॉलीवुड की सबसे यादगार लॉन्च फिल्मों में गिनी जाती है.

