गोरखपुर से पनवेल तक नई ट्रेन चल जाने से यात्रियों को सहूलियत मिलेगी। गोरखपुर से इस समय में मुंबई के लिए 7 ट्रेनें चलती हैं। बावजूद इसके यहां के लिए हमेशा मारामारी रहती है। नई ट्रेन स्लीपर क्लास की वजह से इसमें अधिक संख्या और कम किराए में मुंबई तक की यात्रा पूरी की जा सकेगी।

इस दिवाली मुंबई से पूर्वी यूपी आने-जाने वालों को होगी आसानी, रोज चलेगी ये ट्रेन
आशीष श्रीवास्तव, गोरखपुर
इस बार दीपावली के पहले मुंबई से आने और फिर यहां से वापस जाने वाले यात्रियों को बड़ी सहूलियत मिलेगी। गोरखपुर से बढ़नी होते हुए पनवेल (महाराष्ट्र) तक रोजाना एक नई ट्रेन चलाने की तैयारी है। डुमरियागंज सांसद जगदम्बिका पाल की पहल पर रेलवे बोर्ड ने एनई रेलवे को शेड्यूल बनाने को कहा है। बोर्ड के निर्देश पर एनई रेलवे ने शेड्यूल बना लिया है। जल्द ही इसे अंतिम स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। इसके चल जाने से एक साथ 1600 यात्री यात्रा कर सकेंगे और वेटिंग पर काफी हद तक अंकुश लगने की संभावना है।
गोरखपुर से पनवेल तक नई ट्रेन चल जाने से यात्रियों को बड़ी सहूलियत मिलेगी। गोरखपुर से वर्तमान में मुंबई के लिए सात ट्रेनें चलती हैं। बावजूद इसके यहां के लिए हमेशा मारामारी रहती है। नई ट्रेन स्लीपर क्लास की वजह से इसमें अधिक संख्या और कम किराए में यात्री मुंबई तक की यात्रा पूरी कर सकेंगे।
यात्रियों को ये सुविधाएं मिलेंगी
बिना एसी वाली अमृत भारत एक्सप्रेस आम यात्रियों के लिए डिजाइन की गई है। नई ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरे लगे रहेंगे। टॉक-बैक सिस्टम से यात्री आपात स्थिति में सीधे लोको पायलट व ट्रेन मैनेजर से संपर्क कर सकेंगे। वैक्यूम बायो टॉयलेट, आरामदायक सीटों की सुविधा मिलेगी। 22 बोगियों वाली अमृत भारत एक्सप्रेस में 1834 यात्री सफर कर सकेंगे।
टाइम टेबल पर चल रहा मंथन
प्रारंभिक प्रस्तावों के अनुसार ट्रेन की समय-सारणी बन गई है। अभी इस पर और मंथन चल रहा है। संभावना जताई जा रही है कि इसे जल्द ही रेलवे बोर्ड के पास फाइनल मंजूरी के लिए भेज दिया जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद इसके संचलन का रास्ता साफ हो जाएगा। बता दें कि गोरखपुर के सदर सांसद रवि किशन ने गोरखपुर होते हुए राजधानी चलाने की मांग की थी। ऐसे में इस नई ट्रेन के प्रस्ताव से ये साफ है कि उसी दिशा में कवायद चल रही है। सांसद ने कई बार मुद्दे पर रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव से मुलाकात की थी।
आनंद विहार से सायरंग तक चलेगी ट्रेन, राजधानी बनेगी
वहीं, पूर्वोत्तर रेलवे जल्द ही पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम से भी जुड़ने वाला है। रेलवे बोर्ड ने सेवाओं में विस्तार करते हुए मिजोरम तक ट्रेन चलाने की कवायद शुरू की है। प्रस्ताव के अनुसार ट्रेन आनंद विहार से चलकर गोरखपुर होते हुए सायरंग (मिजोरम) तक जाएगी। बाद में इसी ट्रेन को राजधानी के रूप में भी बदलने की योजना है। दरअसल सायरंग स्टेशन मिजोरम की राजधानी आइजोल जिले का स्टेशन है। ऐसे में आनंदविहार से सायरंग वाया गोरखपुर ट्रेन को राजधानी के रूप में चलाया जा सकता है।
इस नई सेवा से मिजोरम भी अब उत्तर प्रदेश (यूपी) और बिहार से सीधे जुड़ जाएगा। रेलवे बोर्ड के निर्देश के बाद अब पूर्वोत्तर रेलवे में इसकी तैयारी तेज हो गई है। बोर्ड के दिशा-निर्देश पर रेलवे प्रशासन ने रूट, ठहराव और समय सारिणी का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। जल्द ही इसको लेकर बोर्ड में बैठक प्रस्तावित है और वहीं इस पर प्रस्ताव पर मुहर लगने की उम्मीद है। इसके चल जाने से यात्रियों को एक नई ट्रेन की सेवा तो मिलेगी ही साथ ही गोरखपुर से आनंद विहार की दूरी महज 10 से 11 घंटे में पूरी हो सकेगी। अभी यह दूरी 13 घंटे में पूरी होती है।

