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बड़े पर्दे पर तहलका मचा रही ‘मिर्जापुर: द मूवी’ में रसिका दुगल ने बीना त्रिपाठी का रोल निभाया है. उनके इंटीमेट सीन्स की खूब चर्चा हो रही है. इस बीच रसिका ने खुलासा किया कि इंटीमेट सीन्स की शूटिंग कैसे होती है. उन्होंने बताया कि आजकल सेट्स पर इंटीमेसी को-ऑर्डिनेटर की मौजूदगी बेहद जरूरी हो चुकी है. इससे शूटिंग के दौरान किसी कलाकार की सीमाओं का उल्लंघन नहीं होता और हर किसी के कम्फर्ट का पूरा ध्यान रखा जाता है. उनके मुताबिक, जैसे एक्शन के लिए फाइट मास्टर होता है, वैसे ही इंटीमेसी को-ऑर्डिनेटर माहौल को सुरक्षित और सहज बनाते हैं.
नई दिल्ली. पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिव्येंदु शर्मा स्टारर ‘मिर्जापुर: द मूवी’ बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है. सुपरहिट सीरीज ‘मिर्जापुर’ पर बनी इस मूवी को लेकर लोगों की दीवानगी का साफ पता चल रहा है. इसमें रसिका दुग्गल ने बीना त्रिपाठी का रोल निभाया है. अब उन्होंने बताया कि ‘मिर्जापुर’ में उनके इंटीमेट सीन्स की शूटिंग कैसे हुई थी.
रसिका ने खुलासा किया कि बोल्ड सीन्स की शूटिंग के दौरान इंटीमेसी को-ऑर्डिनेटर की मौजूदगी से उन्हें काफी मदद मिली और वह बिना किसी झिझक के पूरे कम्फर्ट के साथ अपने सीन्स शूट कर पाई थीं. (फोटो साभार: Instagram@rasikadugal)
एएनआई से बातचीत के दौरान रसिका ने कहा, ‘इंटीमेट सीन्स की शूटिंग के लिए आजकल सेट्स पर इंटीमेसी को-ऑर्डिनेटर्स होते हैं, जो बेहद जरूरी भी है. इससे किसी की सीमाओं का उल्लंघन नहीं होता और हर कलाकार की सहूलियत का पूरा ध्यान रखा जाता है. यह ठीक वैसा ही है जैसे किसी डांस नंबर के लिए कोरियोग्राफर और एक्शन सीन के लिए फाइट मास्टर होता है.’ (फोटो साभार: Instagram@rasikadugal)
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रसिका दुग्गल ने आगे कहा, ‘शूटिंग पर जाने से पहले वर्कशॉप्स की जाती हैं, जहां यह पहले ही तय कर लिया जाता है कि मेरे या मेरे को-एक्टर के लिए कौन-सी चीज कम्फर्टेबल है और कौन-सी नहीं. निर्देशक की सोच को बिना किसी झिझक के पर्दे पर कैसे उतारना है, यह सब आपस में चर्चा करके ही तय किया जाता है.’ (फोटो साभार: Instagram@rasikadugal)
उन्होंने कहा, ‘अगर किसी सीन में कोई एक्टर असहज महसूस करता है, तो हम बिना उस सहजता को खोए उसी इम्पैक्ट को पर्दे पर लाने का दूसरा तरीका ढूंढते हैं. आजकल ये सब बहुत ही खूबसूरत और प्रोफेशनल तरीके से मैनेज किया जाता है. सेट्स पर इंटीमेसी को-ऑर्डिनेटर का होना एक बेहद शानदार पहल है, इससे हर कोई बहुत कम्फर्टेबल महसूस करता है.’ (फोटो साभार: Instagram@rasikadugal)
एक्ट्रेस ने आगे बताया, ‘आपको पहले से पता होता है कि सेट पर क्या और कैसे शूट होने वाला है. आप कम लोगों की मौजूदगी वाले सेट की मांग कर सकते हैं. पहले जब इंटीमेसी को-ऑर्डिनेटर्स नहीं होते थे, तब यह जिम्मेदारी किसी न किसी की होती तो थी, लेकिन किसी को साफ तौर पर पता नहीं होता था कि किसे अप्रोच करें. अब इस एक इंसान की वजह से सब तय होता है. वही तय करते हैं कि क्लोज्ड सेट पर कौन रहेगा और किसकी जरूरत नहीं है और जिनकी जरूरत नहीं होती वे तुरंत बाहर चले जाते हैं. यह अब पूरी तरह प्रोफेशनल हो चुका है.’ (फोटो साभार: Instagram@rasikadugal)
रसिका ने यह भी शेयर किया कि जब उन्होंने ‘मिर्जापुर’ के पहले सीजन की शूटिंग की थी, तब भारत में इंटीमेसी को-ऑर्डिनेटर का यह कॉन्सेप्ट ज्यादा चलन में नहीं था. उन्होंने कहा, ‘जब हम ‘मिर्जापुर’ के पहले सीजन पर काम कर रहे थे, तब हमारे यहां इंटीमेसी को-ऑर्डिनेटर का कॉन्सेप्ट नहीं आया था, भले ही वेस्ट में यह चलन पहले से था, लेकिन भारत में तब तक इसकी शुरुआत नहीं हुई थी. हालांकि, हम खुशकिस्मत थे कि हमारी टीम और डायरेक्टर्स बेहद संवेदनशील थे. उन्होंने खुद आगे बढ़कर इंटीमेसी को-ऑर्डिनेटर की भूमिका निभाई और यह सुनिश्चित किया कि मुझे हर फ्रेम और शॉट की सटीक जानकारी हो.’ (फोटो साभार: Instagram@rasikadugal)
उन्होंने आगे कहा, ‘शूटिंग से पहले ही निर्देशक ने मुझसे खुलकर चर्चा की थी, जहां मुझे अपनी बात रखने और किसी भी बात पर असहज होने पर ना कहने की पूरी छूट थी. उस वक्त भी चीजें बेहद सहूलियत से संभाली गईं, लेकिन फिर भी सेट्स पर इंटीमेसी को-ऑर्डिनेटर्स की मौजूदगी की अहमियत को कम करके नहीं आंका जा सकता, यह बेहद जरूरी है.’ (फोटो साभार: Instagram@rasikadugal)

