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जेब में नहीं थे पैसे, स्कॉलरशिप से की सिनेमा की पढ़ाई, ऑस्कर तक पहुंची फिल्म तो पिता ने पूछा- ‘कितने पैसे मिलेंगे’

Admin by Admin
September 5, 2026
in मनोरंजन
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जेब में नहीं थे पैसे, स्कॉलरशिप से की सिनेमा की पढ़ाई, ऑस्कर तक पहुंची फिल्म तो पिता ने पूछा- ‘कितने पैसे मिलेंगे’


Last Updated:September 05, 2026, 05:01 IST

सपने देखना आसान है, मगर उन्हें पूरा करने में पूरी जिंदगी लग सकती है. हम जिस शख्सियत की बात कर रहे हैं, उन्होंने जब फिल्म बनाने का सपना देखा, तो उनके पिता नाराज हो गए. जब उनकी फिल्म ऑस्कर के लिए नॉमिनेट हुई, तब भी पिता ने उनसे सबसे पहले यही पूछा था कि इससे पैसे कितने मिलेंगे? आज फिल्म स्टार की गिनती उन फिल्मकारों में होती है, जिसने पर्दे पर ऐसी कहानियां उतारीं, जिनका असर लंबे समय तक लोगों के बीच रहा.

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जेब में नहीं थे पैसे, स्कॉलरशिप से की सिनेमा की पढ़ाई, ऑस्कर तक पहुंची फिल्मZoom

डायरेक्टर का कश्मीर से गहरा ताल्लुक है. (फोटो साभार: IMDb)

नई दिल्ली: हम जिस फिल्मकार की बात कर रहे हैं, उन्होंने सिनेमा जगत में अपनी अलग पहचान बनाई. उन्होंने ‘परिंदा’, ‘1942: ए लव स्टोरी’, ‘मिशन कश्मीर’ जैसी फिल्में हिंदी सिनेमा को दीं. मगर इस मुकाम तक पहुंचना उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं था. हम विधु विनोद चोपड़ा की बात कर रहे हैं, जिनका जन्म 5 सितंबर 1952 को श्रीनगर में हुआ था. उनका बचपन कश्मीर में बीता. उन्होंने पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) से निर्देशन की पढ़ाई की. यहीं से उनके अंदर सिनेमा को लेकर जुनून और मजबूत हुआ. फिल्म की पढ़ाई करने और निर्देशक बनने का फैसला परिवार के लिए उतना आसान नहीं था. उनके पिता चाहते थे कि वह ऐसा काम करें, जिसमें भविष्य सुरक्षित हो.

विधु विनोद चोपड़ा ने एक इंटरव्यू में अपने शुरुआती दिनों का यह बेहद दिलचस्प किस्सा सुनाया था. उन्होंने कहा था, ‘जब मैंने पिता को बताया कि मैं फिल्में बनाना चाहता हूं तो उन्होंने मुझे थप्पड़ जड़ दिया और कहा कि फिल्म बनाकर भूखे मरोगे. मुंबई में कैसे रहोगे? उनके पास मुझे फिल्म स्कूल भेजने के पैसे नहीं थे. मैंने भारत सरकार की ओर से नेशनल स्कॉलरशिप पाने के लिए खूब मेहनत की और इकोनॉमिक्स ऑनर्स में कश्मीर यूनिवर्सिटी में टॉप किया. नेशनल स्कॉलरशिप में मिले पैसों से मैंने पुणे स्थित फिल्म इंस्टीट्यूट (एफटीआईआई) में एडमिशन लिया. इस दौरान एक शॉर्ट फिल्म ‘मर्डर एट मंकी हिल’ बनाई, जिसे नेशनल अवॉर्ड मिला था.’

विधु विनोद चोपड़ा ने फिर ‘एन एनकाउंटर विद फेसेस’ नाम की डॉक्यूमेंट्री बनाई. यह फिल्म भारत के गरीब और बेसहारा बच्चों की जिंदगी पर आधारित थी और 1979 में इसे ऑस्कर के लिए नॉमिनेट किया गया. यह उनके लिए बहुत बड़ी अचीवमेंट थी. ऑस्कर नॉमिनेशन की खबर को जब उन्होंने पिता को बताया, तो वह बेहद खुश हुए और उन्हें गले लगा लिया. इसके बाद, उन्होंने सीधा सवाल पूछा- इससे पैसे कितने मिलेंगे? इस पर विधु विनोद चोपड़ा ने बताया कि ऑस्कर नॉमिनेशन के लिए उन्हें कोई पैसा नहीं मिलने वाला. यह किस्सा सुनाते हुए विधु विनोद चोपड़ा ने बताया कि उनके पिता की चिंता असल में उनके भविष्य और कमाई को लेकर थी.

‘परिंदा’ ने बनी अलग पहचान
विधु विनोद चोपड़ा ने फिल्मी दुनिया में अपनी जगह बनाने के लिए लगातार मेहनत की. उन्होंने 1976 की ‘मर्डर एट मंकी हिल’ के बाद ‘सजाए मौत’ बनाई, जो उनकी शुरुआती फीचर फिल्मों में शामिल थी. उन्होंने फिर 1980 के दशक में ‘खामोश’ जैसी फिल्म बनाई. 1989 में आई ‘परिंदा’ ने उनके निर्देशन को एक अलग पहचान दी. फिल्म में अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ, माधुरी दीक्षित और नाना पाटेकर जैसे कलाकार नजर आए. फिल्म को कहानी और निर्देशन के लिए काफी सराहना मिली.

‘1942: ए लव स्टोरी’ रही यादगार
विधु विनोद चोपड़ा की साल 1994 में ‘1942: ए लव स्टोरी’ आई. यह आज भी हिंदी सिनेमा की यादगार फिल्मों में गिनी जाती है. इसके बाद, उन्होंने ‘करीब’, ‘मिशन कश्मीर’ और कई दूसरी फिल्मों के जरिए अपनी पहचान मजबूत की. उनके करियर का सबसे बड़ा दौर तब आया, जब उन्होंने राजकुमार हिरानी के साथ ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ बनाई. इसके बाद ‘लगे रहो मुन्नाभाई’ और ‘3 इडियट्स’ जैसी फिल्मों ने उनकी प्रोडक्शन कंपनी को और मजबूत बनाया.

करियर में कश्मीर रहा अहम हिस्सा
विधु विनोद चुपड़ा ने बतौर निर्माता ‘पीके’ और ‘संजू’ जैसी फिल्मों से भी बड़ी सफलता हासिल की. वह सिर्फ निर्माता ही नहीं, बल्कि अपनी फिल्मों की कहानी, एडिटिंग और दूसरे रचनात्मक कामों में भी गहराई से जुड़े रहे. उनके करियर में कश्मीर भी हमेशा एक अहम हिस्सा रहा. 2020 में उन्होंने ‘शिकारा’ बनाई, जिसमें कश्मीरी पंडितों के विस्थापन की कहानी दिखाई गई. इसके बाद 2023 में आई ’12वीं फेल’ को दर्शकों और आलोचकों से खूब प्यार मिला.

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Abhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर \’न्यूज18 डिजिटल\’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर \’न्यूज18 डिजिटल\’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और…

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Location :

New Delhi,New Delhi,Delhi

First Published :

September 05, 2026, 05:01 IST





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