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KBC 18 Pooja Das Story: कौन बनेगा करोड़पति सीजन 18 की कंटेस्टेंट पूजा दास चर्चा में हैं. उनके पास कॉलेज की कोई डिग्री नहीं है. वह सिर्फ 12वीं पास होममेकर हैं. पूजा दास ने KBC 18 की हॉटसीट पर 12.5 लाख रुपये जीतकर मिसाल कायम की है. शादी के बाद दोबारा 12वीं की परीक्षा देने से लेकर अंग्रेजी में कंटेंट क्रिएशन तक, पढ़िए पढ़ाई और जुनून की मोटिवेशनल स्टोरी.
KBC 18 Pooja Das Story: पूजा दास ने कम उम्र में अपने माता-पिता को खो दिया था
नई दिल्ली (KBC 18 Pooja Das Story). अक्सर माना जाता है कि ‘कौन बनेगा करोड़पति’ जैसे मंचों पर लंबा सफर तय करने के लिए बड़ी डिग्रियां या प्रोफेशनल क्वॉलिफिकेशन होना जरूरी है. लेकिन केबीसी 18 के 2 सितंबर के एपिसोड में उत्तर प्रदेश के वसलीपुर ग्रांट गांव की पूजा दास ने यह मिथक तोड़ दिया. महज 12वीं पास एक साधारण गृहिणी पूजा दास ने अपनी इंटेलिजेंस और जनरल नॉलेज के दम पर 12.5 लाख रुपये की बड़ी राशि अपने नाम की.
शादी के बाद दोबारा दी 12वीं की परीक्षा
पूजा दास की एजुकेशन जर्नी बेहद दिलचस्प है. उन्होंने स्कूली शिक्षा पूरी करने के दौरान कई परेशानियां झेलीं. 15 साल की उम्र में मां और 17 की उम्र में पिता को खो देने के बाद उन पर पढ़ाई छोड़ने और शादी करने का सामाजिक दबाव था. शादी के बाद ज्यादातर महिलाओं की पढ़ाई बंद हो जाती है. लेकिन पूजा के ससुराल वालों- खास तौर पर उनकी सास ने, उन्हें आगे पढ़ने के लिए प्रेरित किया. पूजा ने पहले आर्ट्स विषय से 12वीं की थी. फिर शादी के बाद उन्होंने साइंस स्ट्रीम चुनकर 12वीं बोर्ड परीक्षा दोबारा पास की.
कॉलेज गए बिना फर्राटेदार अंग्रेजी पर पकड़
केबीसी की हॉटसीट पर पूजा दास पूरे कॉन्फिडेंस के साथ अमिताभ बच्चन से अंग्रेजी में बात कर रही थीं. अंग्रेजी पर उनकी पकड़ देखकर दर्शक हैरान रह गए. पूजा ने बताया कि उनकी शुरुआती पढ़ाई इंग्लिश मीडियम स्कूल से हुई थी. इससे उनका बेसिक फाउंडेशन मजबूत था. गांव में जहां आज भी महिलाएं घूंघट की बंदिशों में रहती हैं, पूजा ने अपनी सोच का दायरा बड़ा रखा. उन्होंने सोशल मीडिया के लिए जानबूझकर अंग्रेजी भाषा चुनी, जिससे वे स्थानीय दखल या तानों के बिना खुलकर अपनी बात रख सकें.
सेल्फ स्टडी और डिजिटल लर्निंग का सही इस्तेमाल
कोचिंग और कॉलेज डिग्री के बिना 25 लाख रुपये के सवाल तक पहुंचना बड़ी बात है. इससे साबित होता है कि मोबाइल और इंटरनेट के सही इस्तेमाल से घर बैठे भी तगड़ी नॉलेज हासिल की जा सकती है. पूजा दास घर के कामकाज और अपनी 2 साल की बेटी की देखभाल के साथ-साथ इंटरनेट और किताबों के जरिए जनरल नॉलेज अपडेट रखती रहीं. 2 साल पहले उन्होंने अपनी सास के साथ रेसिपी वीडियो बनाकर कंटेंट क्रिएशन की शुरुआत की थी. अब महिला सशक्तिकरण और एजुकेशन-बेस्ड कंटेंट भी बना रही हैं.
25 लाख रुपये वाला सवाल क्या था?
पूजा दास के पास गेम के आखिरी पड़ाव तक कोई लाइफलाइन नहीं बची थी. 25 लाख रुपये के लिए उनसे संयुक्त राष्ट्र मेमोरियल सिमेट्री (दक्षिण कोरिया) से जुड़ा इतिहास का कठिन सवाल पूछा गया था. रिस्क न लेते हुए उन्होंने 12.5 लाख रुपये पर गेम क्विट करने का सही फैसला लिया. पूजा की कहानी का सबसे बड़ा संदेश है कि फॉर्मल डिग्री से ज्यादा ‘सीखने की ललक’ मायने रखती है. अगर आपके पास संकल्प है तो 12वीं पास होकर भी बड़ी से बड़ी मंजिल हासिल कर सकते हैं.
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Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is kno…
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