Prayagraj News: प्रयागराज से एक ऐसा सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर किसी के भी होश उड़ जाएंगे. यहाँ ‘पिका’ (Pica) नामक एक दुर्लभ और अजीबोगरीब बीमारी से पीड़ित एक महिला के पेट से डॉक्टरों ने छह सुइयां और कई अन्य नुकीली व खतरनाक अखाद्य चीजें सफलतापूर्वक बाहर निकालकर उसकी जिंदगी बचा ली है. महिला की इस गंभीर आदत के कारण उसके शरीर के भीतर अंगों को भारी नुकसान पहुंच चुका था, लेकिन समय रहते हुई डॉक्टरों की सूझबूझ और जटिल सर्जरी ने उसे मौत से बचा लिया.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला को पिछले कुछ समय से एक अजीब मानसिक और शारीरिक विकार घेर चुका था, जिसके चलते उसे सामान्य भोजन के बजाय सुई, हेयर पिन, कांच और अन्य अखाद्य चीजें खाने की अजीब आदत पड़ गई थी. शुरुआत में परिजनों को इस बात की भनक नहीं लगी, लेकिन जब महिला की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी और पेट में असहनीय दर्द शुरू हुआ, तो परिजन उसे लेकर तुरंत प्रयागराज के प्रतिष्ठित नारायण स्वरूप हॉस्पिटल पहुंचे. उसका एक्स-रे कराया, तो रिपोर्ट में पेट के अलग-अलग हिस्सों में कई सुइयां और नुकीली वस्तुएं साफ नजर आ रही थीं.
आंतों में कई छेद और गुर्दे तक पहुंच गईं सुइयां
डॉक्टरों के मुताबिक, मामला बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका था. पेट के भीतर मौजूद नुकीली चीजों और आंतों में हुए छेदों के कारण संक्रमण (Infection) तेजी से फैल रहा था, जिससे आंतों से मल का रिसाव शुरू हो गया था. सबसे डरावनी बात यह थी कि जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि दो सुइयां तो आंतों को पूरी तरह चीरते हुए पार कर सीधे महिला के दाहिने गुर्दे (Kidney) तक जा पहुंची थीं. ऐसी स्थिति में मरीज की जान पर हर पल बड़ा खतरा मंडरा रहा था. यदि समय पर ऑपरेशन न किया जाता, तो संक्रमण पूरे शरीर में फैल सकता था और मरीज की जान बचाना असंभव हो जाता.
ढाई घंटे की जटिल सर्जरी और C-Arm तकनीक का कमाल
नारायण स्वरूप हॉस्पिटल के गोल्ड मेडलिस्ट डॉक्टरों की विशेष टीम ने बिना एक भी पल गंवाए महिला की तत्काल सर्जरी करने का निर्णय लिया. यह ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि शरीर के भीतर सुइयों की सटीक लोकेशन का पता लगाना और नाजुक अंगों को बचाते हुए उन्हें बाहर निकालना आसान नहीं था. डॉक्टरों ने लगभग 2 से ढाई घंटे तक चली इस मैराथन और बेहद जटिल सर्जरी के दौरान C-Arm मशीन की मदद ली. सी-आर्म तकनीक के जरिए शरीर के भीतर मौजूद सभी सुइयों और नुकीली वस्तुओं की सटीक स्थिति का पता लगाया गया.
ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने आंत को पार करके दाहिने गुर्दे तक धंस चुकी दोनों सुइयों समेत कुल छह सुइयों और अन्य नुकीली चीजों को बेहद सावधानी के साथ बाहर निकाला. इसके साथ ही, आंतों में हुए कई छेदों की जटिल मरम्मत की गई. संक्रमण और मल के रिसाव को नियंत्रित करने के लिए डॉक्टरों ने एहतियात के तौर पर एक अस्थायी कोलोस्टॉमी (Colostomy) भी बनाई, ताकि अंदरूनी घाव सुरक्षित रूप से भर सकें.
क्या है ‘Pica’ बीमारी, जिसके कारण जानलेवा बनी स्थिति?
चिकित्सकीय भाषा में इस गंभीर मानसिक और व्यवहारिक विकार को ‘पिका’ (Pica) कहा जाता है. डॉक्टरों के अनुसार, यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति का मानसिक संतुलन या लालसा इस तरह प्रभावित होती है कि वह मिट्टी, कागज, कांच, सुई, बाल, कोयला या अन्य ऐसी चीजें खाने लगता है जो सामान्य रूप से खाने योग्य नहीं होतीं. इस बीमारी के पीछे मुख्य रूप से गंभीर मानसिक तनाव, डिप्रेशन, पारिवारिक कलह, ओसीडी (OCD) या शरीर में आयरन, जिंक व अन्य जरूरी पोषक तत्वों की भारी कमी जिम्मेदार हो सकती है. कुछ मामलों में बाल खाने की लत को ‘ट्राइकोफेजिया’ (Trichophagia) कहा जाता है.
अब कैसी है महिला की स्थिति?
सफलतापूर्वक ऑपरेशन संपन्न होने के बाद महिला को करीब 3 से 4 दिनों तक आईसीयू (ICU) की कड़ी निगरानी में रखा गया. डॉक्टरों की देखरेख में उसकी हालत में लगातार सुधार हुआ, जिसके बाद उसे जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया. फिलहाल महिला सामान्य भोजन करने लगी है और उसकी स्थिति पूरी तरह खतरे से बाहर है. हालांकि, उसके इस मानसिक व्यवहार को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे मनोचिकित्सकों और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की निगरानी में रखा है, ताकि उसकी काउंसलिंग की जा सके और भविष्य में इस खतरनाक आदत की पुनरावृत्ति न हो. डॉक्टरों ने आमजन से अपील की है कि यदि परिवार में किसी सदस्य के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखे और वह ऐसी अजीब चीजें खाने लगे, तो उसे नजरअंदाज न करें, बल्कि तुरंत डॉक्टर और मानसिक विशेषज्ञ की सलाह लें.
