नई दिल्ली. हिंदी सिनेमा की सबसे पसंदीदा और कल्ट फिल्मों में शुमार ‘दिल चाहता है’ की रिलीज को हाल ही में 25 साल पूरे हुए हैं. इस सिल्वर जुबली के खास मौके पर फिल्म की स्टारकास्ट और मेकर्स ने एक साथ आकर शूटिंग के दिनों की कई मजेदार और हैरान कर देने वाली अनसुनी कहानियां साझा कीं. इन्हीं यादों के दौरान फिल्म के निर्देशक फरहान अख्तर और आमिर खान ने उस मशहूर थप्पड़ वाले सीन का खुलासा किया, जिसमें अक्षय खन्ना ने आमिर खान को एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 17 थप्पड़ मारे थे.
इस शूटिंग का नतीजा यह हुआ कि टेक खत्म होने तक ‘मिस्टर परफेक्टनिस्ट’ आमिर खान का गाल पूरी तरह लाल हो गया था और चेहरा सूज गया था.
फरहान ने जब प्लान किया सीक्रेट
यूट्यूब चैनल ‘युवा’ पर बातचीत के दौरान निर्देशक फरहान अख्तर ने याद किया कि सीन को ज्यादा से ज्यादा रियल बनाने के लिए उन्होंने अक्षय खन्ना के साथ एक सीक्रेट प्लान बनाया था. फरहान ने बताया, ‘मैंने अक्षय से कहा था कि आमिर उम्मीद कर रहा होगा कि डायलॉग खत्म होने पर थप्पड़ पड़ेगा, लेकिन तुम उसे डायलॉग के बीच में ही थप्पड़ मार देना ताकि उसके चेहरे पर असली सरप्राइज वाले एक्सप्रेशन्स आ सकें.’
परफेक्ट शॉट के लिए आमिर ने भी की जिद्द
इसके बाद आमिर खान ने खुद ही परफेक्ट शॉट देने के लिए असली थप्पड़ खाने पर जिद की. आमिर का मानना था कि ओवर-द-शोल्डर शॉट के दौरान भी अगर असल में थप्पड़ पड़े, तो इससे किरदार के मूड और भावना में उतरने में काफी मदद मिलती है. आमिर ने कहा, ‘जब आपको असल में कोई थप्पड़ मारता है, तो आपकी भावनाएं और रिएक्शन पूरी तरह बदल जाते हैं.’
17 थप्पड़ के बाद सूज गया था चेहरा
आमिर का चेहरा शूटिंग के इस जुनून का असर यह हुआ कि कई टेक्स और अलग-अलग एंगल से शूट करते-करते आमिर खान को 17 बार थप्पड़ खाने पड़े. फरहान अख्तर ने बताया, ‘जब शूटिंग खत्म हुई, तो मुझे अच्छी तरह याद है कि आमिर के चेहरे पर थप्पड़ का पूरा निशान छप गया था और उनका चेहरा एक तरफ से सूज गया था.’ फिल्म में वह मोड़ बहुत भावनात्मक था जब सिड (अक्षय खन्ना) तारा (डिंपल कपाड़िया) के प्रति अपने प्यार का इजहार करता है और आकाश (आमिर खान) इस रिश्ते पर कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी कर देता है. इस पर सिड उसे थप्पड़ मार देता है.
ये फिल्म 10 अगस्त साल 2001 में रिलीज हुई थी.
फरहान ने लड़ाई के लिए थप्पड़ का सीन ही क्यों चुना?
इस सीन में ज्यादा हिंसा या मारपीट न रखने की वजह बताते हुए फरहान ने कहा, ‘मुझे लगता है कि दोस्तों के बीच जब एक दोस्त दूसरे को थप्पड़ मारता है, तो वह अपने आप में बहुत बड़ी बात होती है. इसके लिए किसी भारी हिंसा की जरूरत नहीं होती. दोस्तों के बीच एक थप्पड़ ही काफी से ज्यादा होता है.’
‘दिल चाहता है’ ने बदली थी दोस्ती वाली फिल्मों की भाषा
2001 में रिलीज हुई ‘दिल चाहता है’ फरहान अख्तर के निर्देशन में पहली फिल्म थी. कहानी तीन दोस्तों आमिर खान के आकाश, सैफ अली खान के समीर और अक्षय खन्ना के सिद्धार्थ के इर्द-गिर्द घूमती है. तीनों की जिंदगी, प्यार और दोस्ती समय के साथ अलग-अलग मोड़ लेती है. फिल्म का गोवा ट्रिप आज भी बॉलीवुड के सबसे यादगार फिल्मी ट्रिप्स में गिना जाता है. फिल्म ने दोस्ती, रिश्तों और बदलती उम्र को जिस आधुनिक अंदाज में दिखाया, उसने इसे एक खास पहचान दिलाई. 25 साल बाद भी ‘दिल चाहता है’ के सीन और डायलॉग लोगों को याद हैं. लेकिन आमिर और अक्षय के इस थप्पड़ वाले सीन की पर्दे के पीछे की कहानी यह भी बताती है कि कभी-कभी एक यादगार सीन को वास्तविक बनाने के लिए कलाकार किस हद तक जाने को तैयार होते हैं.

