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Highest Rated Indian Movies on IMDb : ‘दंगल’ सबसे ज्यादा कमाई करने भारतीय फिल्म है, जिसकी कहानी को दुनिया भर में सराहा गया. लगभग 2200 करोड़ कमाने वाली फिल्म को आईएमडीबी ने शानदार 8.3 रेटिंग दी है, मगर ऐसी 7 भारतीय फिल्में हैं, जो रेटिंग के मामले में ‘दंगल’ की बाप हैं. साउथ स्टार की एक फिल्म की रेटिंग सबसे ज्यादा है. दूसरी ओर, वहीदा रहमान की 60 साल पुरानी फिल्म का दबदबा आज भी कायम है.
नई दिल्ली: आमिर खान की फिल्म ‘दंगल’ भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म है. यह पूर्व पहलवान महावीर सिंह फोगाट की जिंदगी के बारे में है, जो अपनी बेटियों के जरिये रेसलिंग में गोल्ड मेडल जीतने के सपने को पूरा करते हैं. 70 करोड़ में बनी फिल्म ने दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस से करीब 2200 करोड़ रुपये कमाए थे. इसे क्रिटिक्स ने भी सराहा. आईएमडीबी ने इसे शानदार 8.3 रेटिंग दी है, मगर कई भारतीय फिल्में हैं जो अपने कॉन्टेंट के दम पर ‘दंगल’ पर भारी पड़ी थीं. ये भले कमाई में ‘दंगल’ से पीछे हैं, मगर रेटिंग में इसकी बाप हैं. आइए, ‘दंगल’ से ज्यादा रेटिंग पाने वाली 7 भारतीय फिल्मों के बारे में जानते हैं.
कोशिश: संजीव कुमार और जया बच्चन की फिल्म ‘कोशिश’ दिव्यांग कपल की जिंदगी की कहानी है, जो समाज में गरिमा के साथ जीने के हक के लिए संघर्ष करता है. गीतकार गुलजार के निर्देशन मे बनी फिल्म ‘कोशिश’ आपके दिल-मन को झकझोर कर रख देती है. 1972 की फिल्म को आईएमडीबी ने 8.4 रेटिंग दी है.
साल 2009 की फिल्म ‘3 ईडियट्स’ आपको हंसाते-गुदगुदाते हुए गहरा मैसेज दे जाती है. फिल्म अंधी दौड़ में फंसे लोगों को ठहराव के साथ जिंदगी जीने के लिए प्रेरित करती है. राजकुमार हिरानी के निर्देशन में बनी फिल्म में आमिर खान, आर माधवन और करीना कपूर जैसे सितारे हैं. इसे आईएमडीबी ने 8.4 रेटिंग दी है.
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देव आनंद और वहीदा रहमान की फिल्म ‘गाइड’ 60 साल बाद भी दर्शकों के दिल के करीब है. फिल्म में दिखाया गया है कि जब गांव के कुछ लोग एक पूर्व गाइड को साधु समझ लेते हैं, तो वह उन्हें अपने इतिहास के बारे में बताता है. वो गांववालों को राह दिखाने के लिए आध्यात्मिक सफर का जिक्र करता है. इसे आईएमडीबी ने 8.4 रेटिंग दी है.
अनुराग कश्यप की फिल्म ‘ब्लैक फ्राइडे’ अलग-अलग लोगों के नजरिये से 1993 के बॉम्बे बम ब्लास्ट केस को उठाती है. फिल्म की कहानी पुलिस, साजिशकर्ता, पीड़ितों के बयानों पर आधारित है. इसमें केके मेनन, पवन मल्होत्रा जैसे उम्दा कलाकार हैं. इसे आईएमडीबी ने 8.4 रेटिंग दी है.
कोरोना महामारी में जब हिंदी सिनेमा उबरने की कोशिश कर रहा था, तब साउथ सिनेमा से ‘जय भीम’ नाम का एक बवंडर उठा. इसे दर्शकों का भरपूर प्यार मिला और क्रिटिक्स ने भी इसे सराहा. फिल्म में दिखाया गया है कि जब एक आदिवासी समुदाय के एक शख्स को चोरी के जुर्म में पुलिस गिरफ्तार कर लेती है, तो उसकी पत्नी एक वकील से संपर्क करती है, ताकि न्याय पा सके. फिल्म में साउथ सुपरस्टार सूर्या ने लीड रोल निभाया है. इसे आईएमडीबी ने 8.6 रेटिंग दी है.
ऋषिकेश मुखर्जी की 1979 की कल्ट क्लासिक ‘गोल माल’ आप जितनी बार भी देख लें, ऊबते नहीं हैं. इसे आईएमडीबी ने 8.5 रेटिंग दी है. इसमें अमोल पालेकर, उत्पल दत्त और बिंदिया गोस्वामी जैसे कलाकार हैं. फिल्म की कहानी एक साधारण शख्स के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जो नौकरी पाने के लिए झूट बोलता है, मगर इसकी वजह से उसे और भी कई झूट बोलने पड़ते हैं.
1957 में आई फिल्म ‘दो आंखें बारह हाथ’ को कल्ट का दर्जा हासिल है. इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि इसे आईएमडीबी ने 8.4 रेटिंग दी है. फिल्म में दिखाया गया है कि जब एक युवा जेल वार्डन को जेल से छह गुस्सैल हत्यारों को एक जर्जर पड़े गांव के खेत पर ले जाने की इजाजत मिलती है, तो क्या कुछ होता है.

