चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि अगर पुलिस कार्रवाई नहीं करती है तो हम यहां दिल्ली पुलिस के कमिश्नर का घेराव करेंगे और जरूरत पड़ी तो गृहमंत्री का भी घेराव करेंगे। लेकिन हम अपनी बच्चियों को अपमानित होने के लिए नहीं छोड़ेंगे।
कॉकरोच जनता पार्टी (CPJ) के समर्थक और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष व यूपी की नगीना सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद शुक्रवार को संसद मार्ग थाने के बाहर जमा हुए और उन्होंने खुद को हिंदुत्व का इन्फ्लुएंसर बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें चार बड़ी बातों का आश्वासन दिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले में पॉक्सो एक्ट, हत्या की कोशिश की धारा व SC-ST एक्ट की धाराएं भी बढ़ाने की बात कही है। साथ ही 72 घंटे के अंदर आरोपी की गिरफ्तारी करने की बात कही है। इस बारे में सांसद चंद्रशेखर ने पुलिस अधिकारियों से हुई मुलाकात के बाद जानकारी दी।
पत्रकारों से बात करते हुए आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर ने कहा, ‘हम अभी पुलिस के अधिकारियों से मिले हैं। आपने भी देखा, मैंने भी देखा और सबने देखा है कि किस तरह सार्वजनिक रूप से टीवी चैनलों पर बैठकर आरोपी अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार कर रहा है। वह कह रहा है कि हम उनको मारना चाहते थे, हमने उन पर हमला किया और 7-7 टांके उनको आए, लेकिन पुलिस ने हमको गिरफ्तार नहीं किया। इसके बजाय, पुलिस हमको लेकर घूमती रही और हम आजादी से घूमते रहे। हमें बस नोटिस देकर छोड़ दिया गया।’
आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग करते हुए नगीना सीट से सांसद चंद्रशेखर ने आगे कहा, ‘पीड़ित परिवार डरा हुआ है। क्योंकि आरोपी स्टेटस लगा रहा है, वह देश का माहौल खराब करने की धमकी दे रहा है, मुसलमानों को टारगेट कर रहा है। वह ऐसे सारे काम कर रहा है, जिससे देश की अखंडता और एकता को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में पीड़ित का परिवार डरा हुआ है। संजय और उनकी बेटी को बार-बार बलात्कार करने, एसिड से जलाने और उनकी हत्या करने की धमकियां दी जा रही हैं। जिससे वे बहुत डरे हुए हैं। अगर देश की राजधानी में यह हाल है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में क्या स्थिति होगी, यह कोई सोच भी नहीं सकता।’
पुलिस से मिले आश्वासन का जिक्र करते हुए चंद्रशेखर ने बताया, ‘इन सब बातों को लेकर आज हम लोग पुलिस अधिकारियों से मिले और उन्होंने हमसे वादा किया है कि वे 72 घंटे के अंदर आरोपी की गिरफ्तारी करेंगे। साथ ही क्योंकि बेटी नाबालिग है इसलिए उन्होंने पॉस्को एक्ट लगाने और वह दलित समाज से आती है तो SC-ST एक्ट लगाने और हत्या की कोशिश की धाराएं जोड़ने की भी बात कही है। ऐसे उपद्रवी जो लगातार हिंसा कर रहे हैं वो खुलेआम नहीं घूमना चाहिए। अगर पुलिस 72 घंटे के अंदर कार्रवाई नहीं करती है तो फिर हमारे पास विकल्प खुले हुए हैं। तो फिर हम यहां दिल्ली पुलिस के कमिश्नर का घेराव करेंगे और जरूरत पड़ी तो गृहमंत्री का भी घेराव करेंगे। लेकिन हम अपनी बच्चियों को अपमानित होने के लिए नहीं छोड़ेंगे, अपनी बहनों की रक्षा करेंगे।’
दरअसल यह पूरा विवाद भारद्वाज के इंटरव्यू का एक वीडियो वायरल होने के बाद हुआ, जिसमें वह CJP के धरना-प्रदर्शन के दौरान एक CJP समर्थक के पिता के साथ की गई मारपीट की घटना को बड़े गर्व के साथ बताते हुए नजर आ रहा था। इस इंटरव्यू में उसने दावा किया था कि जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान उसने CJP प्रोटेस्टर निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट की थी, जिसमें उन्हें बेहद गंभीर चोटें आई थीं, लेकिन इसके बाद भी राजनीतिक रसूख के चलते पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया था। इसी इंटरव्यू का वीडियो वायरल होने के बाद CJP समर्थकों व दलित कार्यकर्ताओं का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने संसद मार्ग थाने का घेराव कर दिया।

