• Home
  • Privacy Policy
Sonebhadra Live
No Result
View All Result
No Result
View All Result
Sonebhadra Live
No Result
View All Result

Mirzapur The Movie Review: सिर्फ डायलॉगबाजी का ओवरडोज है ‘मिर्जापुर’, कहानी बेअसर

Admin by Admin
September 4, 2026
in मनोरंजन
0
Mirzapur The Movie Review: सिर्फ डायलॉगबाजी का ओवरडोज है ‘मिर्जापुर’, कहानी बेअसर


नई दिल्ली. पूर्वांचल में पावर और दबदबे की खूनी लड़ाई, जिसने OTT प्लेटफॉर्म पर वेब सीरीज के जरिए इतिहास रचा, अब 4 सितंबर 2026 को ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के साथ थिएटर में आ चुकी है. हालांकि, बड़े पर्दे पर यह सफर उम्मीदों पर पूरी तरह खरा नहीं उतरता. कालीन भइया के साम्राज्य पर बब्बन यादव की बुरी नजर और उसके बाद गद्दी की लड़ाई कमजोर स्क्रिप्ट की वजह से अपनी धार खो देती है. हालांकि, मुन्ना और गुड्डू भइया के बीच तीखे डायलॉग और पंकज त्रिपाठी की दमदार मौजूदगी फिल्म की सबसे बड़ी USP हैं.

कहानी
फिल्म की कहानी एक बार फिर मिर्जापुर के राज और उसे जीतने की चाहत पर टिकी है. इस बार मुख्य मुश्किल बब्बन यादव (रवि किशन) खड़ी करता है, जो पूर्वांचल के बाहुबली कालीन भइया उर्फ अखंडानंद त्रिपाठी (पंकज त्रिपाठी) को मिर्जापुर से बाहर निकालने के लिए एक गहरी साजिश रचता है. बब्बन यादव का एक ही मकसद है: कालीन भइया को खत्म करके मिर्जापुर की गद्दी पर खुद को जमाना. कहानी की सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि इसका ओरिजिनल वेब सीरीज से कोई सीधा क्रिएटिव कनेक्शन नहीं है. वेब सीरीज के कल्ट कैरेक्टर्स को बस कॉपी करके बड़े पर्दे पर पेस्ट कर दिया गया है. स्क्रीनप्ले इतना कमजोर है कि जिन दर्शकों ने OTT पर ‘मिर्जापुर’ नहीं देखी है, उन्हें पहले घंटे में सिर्फ किरदारों के बैकग्राउंड और उनके रिश्तों को समझने में ही मुश्किल होगी. कहानी में कोई नया सरप्राइज या दिलचस्प ट्विस्ट नहीं है जो दर्शकों को अपनी सीट से बांधे रख सके.

एक्टिंग
अगर फिल्म की कोई एक बात खास तौर पर दमदार और तारीफ के लायक है, तो वह है इसके मेन कास्ट की एक्टिंग. कालीन भइया के रोल में पंकज त्रिपाठी की शांत, गंभीर और जानलेवा परफॉर्मेंस साफ दिखती है. मुन्ना भइया (दिव्येंदु) और गुड्डू पंडित (अली फजल) के बीच के सीन फिल्म की जान हैं. दिव्येंदु का अनोखा स्टाइल और अली फजल का अग्रेसिव अवतार दर्शकों का खूब मनोरंजन करता है. दोनों के बीच वन-लाइनर्स थिएटर में तालियां बटोरते हैं. हालांकि, मेकर्स ने कास्टिंग और कैरेक्टराइजेशन में एक बड़ी गलती की. मिर्जापुर जैसी बड़ी फ्रेंचाइजी के लिए मेन विलेन के तौर पर रवि किशन (बब्बन यादव) का चुनाव वैसा डर पैदा करने में फेल हो गया जिसकी उम्मीद थी. इसकी तुलना में, दूसरे विलेन का रोल करने वाले सुशांत सिंह (भैरव सिंह कर्णावट) कहीं ज्यादा असरदार और डरावने लगते हैं. अगर सुशांत सिंह का कैरेक्टर सीधे कालीन भइया के गैंग के खिलाफ होता, तो ऑन-स्क्रीन ड्रामा और भी ज्यादा हो सकता था. वहीं, बीना त्रिपाठी के रोल में रसिका दुग्गल और गोलू गुप्ता के रोल में श्वेता त्रिपाठी ने अपने रोल के साथ न्याय किया है. वहीं, फिल्म में विक्रांत मैसी की जगह लेने वाले जीतेंद्र कुमार ने भी ‘बबलू भइया उर्फ बबलू पंडित’ के कैरेक्टर में जान डाल दी है.

डायरेक्शन
एक ऐसी कहानी जिसने OTT की दुनिया में धूम मचा दी थी, उसे दो से ढाई घंटे की फीचर फिल्म फॉर्मेट में बदलना एक बड़ा रिस्क था और डायरेक्टर यहां कुछ हद तक लड़खड़ाते हुए लगते हैं. डायरेक्टर ने वेब सीरीज के पॉपुलर एलिमेंट्स जैसे खून-खराबा, गाली-गलौज और तीखे डायलॉग को फिल्म में शामिल करने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह एक जैसा सिनेमैटिक एक्सपीरियंस देने में फेल रहे. फिल्म की पेस काफी ऊपर-नीचे है. डायरेक्टर का फोकस पूरी तरह से कैरेक्टर्स के बीच अकड़ वाले इंट्रोडक्शन और डायलॉग पर था, जिससे आखिर में कहानी का मेन प्लॉट बिखर गया. एक थ्रिलर फिल्म में जो टेंशन और सस्पेंस होना चाहिए, वह डायरेक्टर के खराब एग्जीक्यूशन की वजह से नहीं है. हालांकि फिल्म के आखिरी 20 मिनट को बहुत शानदार तरीके से डायरेक्टर ने बुना है, जहां सारे मेन कैरेक्टर को वो एक साथ लेकर आते हैं.

सिनेमैटोग्राफी
टेक्निकल नजरिए से फिल्म की सिनेमैटोग्राफी बहुत अच्छी और प्रभावशाली है. कैमरावर्क ने बड़े पर्दे पर पूर्वांचल के बैकग्राउंड, मिट्टी के घरों, नदी के घाटों और तंग गलियों के माहौल को बहुत अच्छे से दिखाया है. गैंग वॉर और एक्शन सीन के दौरान वाइड-एंगल शॉट्स और स्लो-मोशन कैमरावर्क का अच्छे से इस्तेमाल किया गया है, जिससे थिएटर में देखने पर यह एक शानदार सिनेमैटिक एक्सपीरियंस देता है. फिल्म का विजुअल टोन रॉ और डार्क है, जो ‘मिर्जापुर’ की क्राइम-थ्रिलर थीम पर पूरी तरह फिट बैठता है.

म्यूजिक
फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर उन सीन में जान डाल देता है जहां स्क्रीनप्ले लड़खड़ाता है. जब भी ‘मिर्जापुर’ का सिग्नेचर थीम ट्यून थिएटर में गूंजता है, तो सीटियां और तालियां बजती हैं. हालांकि, फिल्म के गाने कुछ खास असर नहीं डाल पाते हैं. म्यूजिक एल्बम में कोई यादगार या सुपरहिट गाना नहीं है जो फिल्म देखने के बाद दर्शकों के साथ रहे. गाने सिर्फ कहानी को आगे बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किए गए हैं, लेकिन वे थ्रिल में ज्यादा योगदान नहीं देते हैं.

कमियां
‘मिर्जापुर: द मूवी’ की सबसे बड़ी कमी इसकी घिसी-पिटी और प्रेडिक्टेबल कहानी है. इस फिल्म ने जिसने अपने चौंकाने वाले ट्विस्ट और टर्न के लिए दुनिया भर में पहचान बनाई, उसमें एक भी ऐसा सीन नहीं है जो दर्शकों को हैरान कर सके. दूसरी बड़ी कमी इसका विलेन वाला परफॉर्मेंस है. कालीन भइया और गुड्डू भइया के मुकाबले रवि किशन का किरदार काफी कमजोर साबित होता है, जिससे मेन टकराव कम हो जाता है. तीसरी कमी यह है कि फिल्म सिर्फ उन दर्शकों के लिए है जो पहले ही वेब सीरीज देख चुके हैं. नए दर्शकों के लिए यह काफी कन्फ्यूजिंग और बोरिंग साबित हो सकती है. वहीं, कहानी के हिसाब से इसकी लंबाई बहुत ज्यादा है, जिसकी वजह से बीच-बीच में यह बोर करती है. अगर 20 मिनट यह फिल्म छोटी होती तो यह अच्छे रफ्तार से चलती.

अंतिम फैसला
‘मिर्जापुर: द मूवी’ एक ऐसी सिनेमाई कोशिश है जो अपने नाम के हिसाब से पूरी तरह से खरी नहीं उतर पाती. फिल्म कहानी या थ्रिल के मामले में निराश करती है और सिर्फ अपने लीड एक्टर्स (पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु) की बेहतरीन एक्टिंग और शार्प डायलॉग्स के दम पर टिकी है. अगर आप ‘मिर्जापुर’ फ्रेंचाइजी, मुन्ना भइया और गुड्डू भइया के डाई-हार्ड फैन हैं और बस बड़े पर्दे पर उनका स्वैग और डायलॉग डिलीवरी देखना चाहते हैं, तो आप यह फिल्म देख सकते हैं. लेकिन अगर आप एक मजबूत, फ्रेश और दिलचस्प क्राइम थ्रिलर की उम्मीद कर रहे हैं, तो यह फिल्म निराश कर सकती है. मेरी ओर से इस फिल्म को 5 में से 2 स्टार.



Source link

Previous Post

रांची में राहुल और सोरेन का फूंका पुतला; सरकार फिर करेगी बातचीत, छात्रों को न्योता, Jharkhand Hindi News

Next Post

सात्विक-चिराग की जोड़ी विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में हारी, चीनी खिलाड़ियों से मिली हार, Sports Hindi News

Next Post
सात्विक-चिराग की जोड़ी विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में हारी, चीनी खिलाड़ियों से मिली हार, Sports Hindi News

सात्विक-चिराग की जोड़ी विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में हारी, चीनी खिलाड़ियों से मिली हार, Sports Hindi News

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Home
  • Privacy Policy

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.

No Result
View All Result
  • Home
  • Privacy Policy

© 2026 JNews - Premium WordPress news & magazine theme by Jegtheme.