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Abhishek Banerjee leaves for USA for eye treatment: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी गुरुवार को अमेरिका के लिए रवाना हो गए. वह अपनी आंखों की गंभीर समस्या के इलाज के लिए करीब तीन सप्ताह के लिए विदेश गए हैं. अभिषेक की इसकी अनुमति लेने के लिए बहुत पापड़ बेलने पड़े हैं. अदालती दांव-पेंच और कानूनी खींचतान के घेरे में उनकी यह यात्रा फंसी हुई थी. कलकत्ता हाईकोर्ट के कानूनी झटकों के बाद यह मामला सीधे सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर पहुंचा था, जहां तमाम बहसों के बाद शीर्ष अदालत ने आखिरकार कुछ विशेष शर्तों के अधीन उन्हें विदेश जाने की अनुमति प्रदान की थी. तो जानें आखिर किसे डर था कि वह विदेश चले गए तो वापस नहीं आएंगे. और सुप्रीम कोर्ट ने किन शर्तों पर दी उन्हें विदेश जाने की मंजूरी दी?
आंखों के इलाज के लिए अमेरिका रवाना हुए टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी.
Abhishek Banerjee leaves for USA: टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी आंखों के इलाज के लिए तीन हफ्ते के लिए अमेरिका रवाना हो गए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने 10 अगस्त को उन्हें विदेश जाने की अनुमति दी थी. अभिषेक अमेरिका जाने के लिए पहले वह दिल्ली पहुंचे थे. मीडिया में छपी खबर के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी गुरुवार को विदेश चले गए हैं. रिपोर्ट के अनुसार वह आंखों के इलाज के लिए अमेरिका गए हैं. उनका विदेश दौरा करीब तीन सप्ताह का होगा. अभिषेक ने पहले ही कहा था कि वह 28 अगस्त तक अपना कार्यक्रम पूरा कर लेंगे. इसके बाद सितंबर के पहले सप्ताह में विदेश जाने की योजना थी. इसी कार्यक्रम के मुताबिक वह बुधवार रात दिल्ली पहुंचे. इसके बाद गुरुवार को विदेश के लिए रवाना हो गए.
विदेश जाने की इजाजत पर क्यों था विवाद?
अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कई मामले लंबित हैं. इसी वजह से उनकी विदेश यात्रा को लेकर कानूनी विवाद खड़ा हुआ था. विदेश जाकर वापस नहीं लौटने की आशंका का मुद्दा भी अदालत में उठाया गया था. पहले मामला कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचा था. वहां शिकायत खारिज होने के बाद इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद अभिषेक को विदेश जाने की अनुमति दी. हालांकि यह अनुमति बिना शर्त की नहीं थी.
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थीं ये शर्तें
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि विदेश जाने से पहले पुलिस को पूरी जानकारी देनी होगी. उन्हें यात्रा से दो दिन पहले पुलिस को बताना था कि वह कब विदेश जाएंगे और कब वापस लौटेंगे. इसके अलावा फ्लाइट की जानकारी, जिस अस्पताल में इलाज होना है उसकी जानकारी और विदेश में रहने वाले पते की जानकारी भी पुलिस को देनी थी.
देश नहीं लौटने की किसे थी आशंका?
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया था कि अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कई मामले लंबित हैं. इसी वजह से उनके विदेश जाने के बाद वापस नहीं लौटने की आशंका जताई गई थी. राज्य की ओर से यह भी कहा गया था कि जरूरत पड़ने पर विदेश जाने से पहले देश में ही MRI और स्वास्थ्य जांच कराई जानी चाहिए. वहीं अभिषेक के वकील ने अदालत को बताया था कि वह पहले 15 बार इलाज करा चुके हैं और हर बार वापस लौटे हैं.
वकील ने कोर्ट में क्या दलील दी?
अभिषेक बनर्जी के वकील ने कहा था कि उनकी पत्नी और बच्चे कोलकाता में रहते हैं. वह खुद सांसद हैं और एक राजनीतिक दल के महासचिव भी हैं. ऐसे में उनके देश छोड़कर भाग जाने की आशंका को लेकर सवाल उठाया गया. दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अभिषेक को तीन सप्ताह के लिए विदेश जाने की अनुमति दे दी. अदालत ने साथ ही यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारी पुलिस को पहले देने की शर्त रखी.

