श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर कानपुर के मैनावती मार्ग स्थित इस्कॉन मंदिर में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. हर साल जन्माष्टमी पर यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. इस बार करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है. हालांकि बारिश हुई तो श्रद्धालुओं की संख्या कुछ कम हो सकती है. भक्तों की भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने दर्शन से लेकर सुरक्षा और आने-जाने तक के खास इंतजाम किए हैं. जन्माष्टमी महोत्सव कई दिनों तक चलेगा और इस दौरान राधा-माधव के विशेष श्रृंगार से लेकर भोग और सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहेंगे.
पांच-पांच लाख की खास पोशाक में होंगे राधा-माधव के दर्शन
इस बार जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी का श्रृंगार खास होगा. उनके लिए करीब पांच-पांच लाख रुपए की विशेष पोशाक तैयार कराई गई है. इस तरह अलग-अलग अवसरों के लिए तैयार कराई गई पोशाकों की कीमत करीब 20 लाख रुपए बताई जा रही है. वृंदावन के कारीगरों ने इन पोशाकों पर महीनों मेहनत की है. पोशाक में बारीक कढ़ाई, जरदोजी, मोती और आकर्षक सजावट की गई है.
ताजा जानकारी के मुताबिक इस बार छह विशेष पोशाकें तैयार की गई हैं, जिन्हें जन्माष्टमी के दौरान अलग-अलग समय पर पहनाया जाएगा. दिन में दो बार भगवान का विशेष श्रृंगार किया जाएगा. इन पोशाकों को तैयार करने में वृंदावन के कारीगरों के साथ विदेशों में इस्कॉन से जुड़े डिजाइनरों ने भी सहयोग किया है.
सिंगापुर, थाईलैंड और ऑस्ट्रेलिया के फूलों से सजेगा मंदिर
जन्माष्टमी पर इस्कॉन मंदिर फूलों से भी महकेगा. भगवान के श्रृंगार और मंदिर की सजावट के लिए देश-विदेश से खास फूल मंगाए गए हैं. सिंगापुर, थाईलैंड और ऑस्ट्रेलिया से आने वाले फूलों से भगवान श्रीकृष्ण का विशेष श्रृंगार किया जाएगा. मंदिर परिसर को भी फूलों से सजाया जाएगा, जिससे जन्माष्टमी की रात पूरा परिसर अलग ही रूप में नजर आएगा.
भगवान को इस बार 108 तरह के खास भोग लगाए जाने की भी तैयारी है. जन्माष्टमी की रात भगवान के प्राकट्य के समय विशेष पूजा, अभिषेक और आरती होगी. आधी रात को जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होगा, उस समय मंदिर में भक्ति का माहौल अपने चरम पर होगा.
लाखों भक्तों के लिए शटल सेवा, भीड़ संभालने के खास इंतजाम
हर साल जन्माष्टमी पर इस्कॉन मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं. इस बार करीब 10 लाख लोगों के आने का अनुमान लगाया जा रहा है. इतनी बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने भीड़ को व्यवस्थित करने की तैयारी की है. आसपास की सड़कों और प्रमुख स्थानों से मंदिर तक पहुंचने के लिए निशुल्क शटल सेवा भी चलाई जाएगी. इससे श्रद्धालुओं को अपने वाहन मंदिर के पास ले जाने की जरूरत नहीं होगी और वह आसानी से मंदिर तक पहुंच सकेंगे.
महोत्सव के दौरान मंदिर में भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे. इस बार करीब 400 कलाकारों की प्रस्तुतियां भी आयोजन का हिस्सा रहेंगी. इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए वर्चुअल रियलिटी शो भी आकर्षण का केंद्र रहेगा.
चार दिन तक भक्ति में डूबेगा इस्कॉन मंदिर
जन्माष्टमी के मौके पर इस्कॉन मंदिर में कई दिनों तक कार्यक्रम होंगे. मंदिर प्रशासन की ओर से दर्शन, अभिषेक, श्रृंगार, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी की गई है. मुख्य जन्माष्टमी चार सितंबर को मनाई जाएगी. इस्कॉन के आधिकारिक कैलेंडर में भी चार सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और पांच सितंबर को नंदोत्सव दर्ज है.
इस बार खास पोशाक, विदेशी फूलों का श्रृंगार, 108 प्रकार के भोग और लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच कानपुर का इस्कॉन मंदिर जन्माष्टमी पर भक्ति का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है. मंदिर प्रशासन की कोशिश है कि बारिश के बावजूद भक्तों को दर्शन में ज्यादा परेशानी न हो और सभी श्रद्धालु आसानी से भगवान राधा-माधव के दर्शन कर सकें.

