प्रयागराज के एक गांव में किसानों को एक बार फिर तेंदुआ दिखा। इसके बाद से ग्रामीणों में दहशत है। फसल बचाने के लिए रतजगा कर रहे किसानों को रात के अंधेरे में तेंदुआ दिखा। सुबह सीसीटीवी फुटेज में स्कूल के समीप सड़क पर विचरण करते हुए दिखाई पड़ा।
यूपी के प्रयागराज के हनुमानगंज में सरायइनायत थानाक्षेत्र के धनैचा व कतवारूपुर गांव की सीमा पर मंगलवार रात सड़क पर तेंदुए के दिखने से इलाके में दहशत फैल गई है। बुधवार सुबह सीसीटीवी फुटेज से इसकी पुष्टि होने पर वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने पदचिह्नों की खोजबीन की, लेकिन अत्यधिक बारिश के कारण निशान स्पष्ट नहीं मिल सके।
मामले में जानकारी दी गई है कि कतवारूपुर निवासी संदीप यादव और महेंद्र यादव अपने घर के सामने फसल की रखवाली कर रहे थे। रात करीब 11 बजे उन्हें सड़क पर किसी वन्यजीव के होने का अहसास हुआ। टॉर्च की रोशनी पड़ते ही वह झाड़ियों में गायब हो गया। सुबह जब आशुतोष मेमोरियल स्कूल के पास संजय यादव के मकान में लगे सीसीटीवी फुटेज को देखा गया, तो रात 11 बजे सड़क पर चहलकदमी करता हुआ तेंदुआ स्पष्ट दिखाई दिया।
सूचना मिलते ही वन दरोगा वर्मा प्रसाद मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। साथ ही वन विभाग की मामले की जांच में जुट गया है। वन विभाग का कहना है कि तेंदुआ होने की पुष्टि होने पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पिछले वर्ष भी तेंदुआ बना था दहशत का पर्याय
गत वर्ष बाढ़ के समय भी इसी क्षेत्र में तेंदुआ देखा गया था। 8 अगस्त 2025 को धनैचा गांव में एक चरी के खेत में घेराव के दौरान तेंदुए ने एक युवक को घायल कर दिया था और संसाधन के अभाव में फरार हो गया था। करीब पांच महीने तक हनुमानगंज और झूंसी क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने इस तेंदुए को पकड़ने के लिए कानपुर और लखनऊ की रेस्क्यू टीमें पिंजरे और ट्रैंकुलाइज़र गन के साथ जुटी थीं। अंततः 8 जनवरी को झूंसी के छिबैया गांव में तेंदुआ दिखने पर हड़कंप मच गया था।
वह शोरगुल के बाद रतन सिंह के घर में घुस गया था, जहां उनकी साहसी बेटी तनु सिंह ने सूझबूझ दिखाते हुए उसे एक कमरे में बंद कर दिया था। वनकर्मियों ने बेहोश कर उसे पिंजरे में कैद किया और जंगल में छोड़ दिया था। चार युवकों को घायल करने वाले तेंदुए को पकड़ लिये जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली थी। हालांकि, एक बार फिर तेंदुआ के दिखाई पड़ने पर ग्रामीणों में बच्चों और पालतू मवेशियों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता और भय व्याप्त हो गया है। वन रेंजर लक्ष्मीकांत दुबे ने बताया कि वनकर्मी लगातार गश्त कर स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

