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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा में रहेंगे. सीएम यहां लगातार दो दिन प्रवास करेंगे. आगामी यूपी विधानसभा चुनाव के शोर के बीच सीएम योगी का मथुरा जाना लोगों का ध्यान खींच रहा है. अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना उजागर होने के बाद से सीएम योगी लगातार मंचों से मथुरा और श्रीकृष्ण जन्मभूमि का जिक्र करते आ रहे हैं. उन्होंने सपा और कांग्रेस पर असली हिंदू हितैषी होने पर मथुरा के मुद्दे पर सपोर्ट करने की चुनौती भी दी है. कहा जा रहा है कि सीएम योगी ने 2022 में भगवान राम के सहारे लगातार दूसरी बार यूपी में सरकार बनाई थी. अब वह 2027 में भगवार श्रीकृष्ण के आशीर्वाद से जीत की हैट्रिक लगाने के प्रयास में हैं.
जन्माष्टमी पर सीएम योगी दो दिनों तक मथुरा में रहेंगे.
लखनऊ/मथुरा: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव का शोर चढ़ने लगा है. ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जन्माष्टमी के मौके पर पहली बार मथुरा पहुंचे हैं. वह राज्य के पहले ऐसे सीएम हैं जो जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा पहुंचे हैं. चुनावी मौसम में सीएम के इस दौरे को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. खास बात यह है कि सीएम दो दिनों के लिए मथुरा आए हैं. इस दौरान वह करोड़ों रुपये की योजनाओं की सौगात भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि वाले जिले को देंगे, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सीएम योगी ने जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा में दो दिनों का प्रवास करने का फैसला क्यों लिया है.
पहले जानते हैं कि सीएम मथुरा को क्या देंगे?
- जन्माष्टमी पर सीएम ब्रजवासियों को करीब 1051 करोड़ रुपये की 229 विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे.
- सीएम योगी 540 करोड़ रुपये से अधिक की 62 परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे, जिसमें करीब 437 करोड़ रुपए की 167 नई परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे.
- सीएम पीएम आवास योजना (शहरी) और सीएम आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों को 72 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि भी अपने हाथों से बांटेंगे.
- अलग-अलग योजनाओं के तहत लाभार्थियों को ट्रैक्टर की चाबी, चेक और प्रमाण पत्र भी सीएम देंगे.
- सीएम योगी 42 करोड़ रुपये की लागत से बने श्री स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का लोकार्पण करेंगे. करीब 20 हजार वर्ग मीटर में बने इस अत्याधुनिक सभागार में एक हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था है.
- इसके अतिरिक्त सीएम योगी मथुरा को कई और भी छोटी बड़ी सौगातें देंगे. सीएम का यूनिवर्सिटी परिसर स्थित अशोका अतिथि गृह में रात में ठहरने का प्रोग्राम है.
जन्माष्टमी के लिए सीएम योगी ने मथुरा को क्यों चुना?
मथुरा भगवान श्रीकृष्ण का जन्मस्थान है. अगर आप कभी मथुरा में बने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में गए होंगे तो आपने देखा होगा कि वहां एक मस्जिद भी है. मंदिर में जिस जगह पर श्रीकृष्ण भगवान के जन्म स्थान यानी कारागृह है उसकी बाउंड्री से ठीक सटी काफी बड़ी मस्जिद है. यहां तक की जब आप मंदिर की छत पर जाते हैं तो वहां आपको सुरक्षाकर्मी चहलकदमी करते दिख जाएंगे जो श्रीकृष्ण के भक्तों को छत के उस हिस्से की तरफ जाने नहीं देते हैं जहां से मस्जिद की दीवारें सटी हुई है. दोनों दीवारें इतनी ज्यादा सटी हुई है कि देखकर ही ऐसा प्रतीत होता है कि मंदिर और मस्जिद एक ही कैंपस में बने हुए हैं.
भारतीय जनता जनता पार्टी (बीजेपी) और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि यह पूरा क्षेत्र हिंदुओं के अराध्य भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि का स्थान है तो भला वहां मस्जिद का क्या काम है. इतिहास का हवाला देकर कहा जाता है कि मुगल शाषकों जिसमें खासकर औरंगजेब ने हिंदुओं के देवी देवताओं का नामो निशान मिटाने के लिए जानबूझकर ऐसी जगहों पर मस्जिद का निर्माण कराया था.
अयोध्या में बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी गई, जिसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले वहां भव्य राम मंदिर बनकर तैयार हो गया है. राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद से ही मथुरा में कृष्ण जन्म स्थान पर बनी मस्जिद को हटाने की बात प्रमुखता से शुरू हो गई. बीजेपी के तमाम नेता और हिंदू संगठन से जुड़े लोग मथुरा की मस्जिद को हटाने की मांग करने लगे हैं.
2026 में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला खुलने के बाद विपक्षी पार्टियां जिसमें खासकर समाजवादी पार्टी लगातार बीजेपी को घेरने में लगी है. चढ़ावा चोरी की वजह से हिंदुओं की आस्था को पहुंची ठेस की वजह से बीजेपी को लगा कि उसे आगामी यूपी विधानसभा चुनाव में नुकसान ना उठाना पड़े. इसी वजह से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चढ़ावा चोरी का मामला खुलने के बाद से लगातार मथुरा की बात करने लगे हैं. मंच से सीएम योगी कहते हैं कि अगर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को वाकई हिंदुओं की आस्था की फिक्र है तो वह कहें कि वह भी मथुरा की लड़ाई में उनके साथ हैं.
सीएम योगी लगातार अपने भाषणों में श्रीकृष्ण जन्मभूमि में बनी मस्जिद को हटाने के लिए प्रयास करने की बात कर रहे हैं. जानकारों का मानना है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी की वजह से बीजेपी की छवि को हुए नुकसान की भरपाई के लिए सीएम योगी इतनी मुखरता से मथुरा के मस्जिद का जिक्र कर रहे हैं. अयोध्या हो या मथुरा दोनों पूरी तरह से भावनात्मक मुद्दे हैं, जिसका बीजेपी को हमेशा फायदा मिलता रहा है.
2022 में राम 2027 में श्रीकृष्ण का सीएम योगी को मिलेगा आशीर्वाद?
साल 2017 और 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव के पूरे प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी पूरे जोर शोर के साथ अयोध्याजी में बन रहे भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का जिक्र करते दिखे थे. 2017 में कहा गया कि अगर राज्य की सत्ता में पार्टी आती है तो जल्द से जल्द भगवान श्रीराम को उनके जन्मस्थान पर विराजमान किया जाएगा. वहीं 2022 में पूरी बीजेपी यही कह रही थी कि उन्हीं के वर्षों की लड़ाई और प्रयास से भगवान राम अपने जन्मस्थान पर विराजमान हो रहे हैं. इस प्रचार का बीजेपी को खूब फायदा हुआ था. दोनों ही चुनावों में बीजेपी को प्रचंड बहुमत वाली जीत मिली. 2022 में लगातार दूसरी बार सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में पार्टी ने यूपी जैसे बड़े राज्य में सरकार बनाई थी.
अब 2027 की जंग सामने है. ऐसे में सीएम योगी भगवान श्रीकृष्ण की शरण में पहुंचे हैं. वह मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पास के पास बनी मस्जिद को हटाने की बात कहकर अपने वोटरों को एक खास संदेश देने की कोशिश में हैं. उनके प्रयास से साफ है कि वह अपने 10 साल की एंटी इनकंबेंसी और चढ़ावा चोरी के दाग को भगवान श्रीकृष्ण के आशीर्वाद से धुमिल करना चाहते हैं. जानकार मानते हैं कि अगर चुनाव आने तक सीएम योगी मथुरा को बड़ा मुद्दा बनाने में सफल हुए तो बीजेपी का जीत की हैट्रिक लगाने से शायद ही कोई रोक पाए. क्योंकि मथुरा एक ऐसा विषय है जिसपर अगर हिंदु वोटरों का ध्यान चला गया तो वहीं पर तमाम जातीय समीकरण और आरोप प्रत्यारोप धराशायी हो जाएंगे.
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अभिषेक कुमार News18 की डिजिटल टीम में बतौर एसोसिएट एडिटर (सहयोगी संपादक) पद पर कार्यरत हैं. वे यहां बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तसीगढ़, उत्तराखंड की राजनीति, क्राइम समेत तमाम समसामयिक…
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