संवाददाता@अमिताभ मिश्रा……

दक्षिणांचल की बहुप्रतीक्षित विद्युत परियोजना अब शुरू होने की दहलीज पर पहुंच गई है। क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही बिजली की समस्या से राहत दिलाने के उद्देश्य से तैयार किए गए किरबिल 132 केवी स्टेशन को 21 मई को सुबह 10 बजे पहली बार ऊर्जीकृत किया जाएगा। परियोजना के शुरू होने से दुद्धी तहसील क्षेत्र के दुद्धी, म्योरपुर, बभनी, बीजपुर और आसपास के इलाकों की विद्युत व्यवस्था में बड़ा सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा निर्माणाधीन 132 केवी पिपरी–सोननगर, म्योरपुर डीसी लाइन का कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया है। विभाग की ओर से संबंधित विभागों, किसानों और आम नागरिकों को चेतावनी जारी करते हुए कहा गया है कि लाइन चार्ज होने के बाद हाईटेंशन तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी होगा।

एसडीओ रामअनंत दुबे ने बताया कि यह हाईटेंशन लाइन म्योरपुर क्षेत्र के रनटोला, कटौधी, मनबसा, सुपाचुआ, फाटपरखना, काशीकुंड, खमरिया टोला और किरबिल ग्राम सभाओं के बीच से होकर गुजरती है। ऐसे में इन गांवों के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। विभाग ने कहा है कि 132 केवी लाइन अत्यंत उच्च क्षमता की होती है और इसके संपर्क में आने से जान-माल का गंभीर खतरा हो सकता है।
विभाग ने किसानों से अपील की है कि बिजली लाइन के नीचे खेती संबंधी कार्य करते समय सावधानी बरतें तथा लंबे कृषि उपकरण, पाइप या मशीनों का उपयोग करते समय विद्युत तारों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। साथ ही बच्चों और पशुओं को भी लाइन के आसपास जाने से रोकने को कहा गया है। अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना के शुरू होने के बाद दक्षिणांचल के विभिन्न उपकेंद्रों को बेहतर और स्थिर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
इससे लो-वोल्टेज और बार-बार होने वाली कटौती की समस्या में काफी हद तक कमी आने की संभावना है। भविष्य में रेलवे को भी इसी परियोजना के माध्यम से बिजली आपूर्ति देने की योजना बनाई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की समस्या बनी हुई थी।
जिसके कारण घरेलू उपभोक्ताओं के साथ उद्योग और व्यवसाय भी प्रभावित होते रहे। ऐसे में किरबिल 132 केवी स्टेशन के शुरू होने से पूरे इलाके को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।