संवाददाता@विशाल टंडन…..

जनपद में गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया 30 मार्च से शुरू हो चुकी है, जो 15 जून तक चलेगी। इस वर्ष प्रशासन ने खरीद व्यवस्था को सरल और किसान हितैषी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिससे किसानों में उत्साह देखा जा रहा है। खाद्य एवं विपणन अधिकारी अमित कुमार चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले भर में कुल 72 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर-दराज के इलाकों में न जाना पड़े। इस वर्ष जनपद को 33,500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला है।
अब तक 179 किसानों से लगभग 1,079 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी क्रय केंद्रों पर छांव, पानी और बैठने की व्यवस्था की गई है। साथ ही किसानों को पहले से टोकन लेने की सलाह दी जा रही है, जिससे उन्हें लंबी प्रतीक्षा से बचाया जा सके। गेहूं की गुणवत्ता की जांच एफसीआई टीम द्वारा की जा रही है, ताकि निर्धारित मानकों के अनुसार ही खरीद सुनिश्चित हो सके। बोरों की कमी को लेकर उठ रही शिकायतों पर अधिकारी ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसी कोई बड़ी समस्या नहीं है।

जरूरत पड़ने पर कोटेदारों से बोरे लेकर आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, जिन क्षेत्रों में किसान क्रय केंद्रों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, वहां के लिए 9 मोबाइल क्रय केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं, जो सीधे किसानों के खलिहानों से गेहूं खरीदेंगे। सबसे बड़ा और राहत देने वाला बदलाव यह है कि अब किसान बिना “फार्मर रजिस्ट्रेशन” के भी सीधे क्रय केंद्रों पर अपनी उपज बेच सकते हैं।
पहले यह प्रक्रिया अनिवार्य होने के कारण कई किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता था और खरीद की गति भी प्रभावित होती थी। नई व्यवस्था से अब खरीद प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। साथ ही किसी भी समस्या या जानकारी के लिए किसान हेल्पलाइन नंबर 9580394671 पर संपर्क कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, गेहूं खरीद की इस नई व्यवस्था से किसानों को बेहतर मूल्य, कम परेशानी और अधिक सुविधाजनक प्रक्रिया मिलने की उम्मीद है।