एनआरएलएम के तहत गठित समूहों का बैंकर्स करें सकारात्मक सहयोग- सीडीओ

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सोनभद्र (राकेश अग्रहरि/मुकेश सिंह)

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सोनभद्र।  ऋण जमा अनुपात में खराब स्थिति वाले बैंक भारतीय स्टेट बैंक, यूबीआई, यूकों बैंक, पंजाब नैषनल बैंक, आईडीबीआई बैंक, इण्डियन बैंक अपने कार्यों में सुधार लायें।मानक से कम ऋण जमा अनुपात ठीक नहीं।बैंकर्स सरकारी योजनाओं व बैंक नीति को नागरिकों के भलाई के लिए समयबद्ध तरीके से क्रियाषील रखें, ताकि बैंक अपने राष्ट्रीकरण के मकसद से पूरा कर सके।ऋण मोचन योजना के लम्बित प्रकरणों को बैंकर्स दो दिनों के अन्दर निस्तारित करना सुनिष्चित करें।उक्त निर्देष मुख्य विकास अधिकारी डाॅ0 महेन्द्र मिश्रा ने कलेक्ट्रेट मीटिंग हाल में मंगलवार को बैंकों की जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं जिला समीक्षा समिति की त्रैमासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिये।उन्होंने कहा कि सोनभद्र जिला एनआरएलएम स्कीम में प्रथम स्थान बनाये रखने के लिए बैंक सकारात्मक सहयोग करें।समूह के खाता खोलने के लिए अनावष्यक रूप से पैन कार्ड की मांग न किया जाय।इस मौके पर बैठक में पिछली कार्यवाही की पुष्टि, राष्ट्रीय उद्देष्यों की उपलब्धि/ऋण-जमा अनुपात, वार्षिक ऋण योजना, वसूली प्रमाण-पत्रों की समीक्षा, किसान क्रेडिट कार्ड, राष्ट्रीय ग्रामीण एवं शहरी आजीविका मिषन, प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्य मंत्री रोजगार योजना, मत्स्य पालन ऋण योजना, काम धेनू/मिनी काम धेनु/माईक्रो कामधेनु ब्याजमुक्त ऋण योजना,कामर्षियल लेयर्स योजना, नई शाखाओं को खोलने पर चर्चा, क्षेत्र विकास योजना, प्रधान मंत्री मुद्रा योजना, स्टैण्ड-अप इण्डिया योजना, सामाजिक सुरक्षा योजना,वित्तीय साक्षरता केन्द्रों की प्रगति, प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना आदि की समीक्षा किया।बैंकों की समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डाॅ0 महेन्द्र मिश्रा के अलावा जिला विकास अधिकारी रामबाबू त्रिपाठी, निदेषक आरसेटी बैंक रवि रंजन, जिला प्रबन्धक एनआरएलएम एम0जी0 रवि, बैंकों के प्रतिनिधिगण, बैंकों के शाखा प्रबन्धकगण सहित अन्य सम्बन्धितगण मौजूद रहें।

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