स्वयं श्रेष्ठ रहकर ही देश को श्रेष्ठ बना सकता है व्यक्ति-डॉ सुरेंद्र

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डाला (गुड्डु तिवारी/राकेश अग्रहरि)

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डाला। जब ब्यक्ति स्वंय में श्रेष्ठ रहेगा तभी देश को श्रेष्ट बना सकता है।कोई भी देश किसी दुर्बल ब्यक्ति का प्रवचन नहीं सुनता है।उक्त बाते जय ज्योति इँटर कालेज में आयोजित स्वामी विवेकानन्द जयंती पर  स्थानीय जय ज्योति इँटरमीडिएट कालेज में स्वामी विवेकानन्द जयंन्ती ओबरा इँटर कालेज के पूर्व प्रवक्ता व राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के वरिष्ठ स्वंयसेवक डा. सुरेन्द्र वर्नवाल ने कही।कार्यक्रम का प्रारंभ स्वामी विवेकानन्द के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलन कर हुआ।

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मुख्य अतिथि डा.बर्नवाल ने कहा कि विवेकानन्द ने पुरे विश्व में भारतीयता, वेदो व संस्कृति का डंका बजाया।ज्ञान, भक्ति व बैराग्य का जीवन जीने वाले विवेकानन्द ने रामकृष्ण मिशन कि स्थापना कर गरीबी व शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करना शुरू किया।जाति पाति व भेद भाव कि दुरी को मिटाने के लिए घर घर जाकर लोगो को देश भक्ति के प्रति जागृत किया।देश के प्रति नाकारात्मक धारणा व निराशा रखने वालो को ज्ञान दिया।उन्होने युवाओ से कहा कि एक घँटा प्रतिदिन देव स्थलो पर जाकर भारत माता कि उपासना करो।ब्यक्ति में जैसे जैसे देश भक्ति बढती है वैसे वैसे ही उसमें शक्ती बढती है।कार्यक्रम कि अध्यक्षता कर रहे प्रधानाचार्य अतुल कुमार पांडेय ने विवेकानन्द के जीवन से प्रेरणा लेने कि बात कह कर कार्यक्रम समाप्ती की घोषणा की।कार्यक्रम का संचालन श्रीकांत दिवेदी ने किया।इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ केे खण्ड कार्यवाह गिरीश चन्द्र त्रिपाठी, हरिशचन्द पाण्डेय, अमितेश, सुनील चौहान, रमेश उपाध्या आदि लोग मौजूद रहे।

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